7 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म के बाद ह्त्या के मामले में आरोपी को मृत्युदंड की सजा, सीएम ने की पुलिस की तारीफ तो डीजीपी ने पीठ थपथपाई

7 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म के बाद ह्त्या के मामले में आरोपी को मृत्युदंड की सजा, सीएम ने की पुलिस की तारीफ तो डीजीपी ने पीठ थपथपाई

नागौर 22 अक्टूबर। पादूकलां थाना क्षेत्र निवासी 7 वर्षीय बालिका की दुष्कर्म के बाद हत्या करने के मामले में कोर्ट ने शुक्रवार को आरोपी दिनेश जाट पुत्र रामचंद्र जाट (26) निवासी गांव केरिया माकड़ा थाना पादूकलां को अधिकतम सजा मृत्युदण्ड के दण्ड से दण्डित किया है। इस मामले में प्रशासन गाँवों के संग अभियान के तहत नागौर में ग्राम निम्बोला बिस्वा में शुक्रवार को मुख्यमंत्री, राजस्थान सरकार श्री अशोक गहलोत द्वारा भी पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करने के सम्बन्ध में पुलिस विभाग की प्रशंसा की है एवं महानिदेशक पुलिस, राजस्थान श्री एम एल लाठर द्वारा पुलिस टीम द्वारा बेहतर कार्य करने की प्रशंसा की है।
डीजीपी श्री एम एल लाठर ने बताया कि 20 सितम्बर 2021 को दिन में समय करीब 3 बजे सात वर्षीय नाबालिग बच्ची को आरोपी दिनेश जाट बहला फूसलाकर अपने साथ ले गया था। बालिका के पिता की रिपोर्ट पर थाना पादूकलां पर प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान थानाधिकारी अशोक विस्सु द्वारा प्रारम्भ किया गया। अनुसंधान के दौरान सात वर्षीय बच्ची की लाश खेत की सीव पर पेड़ की आड़ में छुपाई हुई मिली। जिसके शरीर पर जगह जगह चोट के निशान थे। घटना की गम्भीरता को देखते हुए महानिरीक्षक पुलिस, अजमेर रेंज एवं पुलिस अधीक्षक, नागौर तुरन्त मौके पर पहुंचे। तकनीकी टीम व एफएसएल टीम को बुला घटना स्थल से समस्त भौतिक साक्ष्य एकत्रित किये गये। बालिका का मेडिकल मुआयना व पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से करवा प्रकरण का अनुसंधान वृत्ताधिकारी डेगाना नन्दलाल सैनी से करवाया गया।
सात वर्षीय बच्ची का अपहरण, दुष्कर्म व हत्या के इस मामले में स्थानीय नागरिकों में आक्रोश व्याप्त था। पुलिस की विशेष टीमें गठित की जाकर अगले दिन ही आरोपी दिनेश जाट को गिरफ्तार कर लिया। सम्पूर्ण अनुसंधान से आरोपी के विरूद्ध अपराध प्रमाणित माना जाकर मात्र 6 दिन में आरोप पत्र 27 सितम्बर को पोक्सो न्यायालय मेड़ता शहर में पेश किया गया।
आरोपी को कठोरतम सजा दिलवाने के सम्बन्ध में महानिरीक्षक पुलिस, अजमेर रेंज द्वारा आवाज दो (Speak Up ) अभियान के अन्तर्गत प्रकरण को केस ऑफिसर स्कीम में चयन किया गया। नियमित रूप से निगरानी की गई तथा पैरवी करवाने हेतु विशेष अधिकारी को मनोनीत किया गया। कोर्ट द्वारा 28 सितम्बर से ट्रायल शुरू कर दिन प्रतिदिन सम्बन्धित गवाह तलब किये गये। न्यायालय द्वारा समस्त साक्ष्यों का विचारण करने के उपरान्त आरोपी दिनेश जाट को गुरुवार 21 अक्टूबर को दोषी करार दिया जाकर फैसला सुरक्षित रखा गया। मात्र 24 दिन में फैसला सुनाते हुए शुक्रवार को आरोपी दिनेश जाट को मृत्युदण्ड के दण्ड से दण्डित किया है ।
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