धरतीपुत्रों का आंदोलन देश के भविष्य को तय करेगा: रतननाथ कालबेलिया

धरतीपुत्रों का आंदोलन देश के भविष्य को तय करेगा: रतननाथ कालबेलिया

जयपुर, 19 जनवरी, 2021। केन्द्र की भाजपा सरकार द्वारा लाये गये तीन काले कृषि कानूनों के विरूद्ध खड़े देशभर के किसानों के साथ भाजपा सरकार द्वारा किए जा रहे अमानवीय व्यवहार तथा अड़ियल रवैये के चलते विगत् 50 दिनों से अधिक हो जाने पर भी किसानों की मांगों को नहीं मानते हुए देश के अन्नदाता के साथ किए जा रहे अन्याय के विरोध में मंगलवार को राजस्थान प्रदेश के घुमंतु, अर्द्धघुमंतू व विमुक्त जाति परिषद् द्वारा जयपुर स्थित शहीद स्मारक पर धरना दिया गया । धरने में प्रदेशभर से घुमंतु अर्द्ध घुमंतु एवं विमुक्त समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए ।
धरने को सम्बोधित करते हुए सिरोही विधायक संयम लोढ़ा ने कहा है कि केंद्र सरकार के कृषि बिल किसानों के ही नहीं बल्कि हर उस वर्ग के खिलाफ हैं जो मेहनत-मजदूरी कर अपना जीवन यापन करता है। इन बिलों के लागू होने से देश के पूंजीपतियों की जेबे ही भरेगी और किसान व अन्य वर्ग को भला नहीं होगा।
घुमंतु, अर्द्धघुमंतू व विमुक्त जाति परिषद् के प्रदेशाध्यक्ष रतननाथ कालबेलिया ने बताया कि केन्द्र की भाजपा सरकार देश के किसानों को पंगू बनाने के लिए तीन काले कानून लेकर आयी है जो किसानों को अपनी ही भूमि से बेदखल करने वाले है। उन्होंने कहा कि देश के धरतीपुत्रों का आंदोलन देश के भविष्य को तय करेगा। इस कृषि आंदोलन से सरकारों को यह सबक मिलेगा कि वो ऐसे कानून न बनाएं जो आम आदमी के खिलाफ हो।
धरने को भोपा समाज के प्रदेशाध्यक्ष रूपा राम भोपा, बागरिया समाज की प्रदेशाध्यक्ष गीता बागरिया, संगठन के जयपुर जिलाध्यक्ष जगदीश महाराज, प्रदेश महासचिव संजय अड़िया, महामंत्री श्रवण सपेरा, जैसलमेर जिलाध्यक्ष बाबूलाल लुहार, जोधपुर जिलाध्यक्ष कोजाराम वकील, रोडी बागरिया तथा सोश्यल मीडिया प्रभारी सांवर सालवी ने संबोधित किया । धरने में प्रदेशभर से आए घुमंतु अर्द्ध घुमंतू और विमुक्त समाज के प्रतिनिधि मौजूद रहे ।
इस अवसर पर कालबेलिया नृत्यांगना मीना सपेरा और उनकी टीम ने कालबेलिया नृत्य प्रस्तुत किए । धरने में परिषद की ओर से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग की गई। प्रदेशभर से धरने में शामिल हुए घुमंतु अर्द्ध घुमंतू और विमुक्त समाज के प्रतिनिधियों ने केन्द्र सरकार को चेताते हुए हुंकार भरी कि यदि 26 जनवरी तक तीनों काले कानून रद्द नहीं हुए तो घुमंतु अर्द्ध घुमंतू और विमुक्त समाज के लोग दिल्ली कूच कर किसानों के धरने में शामिल होंगे।
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