जनजाति क्षेत्र के विकास के लिए सरकार कर रही अभूतपूर्व कामः मीणा  

   जनजाति क्षेत्र के विकास के लिए सरकार कर रही अभूतपूर्व कामः मीणा  

  प्रतापगढ़, 3 अगस्त। जनजाति क्षेत्राय विकास विभाग मंत्री नंदलाल मीणा ने कहा है कि राज्य सरकार जनजाति क्षेत्रा के विकास के लिए अभूतपूर्व कार्य कर रही है। जनजाति क्षेत्रा के लोगों को इसका लाभ मिल रहा है। जरूरत इस बात की है कि राज्य  सरकार की ओर से दिए जा रहे बजट एवं संसाधनों का समुचित सदुपयोग हो और जनजाति क्षेत्र के अंतिम छोर के व्यक्ति तक इनका लाभ पहुंचे।
मीणा गुरुवार को जनजाति क्षेत्राय विकास विभाग की ओर से जिला मुख्यालय स्थित बालक छात्रावास में आयोजित राज्य स्तरीय जनजाति खेल प्रतिभा सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। समारोह के दौरान राष्ट्रीय, राज्य एवं जिला  स्तर की 460 खेल प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। जनजाति मंत्री मीणा ने कहा कि जनजाति क्षेत्रा में काम करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों का यह दायित्व है कि वे योजनाओं का समुचित लाभ जनजाति क्षेत्र के लोगों तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि आज गांव-गांव में छात्रावास खोले गए हैं। इन छात्रावासों के जरिए आदिवासी बच्चों की प्रतिभा में निखार आना चाहिए। जनजाति इलाके के बच्चे हर क्षेत्र में आगे बढें, आरएएस व आईएएस जैसी परीक्षाओं में अपना स्थान बनाएं। उन्होंने कहा कि खेल प्रतिभाओं के विकास के लिए भी राज्य सरकार ने बहुत काम किया है। जनजाति क्षेत्रा की खेल प्रतिभाओं में अपार संभावनाएं है। जरूरत इस बात की है कि इनकी प्रतिभा को तराशा जाए ताकि ये बच्चे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्रा का नाम रोशन कर सकें। उन्होंने छात्रावासों के निरीक्षण व रखरखाव के लिए संभाग स्तर पर ग्यारह सदस्यीय समिति बनाने के लिए भी टीएडी कमिश्नर भवानीसिंह देथा को निर्देश दिए।
समारोह में बतौर अतिथि संबोधित करते हुए ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज राज्य मंत्री धनसिंह रावत ने कहा कि सम्मानित प्रतिभाएं लिंबाराम जैसे खिलाड़ियों से प्रेरणा लें, जिन्होंने गरीबी, संसाधनों के अभाव के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर तक नाम कमाया। आज तो सरकार खेल प्रतिभाओं के विकास  के लिए करोड़ों खर्च कर रही है, संसाधन मुहैया करा रही है। उन्होंने जनजाति मंत्री नंदलाल मीणा द्वारा संपूर्ण जनजाति क्षेत्रा में निष्पक्ष भाव से कराए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने जनजाति क्षेत्रा के विकास में अद्भुत योगदान दिया है।
जलदाय विभाग के राज्य मंत्री सुशील कटारा ने कहा कि पढाई और खेल दोनों ही क्षेत्रों में यहां बहुत प्रतिभाएं हैं लेकिन उन्हें तराशने के लिए बहुत काम करने की दरकार है। साथ ही क्षेत्रा के युवाओं के कौशल विकास की दिशा में काम किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनजाति मंत्री नंदलाल मीणा के प्रयासों से राज्य सरकार ने जनजाति क्षेत्रा में बहुत काम कराए हैं तथा प्रत्येक क्षेत्रा में समुचित  संसाधन दिए हैं। संसदीय सचिव भीमाभाई ने कहा कि जनजाति क्षेत्रा में गरीबी व अशिक्षा के अभिशाप को समाप्त करने के लिए राज्य सरकार की ओर से उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है एवं समुचित सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है। प्रत्येक व्यक्ति  को जागरुक होकर इनका लाभ उठाना चाहिए।
अतिरिक्त मुख्य सचिव जे सी मोहंती ने देश में पहली बार किसी राज्य में जनजाति विकास को लेकर इतना काम किया जा रहा है। तीन साल में 13 खेल छात्रावास क्षेत्रा में खोले गए हैं, सैंकड़ों युवाओं को जिनका लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री राज्य में खेलों के विकास एवं जनजाति क्षेत्रा में सुविधाओं के विस्तार को लेकर अत्यंत गंभीर हैं तथा इस दिशा में व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने जनजाति क्षेत्रा के अनेक बच्चों को नाम लेकर जिक्र करते हुए कहा कि ये बच्चे ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं।
