सुओमोटो के तहत आवासीय कॉलोनी की सड़क सीमाओं को किया अतिक्रमण मुक्त

सुओमोटो के तहत आवासीय कॉलोनी की सड़क सीमाओं को किया अतिक्रमण मुक्त

जयपुर 21 सितम्बर। जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा जोन-11 में खातेदारी करीब 1.5 बीघा कृषि भूमि पर नवीन अवैध कॉलोनी को पूर्णतः ध्वस्त किया गया। पीआरएन साउथ व जोन-07 में जविप्रा की बिना अनुमति व स्वीकृति के जीरो सेटबेक पर बिल्डिंग बायलॉज का गंभीर उल्लंघन कर बनाई गई 02 वृहद अवैध व्यावसायिक बिल्डिंग की पुख्ता सीलिंग की कार्यवाही की गई। जोन-09 में सुओमोटो के तहतः आवासीय कॉलोनी की रोड़ सीमाओं को अतिक्रमण मुक्त करवाया।
मुख्य नियंत्रक प्रवर्तन श्री रघुवीर सैनी ने बताया कि जोन-11 के क्षेत्राधिकार में रिंग रोड़, नेवटा बांध के पास अवस्थित ग्राम-कपुरावाला के खसरानं. 823 में करीब 1.5 बीघा निजी खातेदारी कृषि भूमि पर बिना भूरूपान्तरण कराये नवीन अवैध कॉलोनी बसाने के प्रयोजनार्थ बिना जेडीए की अनुमति व स्वीकृति के विगत दिवसों में मौका पाकर रातों-रात बनायी गयी ग्रेवल-मिट्टी की सडके व अन्यं अवैध निर्माण करने की सूचना प्राप्त होते ही अविलंब जोन-11 के राजस्व व तकनीकी स्टॉफ की निशादेही पर प्रवर्तन दस्ते द्वारा जेसीबी मशीन व मजदूरों की सहायता से पूर्णतः ध्वस्त किया जाकर नवीन अवैध कॉलोनी बसाने के प्रयास को विफल किया गया। संबंधित से जेडीए के ध्वस्तीकरण की कार्यवाही का नियमानुसार खर्चा-वसूली की कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। उक्त कार्यवाही प्रवर्तन अधिकारी जोन-11 तथा प्राधिकरण में उपलब्ध जाप्ते, लेबर गार्ड एवं जोन में पदस्थापित राजस्व व तकनिकी स्टॉफ की निशादेही पर प्रवर्तनदस्ते द्वारा सम्पादित की गई।

