भारत सरकार द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री उज्वला योजना

भारत सरकार द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री उज्वला योजना

पैट्रोलियम और प्राकर्तिक गैस मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा शुरू की गई ' प्रधान मंत्री उज्वला योजना ' (PMUY) जिसके लिए 12, 800 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान है जिसमे मार्च 2019 तक 5 करोड़ व 3 करोड़ एलपीजी कनेक्शन मार्च 2020 तक जारी करने का लक्ष्य तय किया गया है । इस योजना को औपचारिक रूप से 01.05.2016 पर बलिया, उत्तर प्रदेश में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा शुरू किया गया था ।
इंडस्ट्री ने ' 18 अगस्त के दौरान 5 करोड़ का मार्क पार किया है जो शेड्यूल से 8 महीने पहले है।
पीएमयूवाई एक ऐसी क्रांति है जिसने देश के गरीब परिवारों के रसोईघरों मे खाना पकाने के ईंधन एलपीजी को सुलभता से प्रदान करके इसे अब तक की सबसे बड़ी सामाजिक समावेश पहल में से एक बना दिया है।
इस साल PMUY कवरेज बढ़ाया गया और नई 7 श्रेणियों अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति परिवारों, प्रधान मंत्री आवास योजना (ग्रामीण), अंत्योदय अन्ना योजना , वनवासी, सबसे पिछड़े वर्ग (अति पिछड़ों), चाय और पूर्व चाय बागान जनजाति, द्वीप / नदी द्वीप में रहने वाले लोग को शामिल किया गया ।
हाल ही में, देश में स्वच्छ घरेलू ईंधन एलपीजी की एक सार्वभौमिक पहुंच देने के लिए, माननीय प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने एक ताजा निर्णय दिया है, जो गरीब परिवारों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन जारी करने के लिए जारी किया गया है, जो एसईसीसी सूची में या EPMUY के 7 श्रेणियों के अंतर्गत नहीं आते है ।
26.12.2018 तक बीपीसीएल ने 1.59 करोड़ से अधिक एलपीजी कनेक्शन जारी किए हैं और तीनों तेल मार्केटिंग कोंपनियों ने इस योजना के तहत अखिल भारतीय आधार पर 5.9 करोड़ से अधिक एलपीजी कनेक्शन जारी किए हैं । इसके अलावा, राष्ट्रीय एलपीजी कवरेज जो 01.04.2016 को 62 % से कम था इसमे एक नई बढ़त के रूप में 01.12.2018 पर 89.5 % के रूप में सुधार हुआ है ।
जिला उदयपुर में राजस्थान आईओसी ने 84799 जारी किया है, बीपीसी 147306 और एचपीसी 32983 कुल 265088 लाभार्थियों की संख्या दिनांक 31.12.2018 तक योजना के तहत एलपीजी कनेक्शन के साथ प्रदान की गई है । कुल कवरेज 01.04.2016 को 48 % था जो कि लगभग 73% के रूप मे पहुच गया है ।
योजना के तहत 81.96 % हितग्राही, जो गैस चूल्हा और पहली रिफिल की खरीद के लिए अग्रिम भुगतान करने का जोखिम नहीं उठा सके, उन्हे OMC’S द्वारा ऋण सुविधा प्रदान की गई ।
इसका उल्लेख महत्वपूर्ण है कि जिले में 73% PMUY लाभार्थियों के कनेक्शन जारी होने के बाद एलपीजी सिलेंडर की रिफिलिंग के लिए वापसी हुई है ।
गरीब परिवारों को एलपीजी सस्ती बनाने के लिए, तीनों तेल मार्केटिंग कंपनियों ने उज्वला लाभार्थियों को 5KG रिफिलिंग का विकल्प पेश किया है जहां उज्वला लाभार्थी 5 किलो रिफिल ले सकते है व जरूरत होने पर वापिस 14.2Kg सिलिंडर ले सकते है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों में अस्थिरता से उपभोक्ताओं को बचाने के लिए, और RSPऔर रियायती मूल्य के बीच अंतर सीधे ग्राहक के बैंक खाते में स्थानांतरित कर दिया जाता है इस प्रकार ग्राहक को नियत मूल्य प्रभावित नहीं होता है । वर्तमान 14.2 किलो सिलेंडर का आरएसपी 718.50 व सब्सिडी राशि 215.91 रुपये है, जो कि ग्राहक को शुद्ध मूल्य 502.59 रुपये मे पड़ता है ।
इस योजना के अन्य लाभों (सामाजिक-आर्थिक प्रभाव) को देखा जा सकता है:
1. ग्रामीण गरीब परिवारों जो की पारंपरिक खाना पकाने के लिए एक बड़ी संख्या मे लकड़ी /कृषि अपशिष्ट/बायोमास/केरोसिन के रूप में ईंधन का उपयोग करते हे, उनको स्वच्छ खाना पकाने के लिये एलपीजी ईंधन मे परिवर्तित कर सकते हैं । स्वच्छ खाना पकाने मे एलपीजी ईंधन के उपयोग से रसोईघरों के अन्दर घरेलू प्रदूषण दूर हो जाता है ।
2. ठोस ईंधन और मिट्टी के तेल के जलने से घरेलू वायु प्रदूषण होता है, उसके परिणाम के रूप में महिलाओं और उनके परिवारों के लिए के लिए यह एक बडा जोखिम हे इस को कम करने एवं स्वास्थ्य लाभ मे महत्वपूर्ण प्रत्यक्ष स्वच्छ एलपीजी ईंधन है ।
3. स्वच्छ एलपीजी ईंधन से methane, black carbon and organic carbon मे कमी होती है जो की अकुशल ठोस ईंधन स्टोव द्वारा उपयोग करने से उत्सर्जित होते है । ग्लोबल वार्मिंग को कम करने लिए एलपीजी का महतवपूर्ण योगदान है।
4. स्वच्छ एलपीजी ईंधन के उपलब्ध होने से जंगलों मे लकड़ी के काटने मे कमी आई ।
5. स्वच्छ एलपीजी ईंधन के उपलब्ध होने महिलाओं और बाल श्रम के ईंधन संग्रह और खाना पकाने में लगने वाले समय में कमी आई जिस से महिलाओं के पास पर्याप्त समय है जिस मे वो अपने परिवार के साथ अतिरिक्त समय बिता रही है व अन्य आम्दानी बढ़ाने के कार्य भी कर रही है ।
6. वैश्विक एलपीजी उपयोग से सामाजिक लाभ बढ़ाने का अवसर मिला है ।
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