स्वाईन फ्लू पॉजिटिव पाये जाने पर तत्काल आसपास स्क्रीनिंग के निर्देश

स्वाईन फ्लू पॉजिटिव पाये जाने पर तत्काल आसपास स्क्रीनिंग के निर्देश

जयपुर, 5 जनवरी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने चिकित्सा अधिकारियों एवं चिकित्साकर्मियों को स्वाईन फ्लू पॉजिटिव पाये जाने पर तत्काल संपर्क में आये समस्त व्यक्तियों व आसपास रहने वालों की स्क्रीनिंग की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। उन्होंने प्रदेशवासियों से जुकाम, बुखार, खांसी, नाक बहना जैसे लक्षण पाये जाने पर तत्काल निकटवर्ती चिकित्सा संस्थान में जाकर चिकित्सक से परामर्श लेकर उपचार कराने की अपील की है।
डॉ. शर्मा ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को स्वाईन फ्लू दवाईयों की उपलब्धता के साथ ही जांच के लिए सैम्पल एकत्रित व जांच करने की व्यवस्थ करने के साथ ही उपचार के लिए अलग से आउटडोर ,आईसोलेशन वार्डस, आईसीयू इत्यादि की व्यवस्था के निर्देश दिए। उन्होंने स्वाइन फ्लू के संबंध नियंत्रण कक्ष पर सभी आवश्यक सूचनाएं व जानकारी उपलब्ध कराने तथा जानकारी प्राप्त होते ही तत्काल कार्यवाही करने पर बल दिया।
चिकित्सा मंत्री ने स्वाईन फ्लू के बारे में जागरूकता अभियान संचालित करने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग के जिला अधिकारियों के नियमित दौरे करने के निर्देश किये। प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में स्वाईन फ्लू की जांच के लिए नमूने एकत्रित करने की व्यवस्था की गई है व जांच के लिए मेडिकल कॉलेजों में भिजवाकर तत्काल जांच रिपोर्ट लेने की भी व्यवस्था की गई है। पॉजिटिव पाये जाने पर उपचार के लिए दवाइयाँ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
रेपिड रेस्पॉन्स टीमें
स्वाईन फ्लू प्रभावित क्षेत्रो में संबंधित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को रेपिड रेस्पॉन्स टीमें गठित करवाकर घर-घर स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई है। स्वाईन फ्लू के ईलाज में लगे चिकित्साकर्मियों के वैक्सीन लगाने के लिये वैक्सीन तथा जांच के लिये वीटीएम भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है । स्वाइन फ्लू के बारे में राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नम्बर 0141-2225624 एवं 0141-2225000 है व टोल फ्री नम्बर 104 व 108 से जानकारी प्राप्त की जा सकती है एवं सूचना दी जा सकती है।
स्वाईन फ्लू के लिये अलग से आउटडोर
चिकित्सा मंत्री ने मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध अस्पतालों, जिला अस्पतालों एवं सब डिवीजनल अस्प्तालों में स्वाईन फ्लू के मरीजों की जांच एवं उपचार के लिये अलग से आउटडोर की व्यवस्था की गई है। जिला अस्पतालों में स्वाईन फ्लू के उपचार के लिए अलग से 20 से 25 बैड व आईसीयू वार्ड में वेन्टीलेटर्स आरक्षित किये गए हैं।
लक्षण प्रतीत होते ही परामर्श ले
विशेषज्ञों के अनुसार गले में दर्द, नाक बहना और तेज बुखार स्वाइन फ्लू के लक्षण है । गले में दर्द, नाक बहना और तेज बुखार होने पर तत्काल कैटेगरी अनुसार संबधित रोगी को टेमीफ्लू प्रारम्भ की जा रही है। पॉजिटिव केस के सम्पर्क में आये लोगों को भी टेमीफ्लू देने के निर्देश हैं। चिकित्सा मंत्री ने स्वाइन फ्लू के लक्षण पर तत्काल चिकितसको से परामर्श लेने की अपील की है।
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