रेलवे द्वारा महिला यात्रियों की सुविधा के लिये विशेष प्रयास

रेलवे द्वारा महिला यात्रियों की सुविधा के लिये विशेष प्रयास

रेलवे सदैव अपने यात्रियों को बेहतर सेवा देने के लिए कटिबद्ध है। रेलवे द्वारा महिला यात्रियो के सफर को सुगम बनाने तथा उनकी समस्याओं को ध्यान में रखकर विशेष सुविधायें प्रदान करने के साथ-साथ अतिरिक्त सुविधाएं दी जा रही हैं।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी श्री तरूण जैन के अनुसार रेलवे द्वारा महिला यात्रियों को विशेष सुविधायें प्रदान की जाती है रेलवे द्वारा महिला कोच, नीचे की बर्थ का कोटा, महिला कोटा, महिला कोटा का आवंटन, किराये में रियायत जैसी सुविधायें प्रदान करने के साथ आरक्षण केन्द्र पर विशेष व्यवस्थाए, महिला प्रतीक्षा कक्ष, बेबी फीडिंग कॉर्नर, सेनेटरी नैपकीन वेडिंग मशीन, महिला सुरक्षा तथा महिला सशक्तिकरण के कार्य किये गये है।
रेलवे द्वारा महिलाओं को निम्न सुविधायें प्रदान की जा रही है तथा कार्य किये जा रहे है-
1. महिला कोच- लम्बी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों में महिलाओं के लिए एक अलग अनारक्षित डिब्बा लगा होता है, जो गार्ड के केबिन से जुड़ा होता है।
2. नीचे की बर्थ का कोटा- सभी मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों में जिनमें आरक्षित सोने की व्यवस्था है, उनमें वरिष्ठ नागरिकों के साथ-साथ 45 वर्ष या अधिक आयु की महिला यात्रियों के लिए तथा गर्भवती महिलाओं के लिए शयनयान श्रेणी के प्रत्येक डिब्बें में 06 नीचे की बर्थ का तथा थर्ड एसी/सैकण्ड एसी के प्रत्येक डिब्बें में 03 नीचे की बर्थ का संयुक्त कोटा होता है। राजधानी/दुरंतो या पूर्णतया वातानुकूलित एक्सप्रेस ट्रेनों में यह कोटा 03 नीचे की बर्थ के स्थान पर 04 नीचे की बर्थ का होता है।
3. महिला कोटा- गरीबरथ एक्सप्रेस ट्रेन में थर्ड एसी श्रेणी में 06 बर्थ का पृथक कोटा महिलाओं के लिए दिया गया है, जिसमें आयु का कोई बंधन नहीं है। इस कोटे का उपयोग केवल महिला यात्रियों द्वारा किया जायेगा जो अकेले या महिला समूह में यात्रा कर रही हैं। आरक्षण सुविधा वाली गाड़ियों में मेल/एक्सप्रेस गाड़ियों के शयनयान श्रेणी में 06 बर्थ का कोटा महिलाओं के लिए चिन्हित किया गया है।
4. महिला कोटा का आवंटन- वर्तमान में महिलाओं के लिए कोटे की सीटों के उप
योग में संशोधन किये गये है। प्रथम आरक्षण चार्ट बनने तक इस कोटे में सिर्फ अकेली महिला या महिलाओं के समूह का आरक्षण होगा। प्रथम आरक्षण चार्ट के तैयार होते समय अप्रयुक्त महिला कोटे के सीटों को पहले महिला वेटिंग यात्रियों को दिया जायेगा। तत्पष्चात् बची हुई महिला कोटे की बर्थ वरिष्ठ नागरिकों को दी जायेगी। प्रथम आरक्षण चार्ट बनने के बाद अकेली महिला यात्रियों को तथा वरिष्ठ नागरिकों को बर्थ आवंटन के पश्चात् भी यदि महिला कोटे की बर्थ बचती है, तो कार्यरत टिकट चैकिंग स्टाफ इन बर्थों को आंषिक कन्फर्म टिकटों पर अन्य महिला/वरिष्ठ नागरिकों को आवंटित कर सकेगा। इसके लिए उन्हें आरक्षण चार्ट में आवष्यक प्रविष्ठियॉ करनी होगी।
