जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीकरण की समीक्षा बैठक व जिला स्तरीय अंतर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन

जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीकरण की समीक्षा बैठक व जिला स्तरीय अंतर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन

धौलपुर, 20 नवम्बर। जिला कलक्टर राकेश कुमार जायसवाल के निर्देशन में मुख्य कार्यकारी अधिकारी शिवचरण मीना की अध्यक्षता में जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीकरण की समीक्षा बैठक व जिला स्तरीय अंतर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उन्होंने जन्म-मृत्यु की प्रगति समीक्षा करते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को जन्म-मृत्यु की घटनाओं का शत-प्रतिशत पंजीयन करने तथा ब्लॉक स्तर पर भी जन्म-मृत्यु पंजीयन का प्रशिक्षण आवश्यक रुप से आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होने निर्देश देते हुए कहा कहा कि रजिस्ट्रारों (जन्म-मृत्यु ) द्वारा समय पर रजिस्ट्रेशन करें ताकि आमजन को किसी भी प्रकार की समस्याओ का सामना नहीं करना पड़े। उन्होने इस कार्य में वांछित प्रगति लाने हेतु जिला परिषद्, पंचायत समिति, ग्राम पंचायत की आयोजित होने वाली बैठको में जन्म-मृत्यु पंजीयन का ऐजण्डा रखा जाने के निर्देश दिए ताकि शत-प्रतिशत पंजीयन से जन्म दर, मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर आदि की जानकारी प्राप्त हो सकें। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने गत तीन वर्षों के जन्म मृत्यु के रिकॉर्ड के डिजिटाइजेशन एवं स्केनिंग के कार्य 2011- 2013 की प्रगति की समीक्षा एवं कार्य शीध्र पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होने बताया कि जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने हेतु जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रेशन से सम्बद्ध अधिकारियों, कर्मचारियों के लिये प्रभावी प्रशिक्षण के साथ ही जन जागरूकता के लिये विशेष तौर पर ग्रामीण क्षेत्रा में प्रचार-प्रसार की अधिक आवश्यकता है। अतिरिक्त जिला कलेक्टर नरेंद्र कुमार वर्मा ने सात दिवस से अधिक लंबित प्रकरणों का निस्तारण नहीं करने वालों के खिलाफ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने ऑफलाइन आवेदनों को लोक सेवा गारंटी के अन्तर्गत संधारित कर रसीद उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए जिससे आमजन को किसी भी प्रकार की समस्या ना हो। साथ ही उन्होंने सभी प्रकार प्रमाण-पत्रा डिजीटल हस्ताक्षर सहित ऑनलाइन ही जारी के निर्देश दिए। किसी भी प्रकार का प्रमाण-पत्रा ऑफलाइन जारी नहीं करें। जो प्रमाण-पत्रा ऑफलाइन आवेदन के माध्यम से बन चुका तथा ई-मित्रा पर ऑनलाइन आवेदन के लिए लम्बित है उनका भी सम्बन्धित अधिकारियों को निस्तारण के निर्देश दिए। मृत्यु प्रमाण-पत्रा के सम्बन्ध में निर्देश देते हुए कहा कि जहां उसका दहासंस्कार हुआ है वहीं उसका प्रमाण-पत्रा बनेगा। रजिस्टारों द्वारा जारी किए गए प्रमाण पत्रों की क्राॅस वेरिफिकेशन कराने के निर्देश दिए साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम विकास अधिकारी मौके पर जानकारी कर वेरिफिकेशन कर प्रमाण पत्रा जारी करने की उचित कार्यवाही करें। पहचान पोर्टल पर अस्पताल से प्राप्त आवेदन पत्रों की प्रगति के बारे में जाना और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने ई-मित्रा द्वारा आवेदन का समय-समय पर जांच कर निस्तारण करने को कहा। उन्होने कहा कि जिन अधिकारियों द्वारा अपने मोबाईल का आधार नम्बर से सत्यापन नही करवाया है उन्हें शीध्र ही आधार नम्बर का सत्यापन करवाने के निर्देश दिए ताकि प्रमाण पत्रा व आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध होने पर समय पर जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्रा दिया जा सकें। जिला रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) एवं सहायक निदेशक आर्थिक एवं सांख्यिकी बाबूलाल मीना ने कहा कि जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1969 एवं राजस्थान जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम, 2000 के अन्तर्गत राज्य में जन्म व मृत्यु की घटनाओं का पंजीकरण करवाना कानूनन अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि पूर्व से ही सूचना देकर पीएमओ और सीएमएचओ को बैठक में बुलाया गया लेकिन उनकी बैठक में उपस्थिति नहीं रही जिसके चलते लंबित प्रकरणों की संख्या में वृद्धि हुई है। जनहित के महत्वपूर्ण कार्य में लापरवाही बरती गई है। इसके लिए अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने कारण बताओ के निर्देश दिए। उन्होंने पहचान पोर्टल (जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीयन ) के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि निर्धारित प्रारूप में आवेदन करने वाले आमजनों को 21 दिवस की अवधि में प्रमाण पत्रा निःशुल्क जारी किया जाता है। प्रशिक्षण एवं समन्वय समिति की बैठक में नगर पालिका बाड़ी अधिशाषी अधिकारी विजयप्रताप राठौड़, ईओ राजाखेड़ा राहुल मित्तल, सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी राजकुमार मीना सहित अन्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे ।
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