जय जगत यात्रा के धौलपुर आगमन पर किया भव्य स्वागत

जय जगत यात्रा के धौलपुर आगमन पर किया भव्य स्वागत

धौलपुर 7 अक्टूबर। वैश्विक शांति एवं न्याय के लिए महात्मा गांधी की 150वीं जयन्ती के अवसर पर नयी दिल्ली से जिनेवा तक एक साल तक चलने वाली यात्रा की शुरूआत महात्मा गांधी की समाधि स्थल राजघाट से प्रख्यात गांधीवादी पीवी राजगोपाल के प्रतिनिधित्व में अन्तर्राष्ट्रीय शांति अंहिसा संस्थान मदुरई के संचालक ने धौलपुर सर्किट हाऊस में प्रेसवार्ता आयोजित कर कहा कि 11 हजार 300 किलोमीटर की यह जय जगत 2020 यात्रा ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, ईरान, सेनेगल, स्वीडन और बेल्जियम समेत 10 देशों से गुजरेगी। उन्होंने बताया कि मार्ग में विदेशी प्रतिनिधि समेत यात्रा करने वाले समानांतर समूह भी इस यात्रा में शामिल है। जय जगत का अयोजन वैश्विकरण को गांधीवादी नजरिए से देखने के लिए किया जा रहा है। जिसमें पूरी दुनियां से अंहिस खत्म कर न्याय आधारित समाज की स्थापना दुनिया में शांति एवं न्याय के लिए गांधीवादी रास्ते को अपनाए जाने के लिए अंहिसक एवं समता मूलक समाज की स्थापना हो सकें । जय जगत यात्रा दुनियां के कई देशो में समान्तर चल रहीं है और सभी यात्राऐं अगले 25 सितम्बर को जिनेवा पहुंचेगी। जहां 25 सितम्बर से 2 अक्टॅूबर तक शांति एवं न्याय के लिए समर्पित हजारों लोगों का समागम होगा। यात्रा उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश होते हुए एक गांधी आश्रम वर्धा महाराष्ट्र पहुंचेगी जहां उसके समापन पर बापू की 150वीं एवं आचार्य विनोबा भावे की 125वीं जयन्ती के उपलक्ष्य में शांति महासभा का अयोजन किया जाएगा। इसके बाद यात्रा अन्य देशों के लिए रवाना होगी और जय जगत यात्रा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में विश्व शांति के लिए संवाद करते हुए आगे बढ़ेगी। अनेक स्थानों पर शांति के लिए समर्पित कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण शिविर और शांति सभाओं का आयोजन भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गांधीजी ने सर्वोदय कर विश्व कल्याण की बात कही। जिनेवा में जल प्रदूषण समस्या, गरीबी की समस्या, अंहिसा एक बड़ी समस्या है इन पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार द्वारा इस यात्रा को भरपूर सहयोग मिल रहा है। सरकार द्वारा 15-15 के समूह में लोग भेजे जाएगा और यह यात्रा के दौरान अंहिसात्मक एवं गांधीवादी विचारों से प्रेरित होकर काम करेगें। राजस्थान के अन्दर विद्यालय एवं कॉलेजों में भी गांधी जी के सिद्धान्तों एवं आदर्शो को पढ़ाए जाने का कार्यक्रम भी चल रहा है।
जिला कलक्टर राकेश कुमार जायसवाल ने यात्रा का स्वागत करते हुए कहा कि स्वदेशी, सत्य, अंहिसा यह महत्वपूर्ण है। इस यात्रा से गांधीजी के दर्शन एवं सिद्धान्तों से युवा पीढ़ी को सजग होने का मौका मिलेगा। सत्य साध्य है तो अहिंसा साधन। प्रेम और सद्भाव से ही किसी भी पत्थर दिल को मोम की तरह पिघला जा सकता है। विभिन्न धर्म, जाति, पंथ-संप्रदाय के रूप में तिल की तरह बिखरे समाज को एकता के सूत्रा में बांधने का कार्य प्रेम और सद्भाव से ही संभव है।
संयोजक दुर्गादत्त शास्त्री ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का संपूर्ण दर्शन विश्व के लिए प्रेरणा का स्रोत है। गांधी जी ने अपना जीवन सत्य, या सच्चाई की व्यापक खोज में समर्पित कर दिया। उन्होंने इस लक्ष्य को प्राप्त करने करने के लिए अपनी स्वयं की गल्तियों और खुद पर प्रयोग करते हुए सीखने की कोशिश की।
समिति के सह संयोजक धर्मेन्द्र शर्मा ने कहा कि ऐसी यात्राओं से देश की युवा पीढी को महात्मा गांधी जैसे व्यक्तित्व के बारे में जानने का अवसर मिलेगा।
जय जगत यात्रा 6 अक्टूबर को सायं 7 बजे बरैठा, मनियां, मागंरौल होते हुए बिरजापुरा पहुँची । 7 अक्टूबर को बिरजापुरा में सभा करते हुए धौलपुर सर्किट हाऊस पहुँची । यहां पर यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। युदवीर सिंह ने अभिनन्दन पत्र भेंट किया। महात्मा गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। यात्रा धौलपुर से मुरैना मध्य प्रदेश के लिए रवाना हुई। इस अवसर पर लाखन सिंह खिरोड़ा, भगवान सिंह कुशवाह, धनेश जैन, उदयराज भारद्वाज, सुलेमान फारूखी, मुन्ना अब्बासी, श्यामसुन्दर शर्मा, पंकज तिवारी एवं इमरान खान सहित अन्य आमजन उपस्थित रहे।
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