केन्द्र सरकार के जासूसी प्रकरण की जाँच एवं गृहमंत्री के इस्तीफे की माँग को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी 22 जुलाई को राजभवन का घेराव कर प्रदर्शन करेगी

केन्द्र सरकार के जासूसी प्रकरण की जाँच एवं गृहमंत्री के इस्तीफे की माँग को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी 22 जुलाई को राजभवन का घेराव कर प्रदर्शन करेगी

जयपुर, 20 जुलाई। भारत की जनता के वोटों से चुनी हुई इस देश की केंद्र सरकार जिस प्रकार देशवासियों के फोन हैक करवाकर जासूसी एवं निगरानी कर रही है यह ना सिर्फ निंदनीय है बल्कि गंभीर एवं चिंतनीय विषय है। केंद्र सरकार द्वारा देश के लोकतंत्र के चारों स्तंभों विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका एवं मीडिया के लोगों की जासूसी एवं निगरानी इजरायली सॉफ्टवेयर पेगासस स्पाइवेयर के माध्यम से फोन हैक कर की जा रही है जो कि संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन है तथा प्रधानमंत्री सहित गृह मंत्री अमित शाह एवं अन्य केंद्रीय मंत्री व अधिकारीगणों द्वारा संविधान की शपथ का खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन है। देश की जनता की निजता का हनन है तथा यह कृत्य राष्ट्रद्रोह की श्रेणी में आता है आता है। उक्त विचार राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री गोविंद सिंह डोटासरा ने आज कांग्रेस मुख्यालय पर प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा निगरानी एवं निजता का हनन करने में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस से जुड़ी व संबंधित महिला को भी नहीं छोड़ा गया। सुरक्षा एजेंसियां जो देश की सुरक्षा में रात-दिन संलग्न है उन्हें भी नहीं बख्शा गया इस प्रकार का षड्यंत्र देश के प्रधानमंत्री तथा गृहमंत्री अमित शाह के द्वारा किया गया है तथा खुलासा होने के पश्चात आम जनता के प्रश्नों का जवाब भी केंद्र सरकार द्वारा नहीं दिया जा रहा, यह देश का दुर्भाग्य है। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे हुए भाजपा नेता देश में निजता का हनन एवं जासूसी करने से किसी को नहीं बख्श रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी एवं उनके स्टाफ सहित मुख्य चुनाव आयुक्त, कैबिनेट मंत्री, राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा के निजी सचिव तथा वर्तमान केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के निजी सचिव की भी निगरानी एवं जासूसी की गई है, जिस कारण संपूर्ण विश्व में तहलका मच रहा है। उन्होंने कहा कि देश के आईटी मंत्री जासूसी होने के खुलासे पर आरोपों का खण्डन कर रहे हैं तथा पूर्व मंत्री रविशंकर प्रसाद कह रहे हैं कि इजरायली संस्थान के पास नेताओं के नंबर होना जासूसी का प्रमाण नहीं है जबकि पूर्व में पूछे गए प्रश्न के जवाब में केन्द्र सरकार ने उत्तर दिया था कि इजरायली कंपनी के सॉफ्टवेयर से जासूसी होने की सूचना मिली है जिसकी जांच एनएसओ द्वारा करवाई जा रही है केंद्र सरकार स्वयं जासूसी करने से इंकार कर रही है किंतु इजरायली कंपनी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार उक्त जासूसी सॉफ्टवेयर केवल देश की सरकारों को ही प्रदान किया जाता है, इस खुलासे के पश्चात केंद्र सरकार जासूसी व निगरानी करने एवं निजता का हनन करने के आरोपों को नकार नहीं सकती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि जासूसी करने व निजता भंग करने एवं निगरानी करने के केंद्र सरकार पर लगे आरोपों की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में करवाई जाए तथा देश के गृह मंत्री अमित शाह से तत्काल इस्तीफा लिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की सहमति के बगैर देश के गृहमंत्री इतना बड़ा कदम नहीं उठा सकते ऐसी स्थिति में गृह मंत्री का इस्तीफा लिया जाकर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच करवाई जाए तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं भी अपने आप को जांच हेतु प्रस्तुत करें।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का यह कृत्य देश के नागरिकों की सुरक्षा एवं निजता पर हमला है। केंद्र सरकार के इस कृत्य की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में करवाने तथा गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफा लेने की मांग को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा दिनांक 22 जुलाई को राजस्थान के राज्यपाल का घेराव कर ज्ञापन सौंपा जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं गृह मंत्री अमित शाह को जांच का सामना कर स्वयं को पाक साफ साबित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी स्वयं को राष्ट्र प्रेमी राष्ट्रवादी तथा चौकीदार कहते हैं किंतु अपने ही देश के नागरिकों की निजता को भंग कर रहे हैं, आज देश के नागरिकों को केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे, हर कार्य पर संशय होने लगा है देश का हर नागरिक अपनी निजता के भंग होने की चिंता से ग्रस्त है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से केंद्र सरकार द्वारा जासूसी एवं निगरानी करने का कार्य किया जा रहा है उसके पश्चात न्यायपालिका द्वारा दिए जा रहे फैसले भी संशय उत्पन्न कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल के कई सदस्य उनके कार्यों से सहमत नहीं थे, इसलिए उनकी निगरानी एवं जासूसी की गई तथा मंत्रिमंडल विस्तार में कई चेहरे बदल दिए गए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार केंद्र सरकार द्वारा राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे की जासूसी करने के आरोपों का खुलासा हुआ है इस तथ्य को बल मिला है कि राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को भारतीय जनता पार्टी में दूध से मक्खी निकाल कर फेंकने जैसा कार्य किया है, जबकि उनकी माताजी श्रीमती विजय राजे सिंधिया ने भारतीय जनता पार्टी को पैरों पर खड़ा होने के लिए कार्य किया था। उन्होंने कहा कि देश में विपक्षी नेताओं, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, स्वयं की पार्टी के नेताओं की जासूसी करने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं गृह मंत्री अमित शाह लिप्त है, यह प्रमाणित है इनके द्वारा संविधान की ली गई शपथ का उल्लंघन किया गया है तथा संवैधानिक दायित्वों की अनदेखी कर जासूसी एवं निगरानी करवाई गई है जिसमें उनके द्वारा उच्चतम न्यायालय को भी इस कृत्य के दायरे में लिया जाकर मनमाफिक फैसले करवाने का आरोप लगना अतिशयोक्ति नहीं है तथा देश की शासन व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लग गया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देश में बेरोजगारी कम करने में असफल रही है, महंगाई पर लगाम कसने में असमर्थ है, काले कृषि कानून लागू कर अपने तानाशाह एवं अलोकतांत्रिक होने का परिचय दिया है तथा भाजपा नेता भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे हुए हैं, जिससे आम जनता आक्रोशित है ऐसी परिस्थिति में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफा लेकर इस पूरे प्रकरण की जांच करवाने के आदेश देने चाहिए तथा स्वयं को भी जांच हेतु प्रस्तुत करना चाहिए।
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