जेडीए द्वारा जोन-पीआरएन साउथ के क्षेत्राधिकार क्षेत्र में अवस्थित सुमेर नगर-प्रथम जयपुर के भूखण्ड संख्या 332 में क्षेत्रफल करीब 240 वर्गगज में जविप्रा की बिना अनुमति व स्वीकृति के बिल्डिंग बायलॉज का गंभीर वॉयलेशन कर जीरो सेटबेक पर बेसमेंन्ट सहीत 4 मंजिला वृहद अवैध व्यावसायिक बिल्डिंग का निर्माणाधीन होना अवधान में आने पर भूस्वामी को दिनांक 04.09.2022 को धारा 32,33 जविप्रा अधिनियम के तहत नोटिस जारी किया जाकर अवैध निर्माण रूकवाया जाकर उक्त वृहद स्तर के अवैध निर्माण को हटाने हेतु पाबंद किया गया था। इसके बावजूद भी भूस्वामी द्वारा अवैध निर्माण नही हटाया उक्त गंभीर प्रकृति के वृहद अवैध निर्माण के संबंध में तकनिकी व राजस्व टीम से अतिक्रमण प्रफोर्मा रिपोर्ट प्राप्त कर समस्त दस्तावेजों के अवलोकन उपरान्त निर्माणाधीन वृहद अवैध व्यावसायिक बिल्डिंग का निर्माण पूर्ण होकर अवैध रहवास-व्यावसायिक गतिविधियॉ संचालित होने की प्रबल सम्भावनाओं को दृष्टिगत रखते हुये सक्षम स्तर से स्वीकृति उपरान्त कल दिनांक 20.09.2022 को धारा 34(क) का नोटिस जारी कर आज दिनांक 21.09.2022 को उक्त वृहद अवैध व्यावसायिक बिल्डिंग के प्रवेश द्वारों, इत्यादि को इंजिनियरिगं शाखा की मदद से ईटो की दीवारो से चुनवाकर, गेटों पर ताले, सील चपडी लगाकर पुख्ता सीलिंग कार्यवाही की गई। जविप्रा द्वारा सीलिंग में हुये व्यय-खर्चे की नियमानुसार संबंधित से वसूली की जावेगी।
उक्त कार्यवाही प्रवर्तन अधिकारी जोन-पीआरएन साउथ, 13 तथा प्राधिकरण में उपलब्ध जाप्ते, लेबर गार्ड एवं जोन में पदस्थापित राजस्व व तकनिकी स्टॉफ की निशादेही पर प्रवर्तन दस्ते द्वारा सम्पादित की गई।
जेडीए द्वारा जोन-07 के क्षेत्राधिकार क्षेत्र में अवस्थित ग्राम-हरनाथपुरा के खसरा नं. 320 की कृषि भूमि पर बिना भूरूपान्तरण कराये जविप्रा की बिना अनुमति व स्वीकृति के 110 ग 40 फीट क्षेत्रफल में पूर्व निर्मित तीन मंजिला स्कूल की अनियमित वृहद बिल्डिंग पर 40 ग 110 फीट क्षेत्रफल में वृहद तीन नवीन अवैध मंजिलो की पुख्ता सीलिंग की कार्यवाही की गई। उक्त पूर्व निर्मित बिल्डिंग में एस.एस. इन्टरनेशल स्कूल संचालित है। जिसमें ऊपर अब तीन नवीन अवैध मंजिल का वृहद स्तर का अवैध निर्माण करना अवधान में आने पर दिनांक 16.08.2022 को धारा 32,33 जविप्रा अधिनियम के तहत नोटिस जारी किया जाकर अवैध निर्माण रूकवाया जाकर उक्त वृहद स्तर के अवैध निर्माण को हटाने हेतु पाबंद किया गयाथा। इसके बावजूद भी भूस्वामी द्वारा अवैध निर्माण नही हटाया और अवैध निर्माण जारीरखा। उक्त गंभीर प्रकृति के वृहद अवैध निर्माण के संबंध में तकनिकी व राजस्व टीम से अतिक्रमण प्रफोर्मा रिपोर्ट प्राप्त कर समस्त दस्तावेजों के अवलोकन उपरान्त उक्तवृहद स्तर के नवीन तीन मंजिला अवैध व्यावसायिक बिल्डिंग की सक्षम स्तर से स्वीकृति प्राप्त कर कल दिनांक 20.09.2022 को धारा 34(क) का नोटिस जारी कर आज दिनांक 21.09.2022 को उक्त वृहद अवैध व्यावसायिक बिल्डिंग के प्रवेश द्वारों, इत्यादि को इंजिनियरिगं शाखा की मदद से ईटो की दीवारो से चुनवाकर, गेटों पर ताले, सील चपडीलगाकर पुख्ता सीलिंग कार्यवाही की गई। जविप्रा द्वारा सीलिंग में हुये व्यय-खर्चे की नियमानुसार संबंधित से वसूली की जावेगी। उक्त कार्यवाही प्रवर्तन अधिकारी जोन-07, 13, पीआरएन नोर्थ तथा प्राधिकरण में उपलब्ध जाप्ते, लेबर गार्ड एवं जोन में पदस्थापित राजस्व व तकनिकी स्टॉफ की निशादेही पर प्रवर्तन दस्ते द्वारा सम्पादित की गई।
इसी प्रकार माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय डी.बी. सिविल रीट पिटीशन नं. 7688/2019 सुओमोटो के तहत् माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेशो के क्रम में प्रवर्तन प्रकोष्ठ द्वारा आज दिनांक 21.09.2022 को जोन-09 के क्षेत्राधिकार जगतपुरा, ज्ञान विहार यूनिवसिर्टी के पास, लोटस विला अपार्टमेंन्ट के सामने मकानों के आगे रोड़ सीमा में करीब 15 स्थानो पर अतिक्रमण कर बनाये गये 02 चबूतरे, 04 थडीयॉव 09 स्थानों पर लॉन हेतु लगाये गये लोहे के एंगल, जालियां/दीवारो से निर्मित एनक्लोजर, इत्यादी अवैध निर्माण-अतिक्रमणों को जोन-09 के राजस्व व तकनीकी स्टॉफ की निशादेही पर प्रवर्तन दस्ते द्वारा जेसीबी मशीन व मजदूरों की सहायता से ध्वस्त किया जाकर रोड़ सीमा को अतिक्रमण मुक्त करवाया गया। जोन-09 के क्षेत्राधिकार में अवस्थित जगतपुरा, सीबीआई फाटक के पास, तिरूपति नगर में भूखण्ड संख्या-53ए के स्वामी द्वारा अग्र सेटबेक कवर कर व्यावसायिक प्रयोजनार्थ दुकाननुमा कमरें का अवैध निर्माण करना अवधान में आने पर दिनांक 01.11.2021 को धारा 32 जविप्रा अधिनियम का नोटिस जारी किया गया; जिस पर भूस्वामी द्वरा अपीलीय न्यायालय में अपील संख्या-94/2022 दायर की गयी प्रभावी ढ़ग से जविप्रा का पक्ष रखा गया। माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक 28.01.2022 को उक्त अपील का निर्णय दिया गया। निर्णय की पालना में भूस्वामी कोदिनांक 02.09.2022 को सकारण व विधिक नोटिस दिये जाकर अवैध निर्माण हटाने हेतु पाबंद किया गया। भूस्वामी द्वारा अवैध निर्माण नही हटाने पर सक्षम स्तर से स्वीकृति प्राप्त कर आज दिनांक 21.09.2022 को सेटबेक में किये गये अवैध दुकाननुमा कमरें के निर्माण को जोन-09 के राजस्व व तकनीकी स्टॉफ की निशादेही पर प्रवर्तन दस्ते द्वारा जेसीबी मशीन व मजदूरों की सहायता से पूर्णत ध्वस्त किया गया।

जेडीए द्वारा जोन-09 के क्षेत्राधिकार जगतपुरा में अवस्थित नन्दपुरी कॉलोनी के पास जविप्रा स्वामित्व के गैर मुमकिन नाले की करीब 500 वर्गगज सरकारी भूमि पर रातों-रात कब्जे की नियत से अतिक्रमण कर बनायी गयी बाउड्रीवाल व अन्य अवैध निर्माण करने की सूचना प्राप्त होते ही अविलम्ब जोन-09 के राजस्व व तकनिकी स्टॉफ की निशादेही पर प्रवर्तन दस्ते द्वारा जेसीबी मशीन व मजदूरों की सहायता से हटवाया जाकर जविप्रा स्वामित्व-नाले की सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाया गया। उक्त कार्यवाही प्रवर्तन अधिकारी जोन-09, 05 व प्राधिकरण में उपलब्ध जाप्ते, लेबर गार्ड एवं जोन में पदस्थापित राजस्व व तकनीकी स्टॉफ की निशादेही पर प्रवर्तन दस्ते द्वारा सम्पादित की गई।
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