सफलता की कहानी, राजीविका लाई सोना हरिजन के जीवन में खुशियाँ

सफलता की कहानी, राजीविका लाई सोना हरिजन के जीवन में खुशियाँ

सवाई माधोपुर, 19 जुलाई। राज्य सरकार द्वारा संचालित राजस्थान ग्रामीण आजीविका परिषद (राजीविका) हम प्रतिबद्ध, ग्राम समृद्ध के ध्येय वाक्य के साथ ग्रामीणों के जीवन में खुशियाँ ला रही है। इसका जीवंत उदाहरण सवाई माधोपुर जिले के ग्राम रामड़ी की सोना हरिजन हैं। राजीविका द्वारा संचालित परियोजना के तहत उन्हें न सिर्फ क्लस्टर कोऑर्डिनेटर के रूप में 5 हजार रुपए मानदेय दिया जाता है, बल्कि उन्हें ऋण भी मिला है, जिससे उनके पति अमर सिंह दुकान खोलकर अपने परिवार को खुशहाली की राह पर लाने में कामयाब हुए है ।
बारहवीं कक्षा तक पढ़ चुकी सोना बताती हैं, मेरे गांव में राजीविका द्वारा संचालित परियोजना के द्वारा आरसीआरपी टीम आई थी । टीम की प्रेरणा पर हमने श्रीगणेश समूह का गठन किया। मैंने नियमित रूप से समूह की बैठकें करवाई और अच्छा काम किया । मेरी मेहनत के आधार पर मुझे बीके, वीओए और उसके बाद क्लस्टर कोऑर्डिनेटर बनाया गया । अब मुझे 5 हजार रुपए का मानदेय दिया जाता है जिससे मेरे परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है ।
सोना बताती हैं कि इससे उनके पति अमर सिंह को व्यवसाय शुरू करने में भी मदद मिली। वे कहती हैं, मैने समूह से ऋण लेकर पति को दुकान खुलवाने में मदद की, जिससे मेरे परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी हो गई । मैंने समूह से 6 हजार रुपए का ऋ़ण लिया और 4 हजार रुपए अपने पास से मिलाकर पति को दुकान खुलवाने में मदद की । सोना के बच्चे अब शहर के विद्यालय में पढ़ने जाते हैं।
राजीविका की जिला परियोजना प्रबंधक डॉ. सरोज बैरवा ने बताया कि राजीविका के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को सशक्त करने, उन्हें कौशल प्रदान करने और रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं । उन्होंने कहा कि सोना जैसी महिलाओं से प्रेरणा लेकर दूसरी महिलाएं भी अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं ।
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