जयपुर जिले में ‘सुशासन के लिए जनसंवाद‘ कार्यक्रम गुरूवार से

जयपुर जिले में ‘सुशासन के लिए जनसंवाद‘ कार्यक्रम गुरूवार से

जयपुर, 08 जनवरी। जिला प्रशासन की विशेष पहल पर जयपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में आमजन एवं किसानों की समस्याओं का चिह्नीकरण कर उनके त्वरित समाधान से राहत प्रदान करने के लिए गुरूवार, 10 जनवरी से ‘सुशासन के लिए जनसंवाद‘ कार्यक्रम का आगाज होगा। यह कार्यक्रम में आगामी 28 फरवरी तक जारी रहेगा।
जिला कलक्टर श्री जगरूप सिंह यादव ने बताया कि इस ‘सुशासन के लिए जनसंवाद‘ कार्यक्रम के तहत जिले के सभी उपखण्ड अधिकारी प्रत्येक सप्ताह में दो-तीन कार्य दिवसों में अपने अपने क्षेत्र में 2-3 ग्राम पंचायतों का भ्रमण करेंगे। इस दौरान वे स्थानीय सरपंच, जन प्रतिनिधियों एवं आम जनता से संवाद कर ग्राम पंचायत क्षेत्र की सार्वजनिक समस्याओं एवं परिवेदनाओं को दर्ज करेंगे।
उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में उपखण्ड अधिकारियों के साथ सम्बंधित पंचायत समितियों के विकास अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा आवश्यकता अनुसार क्षेत्र से सम्बंधित अन्य विभागों के अधिकारियों को भी जोड़ा जा सकेगा। सभी उपखण्ड अधिकारी अपने क्षेत्र में ग्राम पंचायतवार भ्रमण कार्यक्रम तैयार करेंगे और इस बारे में जिला प्रशासन को सूचित करेंगे।
निर्धारित समय में होगा प्रकरणों का समाधान
श्री यादव ने बताया कि उपखण्ड अधिकारियों को इस कार्यक्रम के जरिए प्राप्त होने वाली जनसमस्याओं का एक निर्धारित सीमा में निस्तारण कर ग्रामीण जनता को लाभांवित करने के निर्देश दिए गए है। इस कार्यक्रम के दौरान जिला या राज्य स्तर से सम्बंधित जो प्रकरण संज्ञान में आएंगे, उनके लिए अधिकारियों को अपने भ्रमण दिवस से तीन दिवस की अवधि में ठोस प्रस्ताव अभिशंषा के साथ भिजवाने के निर्देश दिए गए है।
ये कार्य होंगे सम्पादित
जिला कलक्टर ने बताया कि ‘सुशासन के लिए जनसंवाद‘ में लम्बित नामांतरण, सार्वजनिक प्रयोजनार्थ भूमि आवंटन/आरक्षण एवं मुख्य रास्तों एवं नदी नालों पर अतिक्रमण के प्रकरणों का चिह्नीकरण, विभिन्न पेंशन योजनाओं की समीक्षा, ग्राम पंचायातों में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति (निःशुल्क दवा, निः शुल्क जांच एवं मौसमी बीमारियां आदि), एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के कार्य किए जाएंगे। इसके साथ ही विद्युत आपूर्ति, ट्रांसफार्मर, ढीले तार, मीटर बॉक्स की समस्याएं, जल आपूर्ति योजनाओं की समीक्षा, हैंड पम्प मरम्मत, पेयजल सम्बंधी शिकायतों का निराकरण, महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत चलाए जा रहे कार्यों एवं उनके भुगतान की समीक्षा, सार्वजनिक वितरण प्रणाली की विविध योजनाओं के लाभार्थियों की जानकारी, ग्राम पंचायतों में इंटरनेट कनेक्शन एवं विभिन्न ई-सेवाओं की उपलब्धता, विद्यालयों में ई-लर्निंग सुविधा, ग्रामीण सड़को एवं रास्तों की स्थिति, पशुओं के टीकाकरण, उपचार एवं कृत्रिम गर्भाधान के बारे में पशुपालकों से चर्चा, सांसद एवं विधायक कोष के कार्यों की प्रगति की समीक्षा जैसे कार्यों पर भी फोकस किया जाएगा। इसके अलावा सरकार की विभिन्न योजनाओं की जन सामान्य को जानकारी देने के लिए आईईसी सामग्री का भी वितरण किया जाएगा।
जनप्रतिनिधियों के सहयोग से मिलेगा जनता को लाभ
उन्होंने बताया कि उपखण्ड अधिकारियों को इस कार्यक्रम को अधिक से अधिक प्रचार प्रसार करते हुए सभी जनप्रतिनिधियों को इसकी जानकारी देते हुए उनके रचनात्मक सहयोग से लोगों को लाभांवित करने के निर्देश दिए गए है। उपखण्ड अधिकारी प्राप्त होने वाली समस्याओं और प्रार्थना पत्रों को रजिस्टर में दर्ज करेंगे, साथ ही ग्रामीणों द्वारा मौखिक रूप से बताई जाने वाली समस्याओं, शिकायतों एवं सुझावों को भी नोट करेंगे।
जिला प्रशासन को भेजनी होगी रिपोर्ट
श्री यादव ने बताया कि सभी उपखण्ड अधिकारियों को कार्यक्रम में ग्राम पंचायतों के भ्रमण की प्रगति रिपोर्ट उसी दिन सायं 6 बजे तक जिला प्रशासन को भेजने के निर्देश दिए गए है। इसके अलावा अतिरिक्त जिला कलक्टर स्तर के अधिकारियों को भी अपने क्षेत्राधिकार के उपखण्ड क्षेत्रों में इस कार्यक्रम में भाग लेने के निर्देश प्रदान किए गए है।
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