5. किराये में रियायत- वरिष्ठ नागरिक महिला यात्रियों की आयु 58 वर्ष या अधिक होने पर सभी मेल/एक्सप्रेस गाड़ियों के मूल किराये में 50 प्रतिशत की रियायत का प्रावधान है। यात्रा के दौरान महिला यात्री को अपनी आयु का निर्धारित प्रमाण पत्र साथ रखना होगा।
6. आरक्षण केन्द्र पर विशेष व्यवस्थाएं- सभी महत्वपूर्ण स्टेशनों पर आरक्षण कार्यालय में महिलाओं के लिए पृथक लाइन की व्यवस्था होती है, जिसमें कोई महिला वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों, विदेषी पर्यटकों के साथ अपना टिकट आरक्षित करवा सकती है।
7. अन्य सुविधाएं- महत्वपूर्ण स्टेशनों पर महिलाओं के लिए पृथक महिला प्रतीक्षा कक्ष की व्यवस्था होती है, जहॉ महिलाओं के साथ 12 वर्ष से कम आयु के बच्चे गाड़ी के आगमन/प्रस्थान के समय प्रतीक्षा कर सकते है। बेबी फीडिंग कॉर्नर में महिला अपने षिषुओं को स्तनपान करवा सकती है। उत्तर पष्चिम रेलवे पर बेबी फीडिंग कॉर्नर अजमेर, उदयपुर सिटी, आबूरोड, बीकानेर, रतनगढ़, चूरू, जयपुर, अलवर, रेवाड़ी, जोधपुर में स्थापित किये गये हैं।
8. स्वच्छता- महिलाओं को बेहतर स्वच्छता सुविधा प्रदान करने के उद्देष्य से प्रमुख स्टेशनों पर सेनेटरी नैपकीन वेडिंग मशीन तथा इन्सीनरेटर मशीन लगाये जा रहे है। उत्तर पष्चिम रेलवे पर अजमेर, उदयपुर, आबूरोड, सादुलपुर, श्रीगंगानगर, बीकानेर, गांधीनगर जयपुर और जोधपुर स्टेशनों पर सेनेटरी नैपकीन वेडिंग मशीन तथा इन्सीनरेटर मशीन लगाई गई है।
9. महिला सुरक्षा- स्टेशनों तथा रेलगाड़ी में महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए अखिल भारतीय महिला हैल्पलाइन दूरभाष संख्या 1091, रेल सुरक्षा बल हैल्पलाइन संख्या 182 तथा जीआरपी हैल्पलाइन संख्या 1512 उपलब्ध कराई गई हैं। आपातकाल में महिला यात्री इन नम्बरों पर डायल कर सहायता प्राप्त कर सकती है। बेहतर सुरक्षा के लिए स्टेशनों एवं गाड़ियों में सीसीटीवी कैमरे लगाये जा रहे है।
10. महिला सषक्तिकरण- महिला सषक्तिकरण की दिषा में पहल करते हुए उत्तर पष्चिम रेलवे का गांधीनगर जयपुर स्टेशन सम्पूर्ण भारतीय रेल में पहला गैर उपनगरीय स्टेशन बना है, जो पूर्णतया महिलाओं द्वारा संचालित किया जा रहा है। यहाँ सभी 40 पदों पर स्टेशन मास्टर से कांटेवाला, मुख्य आरक्षण पर्यवेक्षक, टिकट संग्राहक से रेल सुरक्षा बल की कमान महिलाओं द्वारा संभाली जा रही है।
11. खानपान ठेका- सभी श्रेणी के स्टेशनों पर खानपान ठेकों में लघु खानपान इकाईयों की आरक्षित रेणी में एक तिहाई उपकोटा महिलाओं के लिए आवंटित करने का प्रावधान है।