जनजाति लोककला व संस्कृति के अनूठे संगम आदि महोत्सव का भव्य शुभारंभ

जनजाति लोककला व संस्कृति के अनूठे संगम आदि महोत्सव का भव्य शुभारंभ

उदयपुर, 14 जून/जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग, टीआरआई और भारतीय लोक कला मण्डल, उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में जनजाति लोककला एवं संस्कृति के अनूठे संगम आदि महोत्सव का शुभांरभ शुक्रवार शाम को लोककला मण्डल में हुआ।
समारोह के मुख्य अतिथि जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री अर्जुन सिंह बामनिया ने पारंपरिक वाद्ययंत्र नगाडा बजाकर इस महोत्सव का आगाज किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, ट्राईफेड के प्रबंध निदेशक प्रवीर कृष्णा (आईएएस) व ट्राईफेड चेयरमेन आर.सी. मीणा. संभागीय आयुक्त भवानी सिंह देथा, अतिरिक्त संभागीय आयुक्त रामजीवन मीणा व अंजलि राजौरिया, सेवानिवृत आईएएस दिनेश गोयल, लोककला मण्डल के मानद सचिव दौलत सिह पोरवाल, संस्था के रियाज तहसीन सहित अन्य जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, जनजाति कलाकार, विद्यार्थीं एवं आमजन मौजूद रहे।
समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री श्री बामनिया ने कहा कि आदि महोत्सव के माध्यम जनजाति कला एवं संस्कृति को एक मंच प्रदान किया गया है जहां लोक संस्कृति एवं रीति रिवाजों का समन्वय देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस आयोजन को राष्ट्र स्तर पर भी आयोजित किया जाएगा जिससे देश के विभिन्न जनजाति राज्यों की संस्कृति एक-दूसरे से परिचित हो सके। उन्होंने यहां प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए कलाकारों को बधाई देते हुए इस आयोजन की सराहना की। मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए मंत्री श्री बामनिया ने कहा कि प्रदेश सरकार जनजाति तबके के सर्वांगीण विकास के लिए तत्पर है और हमारा फोकस जनजाति क्षेत्र में शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास एवं जनजाति कला व संस्कृति को एक नवीन आयाम देना रहेगा।
ट्राईफेड चेयरमेन आर.सी. मीणा ने ट्राइफेड के माध्यम से जनजाति क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि केन्द्र एवं राज्य सरकार के सहयोग से जनजाति क्षेत्र के लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए ट्राइफेड सदैव प्रयासरत है। कार्यक्रम को उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा ने भी संबोधित किया। प्रारंभ में जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के आयुक्त भवानी सिंह देथा ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए आयोजन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। अंत में आभार टीएडी विभाग की अतिरिक्त आयुक्त अंजलि राजौरिया ने जताया।
इससे पूर्व मंत्री श्री बामनिया सहित समस्त अतिथियों ने लोककला मण्डल परिसर में टीएडी, टीआरआई एवं लोककला मण्डल के संयुक्त तत्वावधान में प्रदर्शित आदि शिल्प हाट एवं जनजाति माण्डना एवं चित्रण प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मंत्री ने प्रत्येक स्टॉल पर उत्पादों के बारे में जानकारी प्राप्त की एवं जनजाति शिल्पकार-कलाकारों की सराहना कीं। इस दौरान अतिथियों ने ट्राईफेड के ट्राईबस इण्डिया द्वारा लगाई प्रदश्रनी का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर मंत्री श्री बामनिया ने लोककला मण्डल में स्व.पद्म श्री देवीलाल सामर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि भी दी।
कार्यक्रम के तहत 15 जून को अपरान्ह 3 बजे एक संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा जिसका विषय आधुनिक समय में आदिम संस्कृति का महत्व तथा इसे कैसे जीविका से जोड़ा जा सकता है। सेमिनार का बीज भाषण पद्मश्री चन्द्र प्रकाश देवल करेगें। अन्य वक्ताओं में जयपुर से हरिराम मीणा, बांसवाड़ा से डॉ. मालीन काले, व उदयपुर से विलास जानवे एवं भगवान कच्छावा होगें। वहीं जनजाति प्रतिभा खोज प्रतियोगिता का आयोजन 16 जून को प्रातः 10 बजे से होगा तथा सायंकाल रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ समारोह का समापन होगा।
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