पशुओं के लिए निःशुल्क कृत्रिम गर्भाधान की सुविधाए एक अगस्त से

पशुओं के लिए निःशुल्क कृत्रिम गर्भाधान की सुविधाए एक अगस्त से

उदयपुर, 31 जुलाई/पशुपालन विभाग उदयपुर की ओर से राष्ट्रीय गोकुल मिशन द्वारा संचालित राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम के द्वितीय चरण के तहत एक अगस्त से पशुपालकों को उनके घर-घर जाकर पशुओं के लिए निःशुल्क कृत्रिम गर्भाधान की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी।
संयुक्त निदेशक पशुपालन डॉ. भूपेन्द्र भारद्वाज ने बताया कि इस योजना के मुख्य उद्देश्य कृत्रिम गर्भाधान तकनीक का पशुपालकों द्वारा अपनाने के लिये प्रोत्साहित करना, उच्च गुणवत्ता के बछड़ा-बछड़ी/ पाड़ा-पाड़ी उत्पन्न करना, दुग्ध उत्पादन में वृद्धि एवं पशुपालकों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करना है। इसके तहत उदयपुर जिलें से 500 गांव चयनित किये गये है। प्रत्येक चयनित गांव में कृत्रिम गर्भाधानकर्ता लगाये गये है । जिसके अन्तर्गत चयनित ग्राम में न्यूनतम 100 मादा पशुओं का चयन कर कृत्रिम गर्भाधान किया जायेगा ।
योजना प्रभारी डॉ शक्ति सिंह ने बताया कि जिले में पशु प्रजनन नीति के अनुसार देशी गौवंश में गीर, संकर गौवंश में जर्सी एवं हॉलिस्टिन एवं भैंस वंश में मुर्रानस्ल के उच्च गुणवत्ता युक्त बीज से गाय एवं भैंस में कृत्रिम गर्भाधान किया जायेगा । यह योजना 01 अगस्त से 31 मई 2021 तक समयबद्ध रूप से चलेगी। इस योजना में प्रत्येक पशु का 12 डिजीट का पहचान टैग लगाया जाएगा तथा पशु संबधित समस्त जानकारी इनाफ सॉफ्टवेयर में इन्द्राज की जायेगी। पशुपालकों से इस निःशुल्क योजनाका लाभ उठाने का आह्वान किया गया है।
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