राहुल गांधी और अशोक गहलोत के कर्जामाफी के झूठे वादे के कारण किसानों की जमीनें नीलाम हो रही, किसान आत्महत्या के लिए मजबूर हो रहेः डॉ. सतीश पूनियां

राहुल गांधी और अशोक गहलोत के कर्जामाफी के झूठे वादे के कारण किसानों की जमीनें नीलाम हो रही, किसान आत्महत्या के लिए मजबूर हो रहेः डॉ. सतीश पूनियां

भीलवाडा, 20 जनवरी, 2022। प्रदेश में किसानों की नीलाम हो रही जमीनें और सम्पूर्ण किसान कर्जमाफी की वादाखिलाफी के मुददे पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने भीलवाडा प्रवास पर मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस पार्टी और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत लकीर तब पीटते हैं जब सांप निकल जाता है।
राजस्थान के किसान राहुल गांधी की 2018 में की गई वादाखिलाफी से त्रस्त हैं, बहुत बड़े पैमाने पर प्रदेश के किसानों को उम्मीद थी कि कांग्रेस पार्टी की सरकार आएगी तो राहुल गांधी वादा पूरा करेंगे और अशोक गहलोत सभी किसानों का पूरा कर्जा माफ करेंगे।
डॉ. पूनियां ने कहा कि पिछले 3 वर्षों में राजस्थान के किसानों की बानगी यह है कि कर्जामाफ नहीं होने से किसानों को आत्महत्या करनी पड़ रही है, किसान हताश हैं, उनकी जमीन नीलाम हो रही है और जब पानी सर से ऊपर गुजरता दिखा तब अशोक गहलोत ने किसानों को झुनझुना पकड़ा दिया और गुमराह करने की कोशिश की।

कांग्रेस ने अपने 2018 के जनघोषणा पत्र में भी किसानों की सम्पूर्ण कर्जामाफी का वादा किया था, सहकारी बैंकों का कर्जा पहले से माफ होता आया था। एक बार फिर से प्रदेश में किसानों की जमीन नीलाम होने लगी है, जिससे किसानों में आक्रोश पनपा तो ऐसे में अशोक गहलोत ने नीलामी को रोकने का फैसला लिया, लेकिन किसानों का कर्जामाफी का वादा पूरा नहीं किया।
डॉ. पूनियां ने कहा कि, अशोक गहलोत से पूछना चाहता हूं कि जिन किसानों की जमीनों की नीलामी हो चुकी हैं, जिन किसानों के परिवारों में हताशा और निराशा है उनका क्या होगा?
राजस्थान के लगभग 59 लाख किसान 1 लाख 20 हजार करोड़ के कर्जे के नीचे हैं, इस कर्जा माफी के समाधान का कांग्रेस सरकार के पास क्या रोडमैप है?
मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर चिट्ठी चिट्ठी खेलते हैं, मुझे लगता है राहुल गांधी के 2018 के जालोर, जोधपुर की सभाओं के वादे को याद रखना चाहिए और राजस्थान के किसानों का पूरा कर्जा माफ करना चाहिए।
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