नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा के बाद, चीन की नौसेना और वायुसेना ने दक्षिण चीन सागर में 7 जगह शुरू किया युद्धाभ्यास, दागी मिशालें

नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा के बाद, चीन की नौसेना और वायुसेना ने दक्षिण चीन सागर में 7 जगह शुरू किया युद्धाभ्यास, दागी मिशालें

अमेरिकी स्पीकर नैंसी पेलोसी के ताइवान यात्रा के बाद चीन बुरी तरह से बौखला गया है। चीन ने अमेरिका को धमकी दी कि नैंसी पेलोसी के ताइवान यात्रा अंजाम बहुत बुरा होगा। पोलोसी की यात्रा के बाद ही चीन की सेना ने युद्धाभ्यास शुरू किया है। चीन ने ताइवान को घेरने के लिए घेराबंदी कर दी है। चीन की नौसेना और वायुसेना ने दक्षिण चीन सागर में 7 जगह युद्धाभ्यास शुरू कर रही है। चीन की सेना 7 जोन में युद्धाभ्यास कर रही है। चीन की नौसेना ताइवान के उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पश्चिम में जिस जगह लाइव फायर ड्रिल कर रही है, वहां से ताइवान की दूसरी 15 मील से भी कम बताई जा रही है। चीन के 27 लड़ाकू विमान ताइवान की हवाई सीमा में घुस चुके हैं। ता इवान के समुद्री इलाके में मिसाइल हमले भी किए हैं।
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी ने बताया कि ये अभ्यास नाकेबंदी, समुद्री लक्ष्यों पर हमले, जमीनी लक्ष्यों पर हमले और वायुक्षेत्र नियंत्रण को ध्यान में रखकर किए जा रहे हैं। चीन की सेना आज गुरुवार से लेकर 7 तारीख तक ताइवान के चारों ओर एक बड़ा युद्धाभ्यास कर रही है। ताइवान के एक सूत्र के मुताबिक चीन की सेना ने ताइवान के समुद्र को बांटने वाली मेडियन लाइन पर घुसपैठ भी की है।
इससे पहले चीन ने नैन्सी पेलोसी के ताइवान पहुँचने के कुछ समय बाद ही ताइवान को घेर कर लाइव-फायर मिलिट्री ड्रिल करने की घोषणा कर दी है। चीन ने ताइवान कृषि उत्पादों पर कई आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं। अब चीन ताइवान से फलों और मछलियों का आयात नहीं करेगा। चीन ने ताइवान के कम से कम 100 सप्लायरों से खाद्य आयात पर रोक लगा दी है। बिना कोई कारण बताए चीन के कस्टम अधिकारियों ने ताइवान की कुछ मछलियों और फलों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया।
आपको बतादें कि चीन वन चाइना पॉलिसी के तहत ताइवान को अपने देश का हिस्सा मानता है। चीन और ताइवान के बीच 73 साल से विवाद चल रहा है।
दक्षिण पूर्वी चीन के तट से करीब 100 मील दूर स्थिति एक द्वीप ताइवान है। और चीन ताइवान को अपने देश का हिस्सा मानती है, लेकिन ताइवान खुद को संप्रभु राष्ट्र मानता है। ताइवान में लोगों द्वारा चुनी हुई अपनी सरकार है, उसका अपना संविधान है। चीन इस द्वीप ताइवान को अपने कब्जे में चाहता है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि ताइवान को ऐतिहासिक रूप से देखें तो ताइवान कभी चीन का ही हिस्सा था।
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