विमंदित बालिका के साथ तिजारा पुलिया पर हुई घटना का खुलासा

विमंदित बालिका के साथ तिजारा पुलिया पर हुई घटना का खुलासा

अलवर 08 मई। 11 जनवरी, 2022 को शाम 7.41 बजे सूचना मिली कि तिजारा पुलिया पर एक लडकी घायल अवस्था में पड़ी हुयी है, जो रो रही है। सूचना पर पुलिस वहाँ पहुंची, उसको हस्पिटल में एडमिट करवाकर उपचार शुरू करवाया गया ।
1. घटना स्थल पर एफएसएल व डॉग स्क्वायड को बुलाकर घटना स्थल निरीक्षण की कार्यवाही करवाई गई। पीड़िता की पहचान हो जाने पर पीड़िता के परिवारजन को अस्पताल बुलाया गया। पीड़िता को ईलाज के लिये जयपुर रेफर किया गया । परिवारजन के अनुसार पीड़िता मानसिक रूप से कमजोर एवं विमंदित है।
2. घटना के सम्बंध में अभियोग संख्या 39/2022 दिनांक 12.01.2022 धारा 363, 376 आईपीसी व 3/4, 5/6 पोक्सो एक्ट में पुलिस थाना मालाखेडा पर पंजीबद्ध किया जाकर प्रकरण की संवेदनशीलता के कारण अनुसंधान वृताधिकारी वृत ग्रामीण जिला अलवर द्वारा किया गया ।
3. प्रकरण के अनुसंधान में सहयोग हेतु एक एसआईटी जिसमें 4 आरपीएस 05 पुलिस निरीक्षक 02 उप निरीक्षक स्तर के अधिकारियों एवं 04 अन्य अधिकारी कर्मचारी शामिल है। डीएसटी व साईबर टीम का गठन किया गया।
4. घटनास्थल अलापुर से लेकर घटनास्थल तिजारा पुलिया अलवर तक के रास्ते में पड़ने वाले सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन किया गया । महानिरीक्षक पुलिस जयपुर रेंज व राज्य सरकार की ओर से उप महानिरीक्षक पुलिस सिविल राईट्स द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। एफएसएल टीम जयपुर द्वारा घटनास्थल से महत्वपूर्ण तकनीकी साक्ष्य एकत्रित किये गये। श्वान दल एसएसवी प्रशिक्षण केन्द्र रैणी व जयपुर द्वारा भी घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। अभय कमांड कन्ट्रोल रूम अलवर में घटना के सम्बन्ध में सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन किया जाकर साक्ष्य एकत्रित किये गये। साथ ही जिस टैम्पो में बैठकर पीड़िता अपने गांव से अलवर बस स्टैण्ड पहुंची थी उसके ड्राइवर के बयान व टैम्पो का एफएसएल मुआयना भी करवाया गया। घटना के वक्त गुजरने वाले राहगीर एव वाहन चालकों से अनुसंधान किया गया। प्रादर्श वास्ते परीक्षण एफएसएल जयपुर जमा कराये जाकर रिपोर्ट प्राप्त की गयी। टीम द्वारा अनुसंधान के दौरान 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गये।
5. प्रकरण मे पिडीता की मेडिकल रिपोर्ट एवं अनुसंधान के दौरान जप्त किये गये आर्टिकल की एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर पीडिता के साथ 11 जनवरी को उसके घर से निकलने से लेकर तिजारा पुलिया तक कोई penetrative sexual assault नहीं हुई है। एफएस एल रिपोर्ट में पीडिता के वक्त घटना पहने हुए कपडों पर सीमन डिटेक्ट हुआ है, जो कि पीडिता के पैतृक साईड से होना पाया है। जिसका इस घटना से कोई संबंध नहीं होना पाया गया है ।
6. पीडिता जब अपने घर से निकली, टैम्पों से चलकर गायत्री मंदिर टैम्पो स्टैण्ड तक आयी है। गायत्री मंदिर टैम्पों स्टैण्ड अथवा बस स्टैण्ड से लेकर तिजारा पुलिया तक जहां घायल अवस्था में मिली है उन सभी रास्ते में लगने वाले अभय कमांड व प्राईवेट 29 सीसीटीवी कैमरों में वह दिखायी दी है। जिसकी पहचान की पुष्टि परिवारजन ने भी की है और अगर सीसीटीवी में किसी अवधि में नहीं दिखी है तो उस अवधि में उसकी उपस्थिति की साध्य मौखिक रूप से देखें गये व्यक्तियों द्वारा दी गयी है ।
7. समस्त तकनीकी अनुसंधान एफएसएल मैडिकल रिपोर्टों मौखिक व अन्य एकत्रित साक्ष्यों के आधार पर पीड़िता के साथ दुष्कर्म की पुष्टि नहीं होती है। तिजारा पुलिया पर बस द्वारा अचानक ब्रेक लगाकर रोकने से पीछे आ रही मोटरसाईकिल द्वारा एकदम से बस की बांयी तरफ कट मारने से पीड़िता को टक्कर लगने से चोटें कारित होना पाया गया है ।
8. प्रकरण में सम्पूर्ण अनुसंधान से बस चालक भूपेन्द्र सिंह पुत्र विजय सिंह राजपूत उम्र 42 साल निवासी कशोदा थाना नगर जिला भरतपुर हाल ठाकर वाला कुआ सोमवंशी कलोनी थाना एनईबी अलवर के विरूध जुर्म धारा 279 आईपीसी एवं बाईक चालक युनुस खान पुत्र मैकाईल उर्फ मिकेल उम्र 28 वर्ष, जति मेव निवासी नहर का बल्लाना, पोस्ट बुर्जा अलवर पुलिस थाना अरावली बिहार, अलवर के विरुद्ध अपराध धारा 279, 337, 338 आईपीसी में अपराध प्रमाणित पाया गया है।
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