जानिए कैसे करें प्रसन्न इस सर्व पितृ अमावस्या को महालय/पितृपक्ष/श्राद्धपक्ष में

जानिए कैसे करें प्रसन्न इस सर्व पितृ अमावस्या को महालय/पितृपक्ष/श्राद्धपक्ष में

हमारे हिंदू शास्त्रों के अनुसार हमारे जो पूर्वज अपने शरीर को छोड़कर चले गए हैं चाहे वे किसी भी रूप में या किसी भी लोक में हों, उनकी तृप्ति और उन्नति के लिए श्रद्धा के साथ जो शुभ संकल्प और तर्पण किया जाता है, वह श्राद्ध है। पूराणों की ऐसी मान्यधता है कि सावन मास की पूर्णिमा से ही पितृ मृत्युलोक में आ जाते हैं और नई अंकुरित कुशा की नोकों पर विराजमान हो जाते हैं । शास्त्रानुसार वैसे तो प्रत्येक अमावस्या पितृ की पुण्य तिथि होती है परंतु आश्विनमास की अमावस्या पितृओं के लिए परम फलदायी कही गई है। इसे सर्व पितृ विसर्जनी अमावस्या अथवा महालया के नाम से जाना जाता है।