केन्द्रीय नोडल अधिकारी ने ली जल शक्ति अभियान बैठक

केन्द्रीय नोडल अधिकारी ने ली जल शक्ति अभियान बैठक

सवाई माधोपुर 9 जुलाई। जिले के सभी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भू जल संरक्षण के लिये भारत सरकार द्वारा संचालित जल शक्ति अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिये केन्द्र सरकार के पर्यावरण, वन एवं क्लाइमेट चेंज संयुक्त सचिव अरविन्द नौटियाल की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित हुई।
बैठक में केन्द्र सरकार के संयुक्त सचिव अरविन्द नौटियाल ने कहा कि जल शक्ति अभियान के तहत वर्षा के बहते जल का संरक्षण करना अभियान का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि आमजन में चेतना जागृत करने तथा वर्षा के जल का संरक्षण करने के लिये शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जिला स्तर, ब्लॉक स्तर व ग्राम पंचायत स्तर पर कार्य योजना तैयार कर जल संरक्षण का कार्य किया जाएगा। उन्होने कहा कि जल शक्ति अभियान के 5 महत्वपूर्ण बिन्दुओं जल संचयन एवं वर्षा जल संरक्षण, पारम्परिक एवं अन्य जल संरक्षण ढांचों का जीर्णाेद्धार, जल का पुर्नउपयोग, बोरवेल रिचार्ज ढांचों का निर्माण, जलग्रहण विकास तथा सघन वृक्षारोपण के लिये सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उपलब्ध कहा कि देश व प्रदेश में पर्याप्त वर्षा जल उपलब्ध होता है, ईश्वर की इस भेंट का आदर करना हमारा दायित्व है। बारिश के पानी का हम ज्यादा से ज्यादा संचयन कर सकें, इसके लिये व्यापक स्तर पर इंतजाम करने होंगे। जिले में संचालित मनरेगा के तहत खेतों की मेडबंदी, नदियों और धाराओं में चैक डेम, तालाबों के खुदाई, टांका निर्माण, जलाशयों का निर्माण करवाना होगा ताकि खेत का पानी खेत में व गांव का पानी गांव में संचित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि जल शक्ति अभियान को गति प्रदान करने के लिये सभी अधिकारी अपने दायित्वों का पालन करते हुये स्थानों के चिन्हीकरण का कार्य 15 जुलाई तक पूरा करें। उन्होंने कहा कि जल शक्ति अभियान को उचित दिशा देते हुए आगामी ढाई माह में इसके सुखद परिणाम सामने आए इसके लिए सभी अधिकारी सामूहिक रूप से प्रयास करें । उन्होंने जल संरक्षण के लिए सवाई माधोपुर में हुए कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि अभी तक हुए कार्यों को जल शक्ति अभियान के एप पर अपलोड करवाया जाए । उन्होंने कहा कि इस दौरान अधिक से अधिक लोगों को जोड़ते हुए श्रमदान करवाया जाए। उन्होंने जिले में अब तक तैयार जल संरचनाओं की मरम्मत और सुदृढ़ीकरण के कार्य करवाए जाने के निर्देश दिए ।
नौटियाल ने अभियान के अंतर्गत जिल में दो लाख पौधे लगाकर उनका संरक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए । उन्होंने सरकारी कार्यालयों, सरकारी विद्यालयों, सहित अन्य संगठनों के भवनों के वर्षा जल संचयन के प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए ।
इस अवसर पर भारत सरकार द्वारा ब्लॉक स्तर पर मॉनिटरिंग के लिये नियुक्त अधिकारी संजीव वर्मा एवं हरिराम मीना ने कहा कि वर्षा का दौर शुरू होने वाला है, सभी अधिकारी बिना देरी किये वर्षा जल संरक्षण के लिये तेज गति से कार्य चालू करें तथा वर्षा के बहते हुये जल का संरक्षण करावें । केन्द्रीय दल में शामिल तकनीकी सदस्य ए. पाल एवं मनोज कुमार मीना ने जल शक्ति अभियान के पोर्टल एवं एप पर रिपोर्टिंग के संबंध में निर्देश दिए ।
बैठक में जिला कलक्टर डॉ. एस.पी.सिंह ने कहा कि 1 जुलाई से अब तक जल शक्ति अभियान की कार्ययोजना के मामले में अपेक्षित प्रगति हुई है और इस दौरान कार्यशाला एवं श्रमदान का आयोजन हो चुका है । उन्होंने कहा कि अभियान के तहत जिले में परम्परागत जल स्त्रोतों को पुनर्जीवित करने एवं उनके जीर्णोद्धार सहित जल संरक्षण एवं वाटर रिचार्ज के कार्यों को जनसहयोग व अन्य योजनाओं के माध्यम से कराया जाएगा ।
जिला कलक्टर ने जिले में पिछले वर्षों में पुराने जल स्रोतों के जीर्णोद्धार के कार्य कहां-कहां करवाये गये हैं तथा उनकी वर्तमान में क्या स्थिति है, के बारे में जानकारी देते हुये अभियान के दौरान सफलता पूर्वक कार्य करने की बात कही। बैठक में एडीएम महेन्द्र लोढा, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी किषोर कुमार, उप वन संरक्षक पी.एस कटेला, मुकेष सैनी आदि ने जल शक्ति अभियान के संबंध में जिले के परिप्रेक्ष्य में जानकारी दी।
प्रभारी अधिकारी एवं अधीक्षण अभियंता बी एल मीना ने बताया कि जिला स्तर पर जल शक्ति अभियान हेतु जिला परिषद, जल संसाधन विभाग, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, भूजल विभाग, स्थानीय निकाय विभाग, कृषि विभाग, जल ग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग, स्वच्छ भारत मिशन, राजीविका, शिक्षा विभाग, वन विभाग सहित अन्य विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य कर अभियान की सफलता सुनिश्चित करेंगे ।
बैठक में एनजीओ, सामाजिक कार्यकर्ता एवं पत्रकारों ने भी जल संरक्षण के संबंध में सुझाव रखे। वरिष्ठ नागरिक संस्थान के अध्यक्ष सुरेष सोगानी ने सुझाव दिया कि तीन एकड़ से बड़े क्षेत्र में एक पानी का टांका अवश्य बने । साथ ही पंचायत समिति में लोगों को बुलाकर उन्हें जल संरक्षण के लिए संकल्पित करवाया जाए।
बैठक में समस्त उपखण्ड अधिकारी, विकास अधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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