भाजपा नेताओं ने बजट पर दी प्रतिक्रियाएं

भाजपा नेताओं ने बजट पर दी प्रतिक्रियाएं

जयपुर, 10 जुलाई 2019। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अरूण चतुर्वेदी ने बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश में जारी बजट गाँव, गरीब, किसान एवं युवा बेरोजगारों के साथ छलावा है। यह बजट बेहद निराशाजनक बजट है, जिसमें किसानों की पूर्ण कर्जमाफी एवं बेरोजगार युवाओं को बेरोजगारी भत्तों का कहीं जिक्र नहीं किया गया है। बजट में महिलाओं को नजरअंदाज किया गया है। बजट में शहीद परिवारों से एक सदस्य को नौकरी देने के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है।

उन्होंने कहा कि बजट में किसानों की सम्पूर्ण ऋण माफी करने एवं बेरोजगार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने की बात कहीं नहीं कही गई, जो कि प्रदेश के किसान एवं युवा बेरोजगारों के साथ धोखा है। बजट में केन्द्र सरकार के बजट की आड़ में पेट्रोल-डीजल पर गुपचुप तरीके से वेट बढ़ा दिया गया है।
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी ने बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट राजस्थान के विकास को अवरूद्ध करने वाला बजट है। मुख्यमंत्री स्वयं की वित्तीय अक्षमता को दूसरी सरकारों पर डाल रहे है। इस बजट में कई जिले एवं कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को विकास से परे कर दिया गया है और ऐसा लगता है कि यह बजट ‘‘घोषणाओं का पिटारा’’ मात्र है।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील कोठारी ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में कृषि यंत्रों एवं ट्रैक्टर पर से जीएसटी हटाने की घोषणा की थी, जिसे बजट में कहीं लागू नहीं किया गया है। साथ ही महिलाओं के विरूद्ध हो रहे अपराधों को रोकने के लिए भी बजट में कुछ नहीं किया।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री भजनलाल शर्मा ने बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में परीक्षार्थियों को प्रतियोगी परीक्षा देने जाने पर किराया माफ किये जाने की घोषणा की थी, जिसका बजट में कहीं कोई प्रावधान नहीं दिखा। 10 करोड़ तक के ऋणों पर उद्यमियों को ब्याज में छूट के लिये 50 करोड़ का प्रावधान भी अपर्याप्त है।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता एवं विधायक सतीश पूनियां ने बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि आज प्रदेश में जारी हुआ बजट नीरस और निराशाजनक बजट है। बजट में किसी भी योजना का कोई रोड़ मैप नहीं है। कुछ योजनाओं को केन्द्र की योजनाओं में से कॉपी पेस्ट करके लीपापोती की गई है। किसानों का कर्ज, बेरोजगारी भत्तों पर मौन, राजनीतिक विद्वेष के कारण ‘‘भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना’’ जैसी लोककल्याणकारी योजना को ठण्डे बस्ते में डाल दिया। संविदाकर्मियों की समस्याओं के समाधान के बजाय समिति के हवाले कर दिया। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार एवं ट्यूरिज्म को अंधेरे में ही रखा है इसके लिए कोई ठोस नीति लागू नहीं की गई। साथ ही जयपुर को हैरीटेज सिटी की घोषणा के उपरान्त राज्य सरकार को बजट में सफाई व्यवस्था पर अलग से व्यवस्था करनी चाहिए थी। लेकिन सरकार तो केवल परिवारवाद पर ध्यान केन्द्रित करने में लगी हुई है।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता मुकेश पारीक, लक्ष्मीकान्त भारद्वाज, अमित गोयल, जितेन्द्र श्रीमाली, पंकज मीणा एवं पिंकेश पोरवाल ने बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि बजट में स्वरोजगार के लिए 1 लाख रूपये तक का ऋण देना बेरोजगार युवकों के लिए मजाक है। महिलाओं एवं महिला उद्यमियों के लिए बजट में किसी भी प्रकार की घोषणा नहीं की गई है। साथ ही संविदाकर्मियों को स्थायी करने के लिए कोई ठोस नीति नहीं बनाई गई है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में निराशाजनक वृद्धि ‘‘ऊँट के मुँह में जीरा’’ के समान है। पुरानी योजनाओं के ऊपर नये नाम की चासनी लपेटकर प्रस्तुत किया हुआ बजट है। किसानों, युवाओं, बेरोजगारों के साथ सरकार पहले ही धोखा कर चुकी है। आगे भी सरकार से कोई उम्मीद नहीं है।
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