घर-घर औषधि योजना की क्रियान्विति के लिए कलक्टर ने ली बैठक

घर-घर औषधि योजना की क्रियान्विति के लिए कलक्टर ने ली बैठक

उदयपुर, 20 जुलाई/जिला कलक्टर चेतन देवड़ा ने कहा है कि राज्य सरकार की महत्त्वकांक्षी ‘घर-घर औषधि योजना’ के प्रभावी व सफल क्रियान्वयन के लिए समस्त विभागीय अधिकारी समन्वय स्थापित करते हुए कार्ययोजना को अमल में लावें व सरकार की मंशा के अनुरूप हर परिवार तक औषधीय पौधों का वितरण करावें।
कलक्टर देवड़ा मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत द्वारा वर्ष 2021 में की गई बजट घोषणा में जन स्वास्थ्य रक्षण एवं औषधीय पौधों के संरक्षण-संवर्धन के लिए चलाई जा रही ‘घर-घर औषधि योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय टास्क फोर्स कमेटी की बैठक में अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे।
समीक्षा बैठक में कलक्टर देवड़ा ने योजना के तहत पौध वितरण के लिए वन विभाग द्वारा की गई तैयारियों के बारे में जानकारी ली और ग्राम पंचायत स्तरीय कमेटी में कृषि, पशुपालन, शिक्षा, आयुष व महिला एंव बाल विकास विभाग के कार्मिक-प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए पौधों के वितरण करवाने में इनका सहयोग लेने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम पंचायत के माध्यम से पौधां के नर्सरियों से ग्राम पंचायत तक लाने के लिए परिवहन की व्यवस्था, वितरण के लिए कार्ययोजना, रिकार्ड संधारण, पौधों के लिए कैरी बेग्स की व्यवस्था करने के लिए विभागीय अधिकारियों को पुख्ता तैयारियां करने के निर्देश दिए।
एसडीओ करेंगे पौधों की गुणवत्ता का निरीक्षण :
बैठक में कलक्टर देवड़ा ने कहा कि योजना के तहत वन विभाग द्वारा तैयार किए गए पौधों के वितरण से पूर्व समस्त संबंधित एसडीओ राज्य सरकार के प्रावधानों के अनुसार औषधीय पौधों की संख्या व गुणवत्ता के बारे में भौतिक सत्यापन करेंगे और रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
पीईईओ के निर्देशन में हो पौध वितरण :
बैठक में जिला कलक्टर देवड़ा ने योजना के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर पौध वितरण के लिए वितरण केन्द्र पर ग्राम पंचायत के पीईईओ के निर्देशन में समस्त कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए पीईईओ को ग्राम पंचायत स्तर के विभागीय कार्मिकों को नियोजित करने के लिए अधिकृत करने और वितरण के रिकार्ड का संधारण करने की कार्यवाही करवाने को कहा।
हर परिवार को पांच साल में 3 बार मिलेंगे 8-8 पौधें :
बैठक में डीटीएफ के सदस्य सचिव एवं उप वन संरक्षक मुकैश सैनी ने योजना के क्रियान्वयन के लिए की गई तैयारियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि औषधीय पौधों की विविधता व गुणवत्ता को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई घर-घर औषधि योजना के तहत औषधीय पौधों की पौधशाला विकसित कर तुलसी, गिलोय, कालमेघ अश्वगंधा के दो-दो पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। पांच वर्ष के लिए लागू की जाने वाली इस योजना में हर परिवार को 5 वर्षों में तीन बार आठ-आठ औषधीय पौधे वितरित किए जाएंगे।
इस अवसर पर उप वन संरक्षक बालाजी करी ने कहा कि जिला प्रशासन व वन विभाग के नेतृत्व में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पंचायतीराज संस्थाओं, विभिन्न विभागों, संस्थाओं, विद्यालयां व औद्योगिक घरानों आदि का सहयोग कर योजना को जन अभियान के रूप में क्रियान्वित किया जाएगा।
बैठक में नगर निगम आयुक्त हिम्मतसिंह बारहठ, यूआईटी से पुष्पेन्द्रसिंह शेखावत, आयुर्वेद महाविद्यालय प्राचार्य प्रो.महेश दीक्षित, एसीएफ केएल शर्मा, डीके तिवारी, सुशील सैनी सहित समस्त संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
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