ग्राम पंचायत का प्रस्ताव बनाते समय उसकी भौगोलिक स्थिति का ध्यान रखें-गिरि

ग्राम पंचायत का प्रस्ताव बनाते समय उसकी भौगोलिक स्थिति का ध्यान रखें-गिरि

धौलपुर 10 जुलाई, राज्य सरकार की ओर से ग्राम पंचायतों एवं पंचायत समिति के पुनर्गठन के आदेश को लेकर मंगलवार को जिला कलक्टर नेहा गिरि की अध्यक्षता में उपखण्डाधिकारी, तहसीलदार सहित अन्य अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने कहा कि पंचायत समिति एवं ग्राम पंचायत के विस्तार एवं पुनर्गठन सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन द्वारा ही किया जाए। उन्होंने सभी ग्राम पंचायतों की जनसंख्या, उनकी भौगोलिक स्थिति की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों एवं पंचायत समितियों के लिए पुनर्गठन, पुनर्सीमांकन, नवसृजन के लिए वर्ष 2011 की जनगणनाओं के आंकड़ों के आधार पर ही प्रस्ताव तैयार किए जाए। किसी ग्राम के निवासियों की मांग और प्रशासनिक दृष्टि से ऐसे गांवों को वर्तमान ग्राम पंचायत से दूरी, ग्राम पंचायत में सम्मलित किया जा सकता है। परन्तु उस ग्राम की दूरी नई ग्राम पंचायत के मुख्याल से 8 किलोमीटर से अधिक की नहीं हो। उन्होंने कहा कि जनसुविधा व प्रशासनिक दृष्टिकोण से नवसृजित व पुनर्गठन होने वाली पंचायत समितियों में नजदीकी ग्राम पंचायतों को सम्मलित किया जा सकता है। परन्तु किसी ग्राम पंचायत को विभाजित कर दो पंचायत समितियों में नहीं रखा जाए। उन्होंने कहा कि जनसाधारण को स्पष्ट रूप से यह सूचना दी जानी चाहिए, कि वे इन प्रस्तावों के संबंध में अपनी आपत्तियां एवं सुझाव जिला कलक्टर, उपखण्ड अधिकारी एवं तहसीलदार को प्रकाशन तिथि से 30 दिवस तक की अवधि में प्रस्तुत कर सकते है। उन्होंने कहा कि इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखा जावें कि नवसृजित पुनर्गठित ग्राम पंचायत का क्षेत्रा पुरा एक ही विधानसभा क्षेत्रा में हो, एक से अधिक विधानसभा क्षेत्रा में विभाजित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत का प्रस्ताव बनाते समय इसका ध्यान रखा जाना चाहिए कि ग्राम पंचायत में आवागमन के साधन की सुविधा हो एवं राजकीय आवास के निर्माण के लिए पर्याप्त भूमि होनी चाहिए। बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद शिवचरण मीना, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी जितेन्द्र सिंह नरूका, उपखण्ड अधिकारी धौलपुर भंवर लाल कांसोटिया, राजाखेड़ा मुकेश कुमार मीना, सरमथुरा जगदीश प्रसाद गुर्जर, तहसीलदार सैपऊ भरत लाल कटारा, बाड़ी गिरधर सिंह मीणा, बसेड़ी द्वारका प्रसाद गर्ग सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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