दुष्कर्म पीडिता नाबालिग द्वारा सरकार से इच्छामृत्यु माँगे जाने से पूरा प्रदेश शर्मसार : पायलट

दुष्कर्म पीडिता नाबालिग द्वारा सरकार से इच्छामृत्यु माँगे जाने से पूरा प्रदेश शर्मसार : पायलट

जयपुर, 10 मार्च। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री सचिन पायलट ने प्रदेश में महिला उत्पीडऩ के बढ़ते मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
श्री पायलट ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं की दुर्दशा के पीछे सरकार द्वारा महिला उत्थान व सुरक्षा से जुड़े मामलों की अनदेखी मुख्य रूप से जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि भरतपुर जिले में दुष्कर्म पीडि़त एक नाबालिग बच्ची को न्याय नहीं मिलने से उसके द्वारा व्यथित होकर सरकार से इच्छा मृत्यु की माँग की गई है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार श्रीगंगानगर व जयपुर में युवतियों के साथ छेड़छाड़ व अगवा करने की घटनाओं को दिनदहाड़े अंजाम दिया गया है जिससे साफ पता चलता है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की लचरता के कारण महिलाएं सुरक्षित नहीं है।
उन्होंने कहा कि कल ही राजस्थान विधानसभा में 12 वर्ष तक की आयु की बच्चियों के साथ दुष्कर्म के मामलों में मृत्युदण्ड का प्रावधान किया गया है और गत् दिनों प्रधानमंत्री ने झुंझुनूं जिले में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ मुहिम के तहत् राष्ट्रीय पोषण मिशन की शुरूआत की है जबकि सच्चाई यह है कि जैण्डर बजटिंग के मामलें में प्रदेश में अनेकों अनियमितताएं कैग रिपोर्ट में सामने आयी है। उन्होंने कहा कि कैग रिपोर्ट के अनुसार कई मदों में आवंटित राशि का मात्र 0.37 प्रतिशत ही खर्च किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2012-13 में जैण्डर बजटिंग के तहत् आवंटित राशि का लगभग 80 प्रतिशत खर्च किया गया था उसके विपरीत भाजपा के राज में वर्ष 2016-17 में 60 प्रतिशत के आसपास ही खर्च किया गया है। उन्होंने कहा कि कैग रिपोर्ट के अनुसार अधिकांश योजनाओं में 0.37 प्रतिशत से 27 प्रतिशत तक ही खर्च हुआ है जिससे साफ पता चलता है कि सरकार की प्राथमिकता में महिला सुरक्षा व सशक्तिकरण बिल्कुल नहीं है। उन्होंने कहा कि सिर्फ नारे देने व दावे करने से महिलाएं सुरक्षित नहीं होती, महिलाओं व बच्चों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए जिस दृढ़ इच्छाशक्ति की आवश्यकता है वह ना तो प्रदेश की भाजपा सरकार में है और ना ही प्रदेश के प्रशासन में इस वर्ग को न्याय दिलवाने के लिए कोई प्राथमिकता है।