तिरंगे की आड़ में महंगाई और बेरोजगारी से ध्यान हटाना चाहती है केन्द्र सरकार - खाचरियावास

तिरंगे की आड़ में महंगाई और बेरोजगारी से ध्यान हटाना चाहती है केन्द्र सरकार - खाचरियावास

जयपुर, 04 अगस्त, 2022 खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास ने आज संवाद दाताओं से वार्ता करते हुये कहा कि तिरंगा हमारी आन-बान और शान का प्रतीक है। भारत का हर नागरिक तिरंगे को अपना धर्म मानता है लेकिन केन्द्र की भाजपा सरकार महंगाई, बेरोजगारी और अपने पापो से ध्यान हटाने के लिये तिरंगे का सहारा ले रही है। सावन के महीने में आटा, दाल, चावल, दही, छाछ, मैदा, सूजी, मुरमुरे, मखाने जैसी रोजमर्रा की चीजों पर 5 प्रतिशत टैक्स लगाकर भाजपा ने महापाप किया है और अब तिरंगा अभियान की आड़ में भाजपा अपने इस महापाप को छुपाना चाहती है।
खाचरियावास ने कहा कि पहले भी कांग्रेस की सरकारों ने पूरे देश में घर-घर तिरंगा अभियान चलाया है। 15 अगस्त को हर व्यक्ति शान से अपने घर पर भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लहराता है लेकिन भाजपा ने तो इस अभियान का भी पूरी तरह से राजनीतिकरण कर दिया। भाजपा सिर्फ महंगाई और बेरोजगारी से ध्यान हटाने के लिये इस तरह के अभियान चलाती है जिससे लोग भुखमरी, महंगाई, बेरोजगारी और भाजपा सरकार के धोखे की बात ही नहीं करे और सिर्फ इस तरह के अभियानों में षामिल होकर भाजपा सरकार की असफलताओं पर ध्यान नहीं दे पाये।
खाचरियावास ने कहा कि तिरंगे की आन-बान और शान के लिये देश का हर नौजवान 24 घंटे मरने-मिटने के लिये तैयार है लेकिन भाजपा को महंगाई, बेरोजगारी और भुखमरी के कारण बच्चों की आंख के आंसू दिखाई नहीं देते। आटे पर टैक्स लगाकर भाजपा ने यह साबित कर दिया है कि उसे देश के पचास करोड़ लोगां के पेट भरने से कोई मतलब नहीं है क्योंकि पचास करोड़ लोग रोज कमाते-खाते हैं, उन्हें आटा खरीदकर ही अपने परिवार का पेट भरना पड़ता है। जो सरकार आटे पर टैक्स लगा सकती है वो किसी का भला नहीं कर सकती।
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