बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर उठाए सवाल, पूरे देश में चुनाव होते हैं, चुनाव के बाद सिर्फ बंगाल में ही हिंसा क्यों होती है?

बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर उठाए सवाल, पूरे देश में चुनाव होते हैं, चुनाव के बाद सिर्फ बंगाल में ही हिंसा क्यों होती है?

भाजपा केंद्रीय फैक्ट फाइंडिंग टीम के संदेशखाली पहुंचने पर भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आज संदेशखाली आकर दुख भी हुआ और अच्छा भी लगा। महिलाओं के चेहरे पर आशा देखी, लड़ने का जज़्बा देखा। हमारी उम्मीदवार रेखा पात्रा 4.5 लाख वोट लाई है। लेकिन यहां उनको पानी पीने नहीं दिया जाता। क्योंकि कहते हैं कि ममता बनर्जी ने पंप लगाया है तुमने वोट नहीं दिया, पानी नहीं मिलेगा। ये दुर्भाग्यपूर्ण है। उनको धमकी दी जाती है कि कुछ करोगी तो कार्रवाई करेंगे। हम अपेक्षा करेंगे कि इनको सुरक्षा दी जाएगी।
पत्रकारों से बातचीत में प्रसाद ने कहा, 'मुझे सिर्फ एक बात कहनी है। पूरे देश में चुनाव होते हैं, चुनाव के बाद सिर्फ बंगाल में ही हिंसा क्यों होती है? ग्राम पंचायत चुनाव और विधानसभा चुनाव के दौरान भी हिंसा हुई थी। आज फिर हिंसा की खबरें आ रही हैं। उन्होंने पूछा कि क्या कारण है कि हमारे कार्यकर्ता डरे हुए हैं, जनता डरी हुई है? यह बहुत गंभीर मामला है। और अगर ममता बनर्जी लोकतंत्र में विश्वास करती हैं, तो उन्हें इसका जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि हमारे एक पार्टी कार्यकर्ता के भाई की हत्या कर दी गई, अब उसे धमकाया जा रहा है। अल्पसंख्यक समुदाय के इतने सारे नेता यहां बैठे हैं और वे ईद मनाने नहीं जा सकते। ममता जी आपके राज्य में क्या हो रहा है?
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, महिलाएं, ओबीसी और अल्पसंख्यक प्रभावित हैं। यह किस तरह का लोकतंत्र है लोगों को अपने घर जाने का अधिकार है। हमारी पार्टी इन लोगों के साथ है। मैं अपनी पार्टी के कानूनी प्रकोष्ठ से अनुरोध करता हूं कि वे इन लोगों के डिटेल के साथ हाई कोर्ट में अपील करें और सुरक्षा की मांग करें।
रविशंकर प्रसाद और पार्टी सांसदों बिप्लब कुमार देब, बृज लाल और कविता पाटीदार सहित चार सदस्यीय भाजपा टीम रविवार को राज्य में स्थिति का आकलन करने के लिए पहुंची। इससे पहले, पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा की जांच के लिए गठित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तथ्य-खोजी समिति ने मंगलवार को दक्षिण 24 परगना जिले में चुनाव के बाद हुई हिंसा के पीड़ितों से मुलाकात की और उनकी शिकायतें सुनीं। पीड़ितों से बातचीत करने वाली तथ्य खोजी समिति के सदस्यों में विधायक अग्निमित्रा पॉल, पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद रविशंकर प्रसाद और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद बिप्लब कुमार देब शामिल हैं।
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