उपखण्ड स्तर पर औद्योगिक क्षेत्र बनाने का कार्य प्राथमिकता से करें - आर्य

उपखण्ड स्तर पर औद्योगिक क्षेत्र बनाने का कार्य प्राथमिकता से करें - आर्य

चूरू, 3 अगस्त। मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने कहा कि सभी कलेक्टर्स उपखंड स्तर पर औद्योगिक क्षेत्र बनाने के कार्य को प्राथमिकता से करें तथा शीघ्र इसकी जमीन आवंटन करवाना सुनिश्चित करें।
आर्य मंगलवार को शासन सचिवालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी संभागीय आयुक्त तथा कलेक्टर्स के साथ पर्यावरण, राजस्व, गृह तथा खाद्य सुरक्षा एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के विभिन्न मुद्दों की समीक्षा बैठक कर रहे थे। इस दौरान जिला स्तर पर राजीव गांधी सेवा केंद्र के वीसी कक्ष में जिला कलक्टर साँवर मल वर्मा, अतिरिक्त जिला कलक्टर पीआर मीना, सीएमएचओ डॉ. मनोज शर्मा, उप वन संरक्षक राकेश दुलार, जिला रसद अधिकारी सुरेन्द्र महला, उद्योग विभाग के महाप्रबंधक योगेश शर्मा, मुख्य आयोजना अधिकारी जगदीश जांगिड़ सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव आर्य ने कहा कि उपखंड स्तर पर औद्योगिक क्षेत्र बनाना एक बजट घोषणा है तथा मुख्यमंत्री के निर्देशों की पालना करते हुए सभी को यह कार्य उच्च प्राथमिकता देकर करना है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 68 उपखंडों में नवीन औद्योगिक क्षेत्र खोलने हैं तथा कलक्टर इस कार्य को लगातार मॉनीटरिंग करते रहें। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जमीन आवंटन कर 2 सप्ताह में अग्रिम कार्रवाई की जाए तथा इस कार्य को फास्ट ट्रेक पर किया जाए। आर्य ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र से निकले प्रदूषण को रोकने के लिए कलेक्टर तथा प्रदूषण नियन्त्रण मंडल को मिलकर इस संबंध में पुख्ता कार्रवाई करनी होगी। उन्होंने कहा कि कलेक्टर इस मामले को व्यक्तिगत रूप से देखें तथा प्रदूषित औद्योगिक क्षेत्रों की ड्रोन से फोटो लेकर वास्तविक जानकारी प्राप्त करें। आर्य ने बैठक में पर्यावरण से संबंधित विशिष्ट मामलों में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा राज्य को दिए गए निर्र्देशों की पालना की भी समीक्षा की। इसके अतिरिक्त आर्य ने अलवर, बीकानेर एवं जालोर के गृह रक्षा प्रशिक्षण केन्द्र तथा बीकानेर के सीमा गृह रक्षा दल को कार्यालय भवन उपयोग के लिए भूमि आवंटित करने के भी निर्देश दिए।
राजस्व वाद को निस्तारित करने के लिए गंभीरता से कार्य करें
आर्य ने कहा कि वे राजस्व न्यायालयों में लंबित राजस्व वाद को निस्तारित करने का कार्य गंभीरता से लें, इस संबंध में उचित रणनीति बनाई जाए तथा राजस्व विभाग इसकी लगातार मॉनीटरिंग करते रहें। उन्होंने कहा कि गैर खातेदारी भूमियों पर खातेदारी अधिकार देने से संबंधित लम्बित प्रकरणों का भी शीघ्र निस्तारण किया जाए। आर्य ने निर्देश दिए कि जमाबंदी तथा गिरदावरी में होने वाले ऑनलाइन तथा ऑफलाइन आवेदनों का तुलनात्मक अध्ययन किया जाए तथा इसका रियल टाइम विश्लेषण किया जाए। आर्य ने जिलों में प्रचलित आम रास्तों का राजस्व अभिलेख अंकन, विभिन्न विभागों में भूमि आवंटन से संबंधित लंबित प्रकरणों के निस्तारण तथा डिजीटल इंडिया लैण्ड रिकॉर्ड मॉनेटाइजेशन के अन्र्तगत भू अभिलेख कम्प्यूटरीकरण के निर्देश भी दिए।
एनएफएसए पोर्टल पर परिवेदनाओं का निस्तारण शीघ्र हो
आर्य ने कहा कि एनएफएसए (राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना) में पोर्टल पर लंबित अपीलों का निस्तारण शीघ्र हो तथा सिटिजन स्तर पर भी बकाया अपीलों का निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी कलक्टर जिलों में एनएफएसए में नाम जोड़ने से पूर्व राशनकार्ड में दर्ज परिवार में सभी सदस्यों का आधार सीडिंग करवाना सुनिश्चित करें। साथ ही मल्टीपल यूज्ड आधार सीडिंग को भी समाप्त किया जाए। उन्होंने कहा कि जनाधार कार्ड से राशन कार्ड की मैपिंग कर जन आधार कार्डधारकों को राशन कार्ड के लाभ देने की कार्यवाही की जाए। बैठक में प्रमुख शासन सचिव गृह अभय कुमार, प्रमुख शासन सचिव पर्यावरण श्रेया गुहा, प्रमुख शासन सचिव राजस्व आनन्द कुमार, सचिव आयोजना नवीन जैन ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से अपने विभाग के विभिन्न मुद्दों को रखा। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महानिदेशक होमगार्ड उत्कल रंजन साहू, सचिव स्थानीय स्वशासन भवानी सिंह देथा, सचिव स्वास्थ्य विभाग सिद्वार्थ महाजन ने भी भाग लिया।
  • Powered by / Sponsored by :