जानिए इस वर्ष 2018 में कौन सा श्राद्ध किस दिन ओर कब करें ?

जानिए इस वर्ष 2018 में कौन सा श्राद्ध किस दिन ओर कब करें ?

पहलाश्राद्ध (24 सितंबर 2018, सोमवार) तिथि - पूर्णिमा
श्राद्धकरने का सही समय
कुतुप मुहूर्त = 11:48 से 12:36 तक
रौहिण मुहूर्त = 12:36 से 13:24 तक
अपराह्न काल = 13:24 से 15:48 तक
किसके लिए : जिनकी मृत्युपूर्णिमा तिथि को हुई हो।
दूसरा श्राद्ध
(25 सितंबर 2018, मंगलवार)
तिथि - प्रतिपदा
श्राद्धकरने का सही समय
कुतुप मुहूर्त = 11:48 से 12:36 तक
रोहिण मुहूर्त = 12:36 से 13:24 तक
अपराह्न काल = 13:24 से 15:47 तक
किसके लिए : जिनकी मृत्युप्रतिपदा तिथि को हुई हो। नानी-नाना का श्राद्ध भी इस दिन किया जा सकता है।
तीसरा श्राद्ध
(26 सितंबर 2018, बुधवार)
तिथि - द्वितीय
श्राद्धकरने का सही समय
कुतुप मुहूर्त = 11:48 से 12:36 तक
रोहिण मुहूर्त = 12:36 से 13:23 तक
अपराह्न काल = 13:23 से 15:46 तक
किसके लिए : जिनकी मृत्युद्वितीय तिथि को हुई हो।
चौथा श्राद्ध
(27 सितंबर 2018, गुरुवार)
तिथि - तृतीय
श्राद्धकरने का सही समय
कुतुप मुहूर्त = 11:48 से 12:35 तक
रोहिण मुहूर्त = 12:35 से 13:23 तक
अपराह्न काल = 13:23 से 15:45 तक
किसके लिए : जिनकी मृत्युतृतीय तिथि को हुई हो।
पांचवा श्राद्ध
(28 सितंबर 2018, शुक्रवार)
तिथि - चतुर्थी
श्राद्ध करने का सही समय
कुतुप मुहूर्त = 11:47 से 12:35 तक
रोहिण मुहूर्त = 12:35 से 13:22 तक
अपराह्न काल = 13:22 से 15:44 तक
किसके लिए : जिनकी मृत्युचतुर्थी तिथि को हुई हो।
छठा श्राद्ध
(29 सितंबर 2018, शनिवार)
तिथि - पंचमी
श्राद्धकरने का सही समय
कुतुप मुहूर्त = 11:47 से 12:34 तक
रोहिण मुहूर्त = 12:34 से 13:22 तक
अपराह्न काल = 13:22 से 15:43 तक
किसके लिए : जिनकी मृत्युपंचमी तिथि को हुई हो। यह श्राद्ध उन परिवारजनों के लिए भी किया जाता है जिनकी मृत्यु कुवारें पन में हुई हो। इसलिए इसे कुंवारा पंचमी श्राद्ध भी कहा जाता है।
सातवां श्राद्ध
(30 सितंबर 2018, रविवार)
तिथि - षष्ठी
श्राद्ध करने का सही समय
कुतुप मुहूर्त = 11:47 से 12:34 तक
रोहिण मुहूर्त = 12:34 से 13:21 तक
अपराह्न काल = 13:21 से 15:43 तक
किसके लिए : जिनकी मृत्युषष्ठी तिथि को हुई हो।
आठवां श्राद्ध
(1 अक्टूबर 2018, सोमवार)
तिथि - सप्तमी
श्राद्धकरने का सही समय
कुतुप मुहूर्त = 11:47 से 12:34 तक
रोहिण मुहूर्त = 12:34 से 13:21 तक
अपराह्न काल = 13:21 से 15:42 तक
किसके लिए : जिनकी मृत्युसप्तमी तिथि को हुई हो।
नौवां श्राद्ध
(2 अक्टूबर 2018, मंगलवार)
तिथि - अष्टमी
श्राद्धकरने का सही समय
कुतुप मुहूर्त = 11:46 से 12:33 तक
रोहिण मुहूर्त = 12:33 से 13:20 तक
अपराह्न काल = 13:20 से 15:41 तक
किसके लिए : जिनकी मृत्युअष्टमी तिथि को हुई हो।
दसवां श्राद्ध
