1094 करोड़ रुपये राशि से जल जीवन मिशन के तहत घर-घर मिलेगा कनेक्शन - जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री

1094 करोड़ रुपये राशि से जल जीवन मिशन के तहत घर-घर मिलेगा कनेक्शन - जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री

जयपुर, 3 मार्च । जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री डॉ. बी.डी.कल्ला ने बुधवार को विधानसभा में बताया कि वर्ष 2021-22 के बजट में 1094 करोड़ रुपये की लागत से जल जीवन मिशन के तहत घर-घर पानी कनेक्शन दिये जाने की घोषणा की गयी है । इसकी वृहत डीपीआर 30 अगस्त से पहले बनाकर जल्द से जल्द योजना को आगे बढ़ाया जायेगा । उन्होंने बताया कि राज्य सरकार प्रदेश की जनता को फ्लोराइड मुक्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

डॉ. कल्ला प्रश्नकाल मेंविधायक श्री नारायण सिंह देवल के पूरक प्रश्न का जवाब देते हुए बताया कि विधानसभा भीनमाल एवं रानीवाड़ा में फ्लोराइड मुक्त पेयजल उपलब्ध कराने के कार्य में लापरवाही बरतने वाली ठेकेदार फर्म की 20 करोड़ 98 लाख रुपये क्षतिपूर्ति राशि विभाग द्वारा रोक ली गयी है। उन्होंने बताया कि विभाग के एक्सईएन द्वारा 10 जून 2020 तक 12 नोटिस, एसई द्वारा 8 नोटिस, मुख्य अभियंता द्वारा 2 नोटिस दिये गये। इस प्रकार 22 नोटिस दिये गये।
उन्होंने बताया कि ये प्रोजेक्ट वर्ष 2013 में पूर्ववर्ती सरकार द्वारा चयन किया जाकर शुरू कराया गया था, उस दौरान ही लेट हुआ, जबकि वर्तमान राज्य सरकार ने तो फर्म को 22 नोटिस तक दिये है । साथ ही अभी तक 70 प्रतिशत तक काम भी नहीं हुआ है तो परीक्षण कराया जायेगा । उन्होंने बताया कि नर्मदा ई. आर. परियोजना में डीपीआर बनाने के लिए 2 करोड़ 33 लाख 64 हजार रुपये की मंजूरी 11 फरवरी 2021 को जारी कर दी गयी है ।

इससे पहले जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने विधायक श्री देवल के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में बताया कि वर्ष 2001 की जनगणना अनुसार विधान सभा क्षेत्र भीनमाल के 77 ग्राम, विधानसभा क्षेत्र रानीवाड़ा के 24 ग्राम, विधानसभा क्षेत्र सांचौर के 112 ग्राम, विधानसभा क्षेत्र, आहोर के 22 ग्राम एवंविधानसभा क्षेत्र, जालौर के 21 ग्राम, इस प्रकार कुल 256 ग्राम एवं इनकी ढाणियों तथा भीनमाल शहर की पेयजल मांग सम्मिलित करते हुए नर्मदा का ई.आर. प्रोजेक्ट शुरू किया गया था । उन्होंने बताया कि निर्धारित मानक गुणवत्ता अनुरूप पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए नर्मदा नहर आधारित ई.आर. आधारभूत परियोजना की प्रशासनिक एवंवित्तीय स्वीकृति विभागीय नीति निर्धारण समिति की 191वीं बैठक में 19 सितंबर 2013 को 455.16 करोड़ रुपये राशि जारी हुई थी ।

डॉ.कल्ला ने बताया कि इस परियोजना के कार्यों के निष्पादन के लिए मैसर्स एसपीएमएल इन्फ्रा. लिमिटेड, गुड़गांव (हरियाणा) को 24 सितंबर 2013 को 372.70 करोड़ रुपये की राशि का कार्यादेश जारी किया गया । उन्होंने बताया कि अनुबंधक फर्म ने 4 अक्टूबर 2013 को इस परियोजना का कार्यशुरू किया ।

