कोरोना जागरूकता के सम्बंध में किया संवाद कार्यक्रम का आयोजन

कोरोना जागरूकता के सम्बंध में किया संवाद कार्यक्रम का आयोजन

धौलपुर, 15 सितम्बर। कोरोना संक्रमण के फैलाव को नियंत्रित करने के लिए देश के विख्यात चिकित्सकों के साथ चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के सौजन्य से कोरोरा जागरूकता संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला कलक्टर राकेश कुमार जायसवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कोरोना जागरूकता संवाद कार्यक्रम के माध्यम से देश के विख्यात चिकित्सकों के साथ संवाद किया। सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए हेल्थ प्रोटोकॉल की सख्ती से पालन करवाने के साथ साथ दफ्तरो में नो मास्क नो एंट्री सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होनें बताया कि जन जागरूकता संवाद कार्यक्रम में चिकित्सकों की ओर से दिए गए विभिन्न सुझावों के आधार पर प्रदेश में सरकार एंटीबाॅडी सर्वे और चिकित्सक नर्सिंग कर्मियों के स्टाफ के सम्मान के लिए भी कई अहम कदम उठाएगी। जिसमें उन्होंने बताया कि प्रदेश के 80 हजार से अधिक स्वास्थ्य मित्रो के माध्यम से निरोगी काया कार्यक्रम बड़े पैमाने पर जागरूकता फैलाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में विशेषज्ञ चिकित्सकों की ओर से कई अहम सुझाव दिए । डॉ0 शिव सरीन ने बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर बिना मास्क के एंट्री बंद होने से केवल 4 हफ्ते में संक्रमण को कम करने में मदद मिलेगी। सरकार को अस्पतालों में मरीजों के साथ जाने वाले परिजनों का भी कोरोना टेस्ट करवाना चाहिए। एंटीबॉडी सर्वे होने से भी प्रदेश में संक्रमण की स्थिति और उसे रोकने में काफी हद तक मदद मिल सकती है। जिला कलक्टर राकेश कुमार जायसवाल ने बताया कि कुछ लोगों की यह धारणा हो गई है कि वह कोरोना महामारी को गम्भीरता से नही ले रहे है। जबकि कोरोना ग्रसित होने पर लंस और हार्ट्स की स्थायी रूप से डेमेज होने की आशंका रहती है। अतः आमजन से अपील है कि कोरोना महामारी को गम्भीरता से लें और बचाव के उपाय अपनायें और नियमों की सख्ती से पालना करें। उन्होनें कहा कि भीड़ भाड़ में बिना मास्क के जाना और नियमों की पालना नही करना, घर में रोग ले जाने के बराबर है। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन कोरोना का समाधान नहीं है, सरकार के साथ-साथ लोगों को भी अपनी भूमिका निभानी होगी। डॉक्टर नरेश त्रोहान ने कहा कोरोना से निपटने के लिए आमजन, सरकार और राजस्थान तीनों को मिलकर प्रयास करने होंगे. केवल नागरिक ही नहीं बल्कि राजनेताओं को भी प्रोटोकॉल की पालना करने की जरूरत है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से लाखों लोगों ने सुना है। निश्चित तौर यह संवाद सार्थक रहा है और लोग इससे जागरूक हुए हैं। सरकार को भी प्रदेश में चिकित्सकों के इन सुझावों पर अमल करना चाहिए और कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने में नागरिकों को जागरूक करने के साथ-साथ प्रोटोकॉल की सख्ती से पालना करवाने की भी आवश्यकता है। कोरोना से जीतना सीखें इसके लिए कोरोना वायरस से रक्षा के लिए राज्य सरकार की गाईडलाइन के अनुसार आमजन अपने स्तर पर जागरूक होकर इस मुहिम से जुड़े और बचाव एवं ईलाज के लिए जागरूकता फैलायें। वीसी का मुख्य उद्देश्य जन जन तक इस संदेश को पहुॅचाना कि सामाजिक स्तर पर प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी से कोरोना महामारी से बचाव के लिए जागरूक करना बहुत आवश्यक है। लापरवाही को दूर करके ही कोरोना महामारी से बचा जा सकता है। आमजन को जागरूक करने के साथ साथ राजनेताओं, समाजसेवीयों, धर्मगुरू तथा अन्य समुदाय को भी सरकार के साथ सहयोग करते हुए आगे आकर मेडिकल हैल्थ एडवायजरी की पालना करने के लिए लोगों में जन जागरूकता लानी होगी। सामाजिक दूरी, मास्क व सैनेटाईजर का उपयोग करने पर बल देने के साथ साथ आमजन को सचेत कर जागरूकता के माध्यम से लोगों को नियमों की कडाई से पालना करने और लापरवाही से बचने के लिए प्रेरित करना व बचाव के तरीकों को अपनाना होगा। आमजन कोरोना की लड़ाई को एक सामाजिक लड़ाई समझकर कठोरता से नियमों का पालन करने के लिए आमजन को प्रेरित करें। तभी इस कोरोना महामारी से जंग को जीता जा सकता है। जन जागरूकता के लिए मुख्यमंत्री ने देश के विख्यात चिकित्सकों के साथ महामंथन किया। संवाद कार्यक्रम के दौरान मुख्य कार्यकारी अधिकारी शिवचरन मीणा, जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ0 गोपाल प्रसाद गोयल, एसीपी बलभद्र सिंह, सूचना एवं जनसम्पर्क से मुकेश सूतेल, भगवान सिंह मीना सहित सम्बंधित विभागीय अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
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