(3 अक्टूबर 2018, बुधवार)
तिथि - नवमी
श्राद्धकरने का सही समय
कुतुप मुहूर्त = 11:46 से 12:33 तक
रोहिण मुहूर्त = 12:33 से 13:20 तक
अपराह्न काल = 13:20 से 15:40 तक
किसके लिए : जिनकी मृत्युनवमी तिथि को हुई हो। इस दिन को मुख्य रूप से माताओं और परिवार की सभी स्त्रियों के श्राद्ध के लिए भी उचित माना जाता है। इसलिए इसे मातृनवमी भी कहा जाता है।
ग्यारहवां श्राद्ध
(4 अक्टूबर 2018, गुरुवार)
तिथि - दशमी
श्राद्धकरने का सही समय
कुतुप मुहूर्त = 11:46 से 12:32 तक
रोहिण मुहूर्त = 12:32 से 13:19 तक
अपराह्न काल = 13:19 से 15:39 तक
किसके लिए : जिनकी मृत्युदशमी तिथि को हुई हो।
बारहवां श्राद्ध
(5 अक्टूबर 2018, शुक्रवार)
तिथि - एकादशी (ग्यारस श्राद्ध)
श्राद्ध करने का सही समय
कुतुप मुहूर्त = 11:45 से 12:32 तक
रोहिण मुहूर्त = 12:32 से 13:19 तक
अपराह्न काल = 13:19 से 15:39 तक
किसके लिए : जिनकी मृत्यु एकादशी तिथि को हुई हो।
तेरहवां श्राद्ध
(6 अक्टूबर 2018, शनिवार)
तिथि - द्वादशी
श्राद्ध करने का सही समय
कुतुप मुहूर्त = 11:45 से 12:32 तक
रोहिण मुहूर्त = 12:32 से 13:18 तक
अपराह्न काल = 13:18 से 15:38 तक
किसके लिए : जिनकी मृत्युद्वादशी तिथि को हुई हो। इस दिन उन लोगों का श्राद्ध भी किया जाता है जिन्होंने मृत्यु से पूर्व सन्यास ले लिया हो ।
चौदहवांश्राद्ध
(7 अक्टूबर 2018, शनिवार)
तिथि - त्रयोदशी
श्राद्धकरने का सही समय
कुतुप मुहूर्त = 11:45 से 12:31 तक
रोहिण मुहूर्त = 12:31 से 13:18 तक
अपराह्न काल = 13:18 से 15:37 तक
किसके लिए : जिनकी मृत्युत्रयोदशी तिथि को हुई हो। घर के मृत बच्चों का श्राद्ध करने के लिए भी इस दिन को शुभ माना जाता है।
पंद्रहवांश्राद्ध
(7 अक्टूबर 2018, रविवार)
तिथि - चतुर्दशी
श्राद्धकरने का सही समय
कुतुप मुहूर्त = 11:45 से 12:31 तक
रोहिण मुहूर्त = 12:31 से 13:18 तक
अपराह्न काल = 13:18 से 15:37 तक
किसके लिए : चतुर्दशीतिथि का श्राद्ध केवल उनकी मृतजनों के लिए करना चाहिए जिनकी मृत्यु किसी हथियार सेहुई हो, उनका क़त्ल हुआ हो, जिन्होंने आत्महत्या की हो या उनकी मृत्यु किसी हादसे में हुई हो। इसके अलावा अगर किसी की मृत्यु चतुर्दशी तिथि को हुई है तो उनका श्राद्ध अमावस्या श्राद्ध तिथि को ही किया जाएगा।
सोलहवां और अंतिम श्राद्ध
(8 अक्टूबर 2018, सोमवार)
तिथि - अमावस्या
श्राद्ध करने का सही समय
कुतुप मुहूर्त = 11:45 से 12:31 तक
रोहिण मुहूर्त = 12:31 से 13:17 तक
अपराह्न काल = 13:17 से 15:36 तक
किसके लिए : जिनकी मृत्यु अमावस्या तिथि, पूर्णिमा तिथि और चतुर्दशी तिथि को हुई हो। इसके अतिरिक्त जिन लोगों को अपने मृत परिवारजनों की तिथि याद नहीं रहती उनका श्राद्ध भी इसी दिन किया जा सकता है। क्योंकि इसे सर्व पितृ अमावस्या भी कहते है।