जनजाति क्षेत्राय विकास विभाग के आयुक्त भवानीसिंह देथा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए आयोजन की रूपरेखा के बारे में बताया। जिला कलक्टर नेहा  गिरि ने आभार जताया। इस दौरान राजस्थान जनजाति आयोग की अध्यक्ष प्रकृति खराड़ी, सलूंबर विधायक अमृतलाल, धरियावद विधायक गौतम लाल मीणा, घाटोल विधायक नवनीत लाल निनामा, सागवाड़ा विधायक अनीता कटारा, जिला प्रमुख सारिका मीणा ने भी विचार व्यक्त करते हुए जनजाति क्षेत्रा के विकास के लिए मुख्यमंत्री वसुंंधरा राजे व जनजाति मंत्री नंदलाल मीणा की सराहना की। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी जयंतीलाल निनामा, नरेश डामोर व धनेश्वर महिड़ा, जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष जितेंद्र मीणा, उदयपुर ग्रामीण फूलसिंह मीणा, खैरवाड़ा विधायक नानालाल, आसपुर विधायक गोपीलाल, गोगुंदा विधायक प्रतापलाल, पुलिस अधीक्षक शिवराज मीणा, सभापति कमलेश डोसी, प्रतापगढ प्रधान कारीबाई, अरनोद प्रधान सुमन मीणा, धरियावद प्रधान रूपलाल, अतिरिक्त संभागीय आयुक्त हर्ष सावन सूखा,  एडीएम हेमेंद्र नागर, सीईओ डॉ वीसी गर्ग, टीएडी परियोजना अधिकारी जगदीश चंद्र हेड़ा, डीआईओ प्रमोद कुमार शर्मा सहित संभाग के जनप्रतिनिधि, अधिकारी, खिलाड़ी, प्रबुद्ध नागरिक, मीडियाकर्मी एवं विद्यार्थीगण मौजूद थे। संचालन सुधीर बोहरा, रेखा बोहरा व जगदीश साल्वी ने किया।
460 खिलाड़ी हुए सम्मानित
समारोह के दौरान प्रतापगढ, उदयपुर, बांसवाड़ा, बारां, सिरोही, डूंगरपुर जिले के 460 खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। इसमें 42 राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व करने वाले व मेडल लेने वाले, 111 राज्य स्तर पर प्रथम तीन स्थान पर रहने वाले एवं 307 जिला स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर राज्य स्तर पर भाग लेने वाले खिलाड़ी शामिल हैं। इसके अलावा प्रत्येक जिले से दो-दो छात्रावास अधीक्षकों, दसवीं व बारहवीं परीक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले 40 विद्यार्थियों, श्रेष्ठ परिणाम देने वाले ढीकली व टीमरवा के एकलव्य मॉडल स्कूलों को सम्मानित किया गया। साथ ही बोर्ड परीक्षाओं में 65 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाली बालिकाओं को स्कूटी प्रदान की गई।
स्वांग नृत्य ने मन मोहा
समारोह के दौरान लोक कलाकार गोपाल धानुका के निर्देशन में लोक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत सहरिया स्वांग नृत्य ने अतिथियों व दर्शकों का मन मोह लिया। नंदकिशोर, मोहन, मंगल, सुदामा आदि कलाकारों ने बेहतरीन प्रस्तुति देकर लोक संस्कृति की झलक पेश की। सांस्कृतिक प्रस्तुति पर मुग्ध राज्य  मंत्री कटारा सहित विभिन्न विशिष्ट व्यक्ति भी प्रस्तुति को अपने मोबाइल में कैद करते नजर आए। टीमरवा स्कूल की बालिकाओं ने भी सांस्कृतिक प्रस्तुति दी।
राज्य भर में देखा गया समारोह
जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग की ओर से हुए राज्य स्तरीय जनजाति खेल प्रतिभा सम्मान समारोह का सीधा प्रसारण राज्य के समस्त जिलों किया गया। डीआईओ प्रमोद कुमार शर्मा ने बताया कि जिला कलक्टर नेहा गिरि की पहल पर सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से आयोजन का सीधा प्रसारण समस्त जिलों में कराया गया। इंटरनेट वेबकास्टिंग के जरिए सवेरे 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक समस्त जिलों के कलक्ट्रेट में लगी एलईडी स्क्रीन पर समारोह का सीधा प्रसारण किया गया। समारोह स्थल पर भी बड़े आकार की एलईडी वाल लगाई गई, जिसके चलते भारी भीड़ के बावजूद समारोह में मौजूद लोग इसके सम्मान के साक्षी बने। 
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