बाल श्रम रोकथाम की प्रभावी मॉनिटरिंग हेतु बैठक

बाल श्रम रोकथाम की प्रभावी मॉनिटरिंग हेतु बैठक

धौलपुर, 21 सितम्बर। बंधक श्रम उन्मूलन एवं प्रभावित व्यक्तियों का पुनर्वास एवं जिला स्तर पर बाल श्रम की रोकथाम की प्रभावी मॉनिटरिंग भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण की बैठक का आयोजन जिला कलक्टर अनिल कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया। बैठक में उन्होंने कहा कि ऐसे बालक जिनकी उम्र 14 साल से कम है और 18 वर्ष की आयु पूर्ण नही की हो इस आयु के बच्चों को धन उपार्जन के उद्देश्य से बच्चे की शिक्षा और विकास को रोका जा रहा है। ऐसे नियोक्ताओं के विरूद्व कानूनी कार्यवाही किया जाना सुनिश्चित किया जाये। सरकार द्वारा 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को मजदूरी करने पर पूरी तरह प्रतिबंधित रखा गया है। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष की आयु से नीचे जोखिम भरा कार्य कराना भी पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है। उन्होंने कहा कि खनन क्षेत्रा, ईट भट्टों पर पूर्ण तरह निगरानी रखते हुए जागरूकता अभियान चलायें। विद्यालयों में प्रार्थना सभा में भी बच्चों को बाल श्रम के प्रति जागरूक करते हुए चाय, पंचर इत्यादि दुकानों पर पूर्ण रूप से नजर रखी जाये, कोई बालश्रम पाये जाने पर उनके पुनर्वास की व्यवस्था करते हुए दुकानदार के विरूद्व कार्यवाही किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने विद्यालय में 30 दिवस तक अनुपस्थित बालक बालिकाओं की भी मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। पंचायत समिति एवं ग्राम पंचायत स्तर पर बैठकों का आयोजन किया जाना सुनिश्चित करें। जिले के प्रत्येक थाने में बाल अधिकारी नियुक्त है वह अपने अपने क्षेत्रों में बाल श्रम कराने वाले चिन्हित क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि बाल श्रम कई प्रकार के व्यवसायों पाया जाता है जिसमें जोखिम पूर्ण व गैर जोखिम पूर्ण दोनो तरह के व्यवसाय आते है। बालश्रम की रोकथाम के लिए एक विभाग का दायित्व न होकर सामाजिक न्याय, बाल अधिकारिता, पुलिस, श्रम विभाग का संयुक्त दायित्व है, सभी आपस में समन्वय करते हुए समय समय पर कार्यवाही किया जाना सुनिश्चित करेंगे। जिले की सभी बाल कल्याण समितियों सक्रिय रहें एवं बाल कल्याण समिति द्वारा बाल श्रमिकों की सूचना मिलने पर बच्चों को मुक्त कराना सुनिश्चित करें। ब्लॉको में सम्मिलित समस्त पंचायतों में बाल श्रम से सम्बंधित जागरूकता का प्रचार प्रसार किया जाकर जन सामान्य में वातावरण तैयार किया जाये। उन्होंने भवन एवं सन्निर्माण कामगार अधिनियम के तहत प्रत्येक नियोजक को निर्माण कार्य की सूचना का नोटिस उपकर निर्धारण अधिकारी को देना सुनिश्चित करें। निर्माण कार्यों पर नियोजकों द्वारा किये जाने वाले व्यय की कुल राशि पर 1 प्रतिशत की दर से उपकर राशि जमा कराना सुनिश्चित करेंगे। निर्माण कार्य की लागत में भूमि की कीमत तथा श्रमिक भुगतान की राशि सम्मिलित नही की जाये। बैठक में जिला विधिक साक्षरता सचिव सुनीता मीणा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद चेतन चौहान, उपखण्ड अधिकारी भारती भारद्वाज, ललित मीणा, मनीष जाटव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बचन सिंह मीणा सहित सम्बंधित विभागीय अधिकारी, स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, बाल संरक्षण इकाई के मनोनीत सदस्य उपस्थित रहे।
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