राजीव गांधी जल संचय योजना में अधिक से अधिक जन सहभागिता बढावें - कलेक्टर

राजीव गांधी जल संचय योजना में अधिक से अधिक जन सहभागिता बढावें - कलेक्टर

सवाई माधोपुर 7 अक्टूबर। राजीव गांधी जल संचय योजना राज्य सरकार की फ्लेगशिप एवं वर्षा जल संरक्षण, संचयन एवं उपलब्ध जल का अधिकतम उपयोग किए जाने के संबंध में महत्वपूर्ण योजना है। इस योजना को जन आंदोलन बनाते हुए अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता बढाकर मिशन मोड में कार्य किया जाए। ये बात जिला कलेक्टर डॉ. एस.पी.सिंह ने राजीव गांधी जल संचय योजना के संबंध में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित तैयारी समीक्षा बैठक में उपस्थित सभी उपखंड अधिकारी, विकास अधिकारी एवं लाइन डिपार्टमेंट के अधिकारियों से कही ।
जिला कलेक्टर डॉ. सिंह ने अधिकारियों से कहा कि लाइन विभागों से प्राप्त जल संचयन, जल संरक्षण एवं उपलब्ध जल का अधिकतम उपयोग करने के लिए विभागवार प्रस्ताव जिनका अनुमोदन ग्राम सभाओं में किया गया उन्हें राज्य सरकार को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। इसी के अनुसार कार्य किए जाएंगे। जिले में राजीव गांधी जल संचय योजना के लिए 27 ग्राम पंचायतों के 64 गांवों का चयन किया गया है। योजना के तहत कार्यों के संपादन के लिए विभागीय मद, महात्मा गांधी नरेगा, केन्द्र, राज्य प्रवर्तित योजनाओं के माध्यम से कार्य करवाएं जाएंगे। सामुदायिक एवं निजी कृषकों के लिए स्वीकृत कार्य महात्मा गांधी नरेगा के तहत अनुमत है उन्हें प्राथमिकता के आधार पर नरेगा से कंवर्जेन्स कर संपादित किए जाएं। बैठक में जिला कलेक्टर ने राजीव गांधी जल संचय योजना के तहत चारागाह विकास, प्लांटेशन, कृषि विकास योजना, पुराने कुओं, नदी नालों, नहरों, की मरम्मत एवं जीर्णाद्धार, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, हैंडपंप के पास सोख्ता गड्ढा, पेयजल स्रोतों के सुदृढिकरण से संबंधित कार्य अधिकता से करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने छोटे बांध, तालाब, एनीकट, जल पुनर्भरण तंत्र, टांके, जल कुंडों का निर्माण आदि के प्रस्ताव लेकर योजना के अनुसार कार्य करवाने के निर्देश दिए। राजीव गांधी जल संचय योजना के तहत ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, सार्वजनिक निर्माण विभाग, कृषि, उद्योग, पीएचईडी, वन एवं पर्यावरण, नगर निकाय, जल संसाधन, वाटरषेड, उद्योग, जिला परिषद सहित अन्य विभागो के द्वारा कार्य करवाएं जाएंगे ।
बैठक में योजना से संबंधित बिंदुओं की विभागवार समीक्षा करते हुए कलेक्टर डॉ. सिंह ने निर्देश दिए। बैठक में पंचायत समितिवार चयनित गांवों के लिए विभागवार करवाएं जाने वाले कार्यों के संबंध में समीक्षा करते हुए जिला कलेक्टर ने गांवों में जल संचय, संग्रहण एवं संवर्धन के लिए कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने जलक्षमता में वृद्धि, भूजल स्तर में बढोतरी एवं हरित क्षेत्र में वृद्धि हो इसके लिए लोगों की सहभागिता बढाने एवं आमजन का सहयोग लेकर कार्य करने, भामाशाहों को आगे लाने के लिए प्रयास करने पर जोर दिया। बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुरेष कुमार, सभी उपखंड अधिकारी, विकास अधिकारी सहित लाइन विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
27 पंचायतों के 64 गांवों चयनितः- राजीव गांधी जल संचय योजना में जिले की 27 ग्राम पंचायतों के 64 गांवों का चयन किया गया है। इनमें गंगापुर पंचायत समिति के पंचायत पीलोदा, खेडली एवं बगलाई का, पंचायत समिति सवाई माधोपुर के बनोटा, नींदडदा, श्यामोता, रामडी, तींदू, आटूण कलां, अडूडी, गोठडा, जटवाडा कलां, लोरवाडा, सूरवाल, सीनोली, सुनारी महु का, पंचायत समिति खंडार के बालेर, ईसरडा, छारेटा तोड, वीरपुर, बिचपुरी गुजरान, मोरोज, बाजोली, खिदरपुर जाटान, चैथ का बरवाडा पंचायत समिति के पीपल्या, महापुरा, मुरली मनोहरपुरा, बंध गोपालपुरा, षिवाड एवं सारसोप को, पंचायत समिति बौंली के बांस टोरडा, गंगवाडा, कोलाडा, षिषोलाव, बागडोली, पखाला, बंधावल, थडोली, गोलपुर,बहनोली, मांगरोल, बडागांव सरवर एवं हिन्दूपुरा को, पंचायत समिति बामनवास के चांदनहोली, देहरी, मांदलगांव, रमजानीपुरा, शंकरपुरा, डाबर, सिरसाली, सीतारामपुरा, खेडली, कुचावर चक नंबर एक, दो एवं तीन, नागरहेडा, गुडला, खंटाना, कोहली प्रेमपुरा, नावर किषनपुरा, रामनगर डोसी, रामपुरा एवं ताजपुरा को शामिल किया गया है। इन गांवों में योजना के तहत चरणबद्ध एवं निर्धारित समय में जल संचयन के कार्यों को करवाया जाएगा।
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