आरजीएचएस से नहीं जुड़े तो रुकेगा वेतन

आरजीएचएस से नहीं जुड़े तो रुकेगा वेतन

चूरू, 12 अक्टूबर। राज्य सरकार द्वारा संचालित राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना (आरजीएचएच) के माध्यम से कैशलेश इन्डोर डे-केयर तथा आउटडोर चिकित्सा जांच एवं परामर्श की सुविधाएं दी जा रही हैं। इस सुविधा से नहीं जुड़ने वाले कार्मिकों के वेतन विपत्र पारित नहीं हो पाएंगे।
कोषाधिकारी रामधन एवं जीपीएफ के संयुक्त निदेशक महीपाल मोटसरा ने बताया कि आरजीएचएस में समस्त राज्य कार्मिकों एवं पेंशनर्स को अनिवार्य रजिस्ट्रेशन करवाना है। 31 अक्टूबर के बाद इन्डोर या आउटडोर उपचार हेतु कर्मचारी व पेंशनर्स की चिकित्सा पुनर्भरण कोई दावा पूर्व व्यवस्था के अनुसार मान्य नही होगा। इसलिए समस्त कार्मिक एवं पेंशनर्स जो इस योजना के अन्तर्गत आते हैं, वे अपना आरजीएचएस ई कार्ड शीघ्रताशीघ्र बनवा लें। यह कार्य किसी भी ई-मित्र केन्द्र पर अथवा पर्सनल कम्प्यूटर या एन्ड्रोइड मोबाईल फोन पर अपेक्षित सूचनाओं के माध्यम से राज्य सरकार की वेबसाईट http://rghs.rajasthan.gov.in पर बनवाया जा सकता है। कार्मिकों की सुविधा हेतु अनुमोदित ई मित्र, कोष कार्यालय तथा राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि कार्यालय में सुविधा केन्द्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां से विस्तृत जानकारी प्राप्त की जा सकती है। राज्य सरकार की हैल्पलाइन 181 से भी इस संबंध में जानकारी प्राप्त की जा सकती है। मोटसरा ने बताया कि आरजीएचएस में पंजीयन सम्बन्धी सहायता के लिए राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग चूरू में आरजीएचएस हेल्प डेस्क पर संपर्क किया जा सकता है। हेल्प डेस्क अवकाश के दिनों में भी कियाशील रहेगी। आरजीएचएस में पंजीकरण की प्रक्रिया 10 अप्रैल से प्रारम्भ है परन्तु अधिकांश राज्यर्कमियों द्वारा अपना पंजीकरण आरजीएचएस में नहीं करवाया गया है जबकि राज्य र्कमियों हेतु आरजीएचएस के अन्र्तगत पंजीकरण करवाया जाना अनिवार्य है। आरजीएचएस में अपना पंजीकरण नहीं करवाने वाले र्कामिकों को राज्य सरकार के निर्देशानुसार किसी भी प्रकार का स्वास्थ्य परिलाभ दिया जाना संभव नहीं होगा एवं उनका वेतन रोका जाएगा। अतः समस्त आहरण एवं वितरण अधिकारी यथाशीघ्र अपने अधीनस्थ समस्त र्कामिकों को जनाधार कार्ड बनवाने एवं उसके माध्यम से आरजीएचएस में पंजीकरण करवाने हेतु निर्देशित करें।
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