उन्होंने बताया कि अनुबंधक फर्म द्वारा परियोजना के कार्य धीमी गति से करने एवं तद्नुसार तय प्रोरेटा अनुसार प्रगति नहीं देने के कारण, इसका 67 प्रतिशत कार्य अब तक पूर्ण किया गया है । वैश्विक महामारी कोविड-19 के शुरू होने के फलस्वरूप परियोजना का कार्य अनुबंधक फर्म 22 मार्च 2020 से बंद कर दिया गया । अभी तक कार्य शुरू नहीं किया गया है । अनुबंध के प्रावधान एवं शर्तों के अनुसार अनुबंधक फर्म की 20.98 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि विभाग द्वारा रोक ली गयी है ।

डॉ. कल्ला ने बताया कि परियोजना के कार्यों की निर्धारित प्रगति नहीं देने एवं उक्त दिनांक से कार्य बंद किये जाने के कारण, अनुबंध के क्लॉज-2 एवं 3 के तहत कार्यवाही करते हुए इसका कार्यशीघ्र शुरू करने के लिए विभाग द्वारा 14 जुलाई 2020 और 13 नवंबर 2020 को अनुबंधक फर्म को नोटिस जारी किये गये हैं ।

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने बताया कि ई.आर. कलस्टर परियोजना के अंतर्गत जालौर जिले के उक्तानुसार शेष रहे 256 ग्रामों को कलस्टर वितरण प्रणाली से लाभांवित करने के लिए पूर्व में वर्ष 2016 में 449.82 करोड़ रुपये राशि की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डी.पी.आर.) तैयार की गई थी, लेकिन वित्तीय संसाधनों की सीमित उपलब्धता के दृष्टिगत उक्त डी.पी.आर. की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति तत्समय जारी नहीं की जा सकी ।

उन्होंने बताया कि सतहीजल स्रोत नर्मदा नहर आधारित ई.आर. कलस्टर पेयजल परियोजना के अंतर्गत जिला जालौर के विधानसभा क्षेत्र, भीनमाल के 77 ग्राम, विधानसभा क्षेत्र, रानीवाड़ा के 26 ग्राम, विधानसभा क्षेत्र, सांचौर के 160 ग्राम, विधान सभा क्षेत्र, आहोर के 22 ग्राम एवं विधानसभा क्षेत्र, जालौर के 21 ग्राम, इस प्रकार वर्ष 2011 की जनगणनानुसार कुल 306 ग्राम एवं इनकी ढाणियों में जल जीवन मिशन कार्यक्रम के अंतर्गत घर-घर जल पहुंचाया जायेगा ।

उन्होंने बताया कि पेयजल आपूर्ति करने के उद्देश्य से सर्वेक्षण एवं विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डी.पी.आर.) तैयार करने की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति राज्य स्तरीय स्कीम सैंक्शन कमेटी (एस.एल.एस.एस.सी.) की 20वीं बैठक 11 फरवरी 2021 को 233.64 लाख रुपये की जारी की गई है । उक्त कार्य के लिए सलाहकार फर्म नियुक्त की जाकर परियोजना की डी.पी.आर. बनाने का कार्य हाथ में लिया जायेगा ।

डॉ.कल्ला ने बताया कि वर्ष 2021-22 में जलजीवन मिशन के अंतर्गत 12 नवीन वृहद् पेयजल परियोजनाओं का कार्य प्रारंभ किये जाने के लिए 24 फरवरी 2021 को बजट घोषणा में, उक्त पेयजल परियोजना (लागत 1 हजार 94 करोड़रूपये) को भी शामिल किया गया है । उन्होंने बताया कि उक्तानुसार जल जीवन मिशन कार्यक्रम के अंतर्गत ई.आर. कलस्टर परियोजना की डी.पी.आर. बनने के बाद इसकी वास्तविक लागत के आधार पर प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की जाकर परियोजना का क्रियान्वयन शुरू किया जायेगा ।
  • Powered by / Sponsored by :