कलश स्थापना विधि

कलश स्थापना विधि

कलश स्थापना विधि :-
नवरात्रि में कलश स्थापना देव-देवताओं के आह्वान से पूर्व की जाती है। कलशस्थापना करने से पूर्व आपको कलश और खेतरी को तैयार करना होगा जिसकी सम्पूर्ण विधिदी गयी है।
सबसे पहले मिट्टी के बड़े पात्र में थोड़ी सी मिट्टी डालें। और उसमे जवारे केबीज डाल दें।
अब इस पात्र में दोबारा थोड़ी मिटटी और डालें। और फिर बीज डालें। उसके बाद सारीमिट्टी पात्र में दाल दें और फिर बीज डालकर थोडा सा जल डालें।
(ध्यान रहे इन बीजों को पात्र में इस तरह से लगाएं की उगने पर यह ऊपर की तरफउगें। यानी बीजों को खड़ी अवस्था में लगायें। और ऊपर वाली लेयर में बीज अवश्य डालें।)
अब कलश और उस पात्र की गर्दन पर मोली बांध दें । साथ ही तिलक भी लगाएं।
इसके बाद कलश में गंगा जल भर दें।
इस जल में सुपारी, इत्र, दूर्वा घास, अक्षत और सिक्का भी दाल दें।
अब इस कलश के किनारों पर 5 अशोक के पत्ते रखें। और कलश को ढक्कन से ढक दें।
अब एक नारियल लें और उसे लाल कपडे या कल चुन्नी में लपेट लें । चुन्नी के साथ इसमें कुछ पैसे भी रखें।
इसके बाद इस नारियल और चुन्नी को रक्षा सूत्र से बांध दें।
तीनों चीजों को तैयार करने के बाद सबसे पहले जमीन को अच्छे से साफ़ करके उस पर मिट्टी का जौ वाला पात्र रखें। उसके ऊपर मिटटी का कलश रखें और फिर कलश के ढक्कन पर नारियल रख दें।
आपकी कलश स्थापना सम्पूर्ण हो चुकी है। इसके बाद सभी देवी देवताओं का आह्वान करके विधिवत नवरात्रि पूजन करें। इस कलश को आपको नौ दिनों तक मंदिर में ही रखे देने होगा। बस ध्यान रखें की खेतरी में सुबह शाम आवश्यकतानुसार पानी डालते रहें ।