मुंबई में नौंवीं अंतरराष्ट्रीय नेक्स्टजेन जेनोमिक्स, बायलॉजी, बायोइन्फॉर्मेटिक्स एवं टेक्नॉलॉजीज़ (एनजीबीटी) कॉन्फ्रेंस

मुंबई में नौंवीं अंतरराष्ट्रीय नेक्स्टजेन जेनोमिक्स, बायलॉजी, बायोइन्फॉर्मेटिक्स एवं टेक्नॉलॉजीज़ (एनजीबीटी) कॉन्फ्रेंस

मुंबई, 30 सितंबर, 2019: भारत में शोध व शिक्षा द्वारा विज्ञान को बढ़ावा देने के लिए समर्पित नॉट-फॉर-प्रॉफिट संगठन, साईजीनोम रिसर्च फाउंडेशन (एसजीआरएफ) ने 30 सितंबर से 2 अक्टूबर के बीच मुंबई में नौंवीं वार्षिक ‘नेक्स्टजेन जेनोमिक्स, बायलॉजी, बायोइन्फॉर्मेटिक्स एवं टेक्नॉलॉजीज़ (एनजीबीटी)’ कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया है।
यह तीन दिवसीय कार्यक्रम भारत एवं विश्वसे बायलॉजी एवं बायालॉजी-इनेब्लिंग टेक्नॉलॉजीज़ के विविध क्षेत्रों से वक्ताओं का प्रदर्शन करेगी । इस विस्तृत मीटिंग में बेसिक एवं ट्रांसलेशनल साईंस के लिए जेनोमिक्स टेक्नॉलॉजी में हुई प्रगति को शामिल किया गया है। इसमें बायलॉजी के व्यापक क्षेत्रों, जैसे ह्यूमन जेनेटिक्स, ड्रग डिस्कवरी, क्लिनिकल मेडिसीन बायोमार्कर्स, डायग्नोस्टिक्स, एनिमाल, प्लांट, एग्रीकल्चर एवं कंज़र्वेशन साईंसेस पर केंद्रित वार्ताएं होंगी।
एनजीबीटी कॉन्फ्रेंस चेयर एवं प्रेसिडेंट, एसजीआरएफ, डॉ. सेकर सेशागिरी ने कहा, पिछले नौ सालों में एनजीबीटी ने शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों, क्लिनिशियंस, वनस्पति एवं जंतु विज्ञानियों और टेक्नोलॉजी/बायोलॉजी कंपनियों के फोरम का निर्माण किया है, जहां वो एकत्रित होकर विज्ञान एवं टेक्नॉलॉजी में होने वाली प्रगति के बारे में जानकारी एवं ज्ञान का आदान प्रदान कर सकें । जेनोमिक्स का विज्ञान हैल्थकेयर, ड्रग डिस्कवरी, प्लांट एवं एनिमाल साईंसेस में क्रांति ला रहा है। हमारी कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य इन अत्याधुनिक प्रगतियों को भारत में वैज्ञानिकों एवं महत्वाकांक्षी विद्यार्थियों को उपलब्ध कराना है । विज्ञान का उद्देश्य समाज के कल्याण में मदद करना है और हमें उम्मीद है कि हमारी कॉन्फ्रेंस इस उद्देश्यको पूरा करने में मदद करेगी ।
यह कॉन्फ्रेंस एक वार्षिकप्लेटफॉर्म है, जो भारत और दक्षिण एशिया में वैज्ञानिक शोध को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। इसमें पूरी दुनिया के अनेक औद्योगिक लीडर्स हिस्सा लेते हैं ।
डॉ. कुमार प्रभाश, प्रो. मेडिकल ऑन्कोलॉजी, टाटा मैमोरियल हॉस्पिटल, मुंबई ने कहा, हमने हाल ही में फेफड़ों के कैंसर के एक मरीज का इलाज उसके ट्यूमर के म्यूटेशन पर आधारित सही दवाई के साथ किया, जिससे उसका फेफड़ों का कैंसर ठीक हो गया और उसके जीवन की गुणवत्ता में सुधार आया । जेनोमिक्स इनेबल्ड प्रेसिज़न मेडिसीन मरीज का मिलान सही दवाई से करके कैंसर के इलाज में परिवर्तन ला रही है।
डॉ. के. के. नारायणन, फाउंडर एवं पूर्व सीईओ, मेटाहेलिक्स इंडिया ने कहा, मुझे खुशी है कि एनजीबीटी के अभियान ने पूरी दुनिया के विद्वानों, विचारकों एवं वैचारिक नेतृत्वकर्ताओं को मिलने और विचारों का आदान प्रदान करने का अवसर दिया । जेनोमिक्स में होने वाली वैज्ञानिक प्रगतियां अनेक क्षेत्रों, जैसे कृषि विज्ञान में भारी परिवर्तन लाने वाली हैं। इससे हमारे किसानों एवं उनके कल्याण पर काफी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा ।
इस कॉन्फ्रेंस में पूरी दुनिया से एसीटीआरईसी, टाटा मैमोरियल हॉस्पिटल, टीआईएफआर, आईआईएसईआर, आईआईएससी, एनआईबीएमजी, एनसीबीएस, आईआईटी, एआईआईएमएस, टीएनएयू, केएयू, एसआरएमसी, सीसीएमबी, बीजीआई, जॉन्सहॉपकिंस यूनिवर्सिटी, यूसीएसएफ, यूएनआईऑफ फ्रैंकफर्ट, इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर रिसर्च यूके, यूएनआई ऑफ टोरंटो, यूएनआई ऑफमॉन्ट्रील, गोएद यूनिवर्सिटी, सीएमसी-वैल्लोर, इंस्टीट्यूट ऑफकैंसर रिसर्च : रॉयल कैंसर हॉस्पिटल, टाटा रालिस, जेनेंटेक, 10एक्स जेनोमिक्स, नैनोस्ट्रिंग, पैकबायो, ऑक्सफोर्ड नैनोपोएर, मेडजिनोम, एग्रीजिनोम, नेचर, क्यूआईएमआर बेर्घोफर, सेंट ज्यूड चिल्ड्रंस रिसर्च हॉस्पिटल एवं अन्य अग्रणी संगठनों के वैज्ञानिक नेतृत्वकर्ताओं ने हिस्सा लिया ।
एसजीआरएफ ने एनजीबीटी की मीटिंग में विद्यार्थियों की प्रतिभागिता में सहयोग करने के लिए 100 से ज्यादा मीटिंग स्कॉलरशिप की घोषणा भी की । ये अत्यधिक प्रतिस्पर्धी मीटिंग स्कॉलरशिप एनजीबीटी कॉन्फ्रेंस प्रेज़ेंटेशन के लिए जमा किए गए एब्सट्रैक्ट्स के आधार पर दी गईं। डॉ. कृष्णा राजलिंगम, प्रोफेसर, यूनिवर्सिटी ऑफ फ्रैंकफर्ट एवं को-चेयर, एनजीबीटी मीटिंग ने कहा, हम प्रितिष्ठित ज़र्नल्स जैसे नेचर, सेल एवं साईंस के द्वारा हमें दिए गए सहयोग के लिए आभारी हैं, जो उन्होंने हमें स्टूडेंट पोस्टर प्राईज़ेस के लिए दिया ।
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