संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हुआ युवक छत्तीसगढ़ में मिला, शेयर मार्केट में घाटा लगने पर उधारी चढ़ी तो गुमराह करने रची मौत की कहानी

संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हुआ युवक छत्तीसगढ़ में मिला, शेयर मार्केट में घाटा लगने पर उधारी चढ़ी तो गुमराह करने रची मौत की कहानी

भीलवाड़ा 24 दिसम्बर। कोटड़ी थाना क्षेत्र के जावल गांव निवासी 27 वर्षीय युवक नारायण लाल जाट के रहस्यमयी तरीके से खेत मे रखवाली करते समय लापता हो जाने के मामले का थाना पुलिस ने खुलासा कर दिया। लापता नारायण लाल को पुलिस ने छत्तीसगढ़ में रायपुर से दस्तयाब कर लिया। इस बीच पुलिस ने करीब 3500 किलोमीटर का सफर किया।
भीलवाड़ा एसपी आदर्श सिधु ने बताया कि 17 -18 दिसम्बर की रात जावल निवासी नारायण जाट संदिग्ध हालतों में खेत की रखवाली करते समय लापता हो गया। नारायण के पिता कन्हैयालाल की रिपोर्ट पर कोटड़ी थाने में गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए वे स्वयं तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चंचल मिश्रा तथा कार्यवाहक सीओ सज्जन सिंह एवं थानाधिकारी कोटडी विक्रम सिंह अगले दिन मौके पर पहुंचे। जहां डॉग स्क्वायड, साइबर सेल व एफएसएल टीम बुलाई जाकर सैंपल कलेक्ट कर साक्ष्य एकत्रित किए गए।
मौके पर जली हुई हड्डियां तथा नारायण का जला हुआ मोबाइल, चप्पल, मफलर इत्यादि मिले। हड्डियों व राख की चिकित्सक एवं पशु चिकित्सक से जांच करवाई तो प्रारंभिक तौर पर बरामद हड्डियां किसी पशु की होना बताया। फिर भी अग्रिम जांच हेतु हड्डियों एवं नारायण के माता पिता के रक्त नमूनों को डीएनए जांच के लिए एफएसएल जयपुर भिजवाया गया। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि नारायण के ऊपर पिछले कुछ दिनों में 17/18 लाख रुपए का उधार हो गया था। इस तथ्य को ध्यान में रखकर जांच का दायरा बढ़ाया गया।
एसपी सिधु ने बताया कि थाना पुलिस व साइबर टीम को उपलब्ध ह्यूमन एवं तकनीकी सर्विलांस से मिली जानकारी के आधार पर एक संयुक्त टीम गठित की गई। गठित टीम ने नारायण की तलाश में लगभग 3500 किलोमीटर गोवा, सोलापुर, औरंगाबाद, नागपुर ओर अंत मे छत्तीसगढ़ के रायपुर तक पीछा कर उसे दस्तयाब कर लिया ।
रायपुर से थाने लाकर पूछताछ की गई तो नारायण जाट ने बताया शेयर मार्केट में उससे घाटा लग गया था, जिससे उबरने के लिए उसने लोगों से उधार लेकर फिर से शेयर मार्केट में पैसा लगा दिया। लेकिन दोबारा घाटे में चला गया। इसलिए उसने मौत का झूठा नाटक रचा। इसके लिए तीन-चार दिन पहले ही तैयारी कर अपना बैग पंचायत में रख दिया तथा खर्चे के पैसे अकाउंट से निकाल लिए। जंगल में पड़ी पशुओं की हड्डी लाकर खेत में पड़ी लकड़ियों से आग लगा दी और उसमें अपना मोबाइल फोन डाल दिया। मौके पर अपनी चप्पल और मफलर डालकर मोटरसाइकिल लेकर फरार हो गया ।
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