सचिन पायलट ने प्रेस वार्ता कर कहा कि भाजपा प्रत्याशी प्रज्ञा ठाकुर ने राष्ट्रपिता महात्मा गॉंधी के हत्यारे नाथूराम गोड को राष्ट्रभक्त बताकर सभी मर्यादायें पार कर दी

सचिन पायलट ने प्रेस वार्ता कर कहा कि भाजपा प्रत्याशी प्रज्ञा ठाकुर ने राष्ट्रपिता महात्मा गॉंधी के हत्यारे नाथूराम गोड को राष्ट्रभक्त बताकर सभी मर्यादायें पार कर दी

जयपुर, 17 मई। देश के आम चुनावों के दौरान पिछले कुछ दिनों से केन्द्र में काबिज सत्तारूढ़ दल के द्वारा जिस प्रकार का हिंसा का माहौल बनाया गया है और जैसी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है, वह घोर निन्दनीय है और लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिये खतरा है। भोपाल से भाजपा की लोकसभा प्रत्याशी प्रज्ञा ठाकुर ने राष्ट्रपिता महात्मा गॉंधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को राष्ट्रभक्त बताकर सभी मर्यादायें पार कर ली है लेकिन सबसे बड़ा दुर्भाग्य यह है कि भाजपा के किसी भी जिम्मेदार नेता ने इस बयान पर ना तो खेद व्यक्त किया है और ना ही अपने प्रत्याशी के विरूद्ध कोई कार्यवाही की है।
उक्त विचार राज्य के उप मुख्यमंत्री एवं राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री सचिन पायलट ने आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, जयपुर पर आयोजित प्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किये हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने भोपाल लोकसभा क्षेत्र से प्रज्ञा ठाकुर को जमानत पर रिहा बताकर टिकट दिया, किन्तु भाजपा प्रत्याशी ने चुनाव प्रचार के दौरान देश की रक्षा के लिये शहीद हुए हेमंत करकरे को श्राप देना बताकर उनकी शहादत का अपमान किया तथा अब राष्ट्रपिता महात्मा गॉंधी के हत्यारे का महिमामण्डन किया गया है जो निन्दनीय है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता यदि अपनी प्रत्याशी के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं कर सकते, उसके कृत्यों की भत्र्सना नहीं सकते तो उन्हें राष्ट्रवाद की बात करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा का छदम् राष्ट्रवाद उजागर हो गया है।
पायलट ने कहा कि पश्चिम बंगाल में कलकत्ता में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के रोड शौ के दौरान हुई हिंसक घटनाओं के लिये जो तत्व जिम्मेदार हैं उसका प्रमाण आज देश के पास मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि हिंसक घटनाओं में ईश्वरचंद विद्यासागर जी की मूर्ति तोडऩे की घटना की कांग्रेस पार्टी कड़े शब्दों में निन्दा करती है। उन्होंने कहा कि कलकत्ता की हिंसक घटनाओं के लिये भाजपा के द्वारा रोड शौ करने हेतु बंगाल के बाहर से बुलाये गये कार्यकर्ताओं की भीड़ जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि घटना की सम्पूर्ण जानकारी होने के बावजूद प्रधानमंत्री द्वारा टीएमसी के नेताओं व कार्यकर्ताओं की तुलना कश्मीर के पत्थरबाजों से की गई जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने गैर जिम्मेदाराना तरीके से चुने हुये मुख्यमंत्री की तुलना अलगाववादियों से की है जो खेदपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बंगाल में जाकर चुनी हुई सरकार को चुनौती देते हैं कि टीएमसी के 40 विधायक प्रधानमंत्री के सम्पर्क में है तथा चुनाव पश्चात् राज्य सरकार खतरे में आ जायेगी, किन्तु इस प्रकार के बयानों पर देश के निर्वाचन आयोग जिससे निष्पक्षता की अपेक्षा की जाती है, प्रधानमंत्री के खिलाफ प्रसंज्ञान लेकर कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है जिससे चुनाव आयोग की प्रतिबद्धता पर सवाल उठ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बंगाल में चुनावों की हिंसा को देखते हुए चुनाव आयोग ने पहली बार बंगाल में नीयत समय से पहले चुनाव प्रचार बंद करने का निर्णय लिया, किन्तु चुनाव प्रचार बंद करने का समय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की बंगाल में आयोजित होने वाली दो रैलियों को ध्यान में रखते हुये किया गया जिसने चुनाव आयोग की निष्पक्षता को कटघरे में खड़ा कर दिया है। यदि बंगाल चुनाव में वास्तव में हिंसा की आशंका थी तो तत्काल प्रभाव से चुनाव प्रचार पर रोक लगाई जानी चाहिए थी, किन्तु प्रधानमंत्री की रैलियों का आयोजन होने के पश्चात् चुनाव प्रचार पर रोक लगाने के निर्णय से चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर प्रश्न चिन्ह लग गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता कलकत्ता में भाजपा के रोड शौ के दौरान हुई हिंसा का मुद्दा उठा रहे हैं, किन्तु उत्तर प्रदेश में रायबरेली से कांग्रेस विधायक पर जो जानलेवा हमला हुआ उसकी निन्दा भाजपा के किसी नेता ने नहीं की। भाजपा के नेता अपनी सुविधा के अनुसार हिंसक घटनाओं पर टिप्पणी करते हैं जिससे भाजपा का वास्तविक चरित्र जनता के समक्ष उजागर हो गया है। उन्होंने कहा कि राजनीति में हिंसा का कोई स्थान नहीं है और जो भी हिंसा को बढ़ावा देते हैं उनके खिलाफ तत्काल कार्यवाही की जानी चाहिये।
पायलट ने कहा कि देश की जनता जान गई है कि आज हमारा देश किसके हाथों में सुरक्षित है और किसके हाथों में असुरक्षित है। उन्होंने कहा कि आम चुनावों में भाजपा का पतन निश्चित है क्योंकि दक्षिण भारत में भाजपा का खाता तक नहीं खुलेगा और इसके साथ ही उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, बिहार सहित अधिकांश राज्यों में भाजपा को करारी शिकस्त मिलेगी और यही वजह है कि भाजपा के नेता बौखला गये हैं और अराजकता को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के कुछ राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के सोश्यल मीडिया एकाउंट को देखा जाये तो स्पष्ट हो जायेगा कि भाजपा ने कलकत्ता में रोड शौ किया था उसका एकमात्र उद्देश्य धु्रवीकरण की राजनीति को बढ़ावा देना था। यह सारे तथ्य सोश्यल मीडिया पर उपलब्ध है, परन्तु निर्वाचन आयोग द्वारा इन तथ्यों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी महिला सुरक्षा के प्रति संकल्पबद्ध है और उत्पीडऩ के मामलों में न्याय दिलवाने के लिये हर स्तर पर तत्पर है।
उन्होंने कहा कि 23 मई के पश्चात् केन्द्र से भाजपा सरकार की विदाई तय है तथा कांग्रेस के नेतृत्व में सरकार का गठन होगा।
  • Powered by / Sponsored by :