एस.एम.एस की स्वाईनफ्लू जांच सही पायी गई

एस.एम.एस की स्वाईनफ्लू जांच सही पायी गई

जयपुर, 9 मार्च । चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री कालीचरण सराफ के निर्देष पर सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज में स्वाईनफ्लू के सैम्पल जांच रिपोर्ट की गुणवत्ता के बारे मे गठित कमेटी ने अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत कर दिया गया है। चिकित्सा षिक्षा विभाग के शासन सचिव श्री आनन्द कुमार की अध्यक्षता मे गठित इस कमेटी के प्रतिवेदन के अनुसार एस.एम.एस. की स्वाईनफ्लू जांच की रिपोर्ट सही पायी गई है।
श्री सराफ ने बताया कि एस.एम.एस. मे पॉजिटिव पाये गये की पुख्ता व्यवस्थाये है। अत्याधुनिक मषीनों पर तकनीकी रूप से प्रषिक्षित तकनीषियनों द्वारा विषेषज्ञ चिकित्सकों की देख-रेख में स्वाईनफ्लू सैम्पल्स की जांच की जाती है। उन्होनें बताया कि जांच कमेटी को एस.एम.एस. की स्वाईनफ्लू जांच मे पॉजिटिव पाये गये 4 सैम्पल्स की पुनः जांच कराने के निर्देष दिये गये थे। इन चारो सैम्पल्स की ई.एच.सी.सी. हॉस्पिटल की लैब मे पुनः जांच करवायी गई और चारो सैम्पल पॉजिटिव ही पाये गये।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि एस.एम.एस. मेडिकल कॉलेज में स्वाईनफ्लू जांच लैब का गुणवत्ता नियंत्रण नेषनल इन्स्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी पूना द्वारा सुनिष्चित किया जाता हैं। हर बैच मे सैम्पल जांच के साथ ही नेगेटिव कन्ट्रोल भी लगाये जाते हैं। नेगेटिव कन्ट्रोल के तहत हर सैम्पल की जांच के दौरान एक सैम्पल केवल रियेजेन्ट्स का लगाने से इसकी गुणवत्ता की निरन्तर जांच होती रहती है।
एस.एम.एस. हॉस्पिटल की माईक्रोबायोलॉजिस्ट डॉ. भारती मल्हौत्रा ने बताया कि स्वाईनफ्लू के इन्फैक्षन होते हुए भी कई कारणों से सामान्य लैब में सैम्पल जांच नेगेटिव आ सकती है। उन्होनें बताया कि स्वाईनफ्लू जांच रिपोर्ट में भी यह अंकित किया जाता है कि नेगेटिव रिपोर्ट का आषय यह नहीं है कि इस सैम्पल मे कोई इन्फैक्षन नहीं है। सही सैम्पल कलैक्ट नहीं होना, सैम्पल मे पीसीआर इनेवीटर होना, कम मात्रा मे वायरस का होना इत्यादि कारणों से सैम्पल जांच रिपोर्ट नेगेटिव आ सकती हैं।