पीएम आवास योजना में श्रमिक नियोजित किए जाएं - जिला कलक्टर

पीएम आवास योजना में श्रमिक नियोजित किए जाएं - जिला कलक्टर

बीकानेर, 07 अक्टूबर। जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माणाधीन आवासों पर निर्धारित संख्या में श्रमिक नियोजित नहीं करने पर संबंधित अधिकारी व कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही के निर्देश दिए है।
जिला कलक्टर ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिले में पानी-बिजली,सड़क एवं ग्रामीण विकास की योजनाओं की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने कहा कि जिले में प्रधानमत्री आवास योजना में 12 हजार आवासों का निर्माण कार्य चल रहा है। इस हिसाब से 1 कार्य पर 3 श्रमिक नियोजित किए जाते हैं तो 36 हजार श्रमिक नियोजित होने चाहिए, जबकि श्रमिकों की संख्या बहुत कम है। उन्होंने जिला परिषद के मुख्यकार्यकारी अधिकारी को निर्देश दिए कि ग्रामीण विकास की योजनाओं की क्रियान्विति को गति दी जाए। अगली बैठक से पहले कार्यों की प्रोग्रेस नहीं होती है तो मनरेगा के एक्सईएन और मुख्यकार्यकारी अधिकारी के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने एक्सईएन मनरेगा से कहा कि गांव रावला में पीएम आवास की प्रगति बहुत कम है, ऐसे में आवासों का निर्माण कैसे होगा और 100 दिन रोजगार देने के लक्ष्य को कैसे मूर्तरूप दिया जा सकेगा ? उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि जिला परिषद के अधिकारी कार्य के प्रति गंभीरता बरतें और समय पर कार्य सम्पन्न कराते हुए जरूरतमंदों को राहत प्रदान करें।
तीन विकास अधिकारियों को चार्जशीट-जिला कलक्टर ने नोखा, पांचू और बीकानेर पंचायत समिति में पीएम आवास योजना में श्रमिकों के कम नियोजन पर संबंधित पंचायत समिति के विकास अधिकारी को चार्जशीट जारी करने के निर्देश दिए । उन्होंने एक्सईएन से पूछा कि जिन पीएम आवास की स्वीकृतियां जारी हो चुकी है, उनके मस्टरोल जारी क्यों नहीं हुए ? साथ ही जो कार्य 3 माह पहले शुरू हुए थे, वे पूर्ण क्यों नहीं हुए ? उन्होंने कहा कि इस योजना में गत चार माह में मात्र 10 प्रतिशत आवासों का कार्य पूरा हुआ है। उन्होंने पीएम आवास, एमएलए व एमपी लेंड की स्वीकृतिंयां जारी होने के बावजूद वित्तीय स्वीकृतियां जारी नहीं किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की और कहा कि संबंधित अधिकारी इसे गंभीरता से ले अन्यथा उनसे खिलाफ कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने मुख्यकार्यकारी अधिकारी को निर्देश दिए कि सीमान्त विकास योजना में जिन पंचायतों में कार्य हुए हैं, उनकी सूची संबंधित ग्राम पंचायत भवन में चस्पा की जाए।
उन्होंने मनरेगा एवं प्रधानमंत्री आवास योजना में श्रमिकों और निर्माण मद में खर्च हुई राशि के बारे में जानकारी ली और कहा कि पीएम आवास योजना में कितने आवास बन चुके है, उनकी किस्त जारी हुई या नहीं, इसका मौके पर भौतिक सत्यापन करवाया जाए तथा इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। रिपोर्ट में आवास निर्माण किस स्टेज में है,उसकी जानकारी शामिल की जाए।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत पॉलिथीन मुक्त बने ग्रांम पंचायतें- जिला कलक्टर ने कहा कि शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में पॉलिथीन का प्रयोग नहीं हो, इसके लिए जनता को प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में प्रत्येक ब्लॉक से 3-3 गा्रम पंचायतों को पायलेट प्रोजेक्ट के तहत चिन्हित करें, जिनको पॉलिथीन से मुक्त कराया जाना है। उन्होंने इस संबंध में स्वच्छता कार्यक्रम के जिला समन्वयक को निर्देश दिए कि पॉलिथीन फ्री ग्राम पंचायत को पुरस्कार देने के लिए प्रस्थाव तैयार करें। जो भी ग्राम पंचायत पॉलिथीन से मुक्त होगी, उसके सरपंच का सम्मान किया जायेगा।
प्रतिबंधित गुटका रखने वालों के विरूद्ध अभियान चलाएं-जिला कलक्टर ने जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए कि मौसमी रोगों की रोकथाम प्रभावी ढ़ंग से की जाए। जिन क्षेत्रों में मलेरिया और डेंगू के रोगी चिन्हित होते हैं,उनमें आवश्यक कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में फोगिंग करवाई जाए। उन्होंने जिले में प्रतिबंधित गुटके रखने वालों के विरूद्ध सघन अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने एक सकारात्मक पहल की है, उसकी पालना चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग प्रभावी ढंग करें। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों की 100 मीटर की परिधि में लगे खोखो की तलाशी ली जाए। अगर इनमें प्रतिबंधित सामग्री पाई जाती है, तो उनके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि नगर निगम शिक्षण संस्थाओं के आस-पास रखे खाखे हटाने के लिए अभियान चलाए और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाए।
जिला कलक्टर ने ग्रामीण क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में नियुक्त डॉक्टर व अन्य स्टाफ की उपस्थिति पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी नजर रखे। उन्होंने कहा कि चिकित्सक द्वारा रोगी को ट्रामाडोल दवा दी जाती है, तो उसका रिकार्ड संधारित किया जाए। साथ ही प्रभारी चिकित्सक द्वारा यह दवा प्रमाणित करने के बाद ही रोगी को दी जायेगी।
जिला कलक्टर ने नगर विकास न्यास द्वारा करवाए जा रहे कार्यों की माॅनिटरिंग के निर्देश दिए । उन्होंने शहर को सुन्दर बनाने पर जोर दिया और निगम और यूआईटी अधिकारियों को शहर का नियमित भ्रमण के निर्देश दिए। उन्होंने शहर में सड़क किनारे उगे बबूल और कीकर की सफाई करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राहत विभाग ने शहर के लिए जो कार्य एवं राशि स्वीकृत की है, उसके अनुरूप नगर विकास न्यास टेण्डर लगाते हुए, समय पर कार्य शुरू करें।
जिला कलक्टर ने जिले में विद्युत तंत्र की समीक्षा के दौरान गांवों में बिजली के ढ़ीले तारों को कसवाने और बकाया घरेलू बिजली कनेक्शन जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले की कुछ विद्यालयों में विद्युत के पोल खड़े है,उन्हें सिफ्ट करवाया जाए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने विद्युत कनेक्श हेतु राशि जमा करवा दी है,उनको कनेक्शन जारी किए जाए। उन्होंने खाजूवाला व कोलायत क्षेत्र पेयजल डिग्गियों की सफाई मनरेगा में करवाने के निर्देश दिए और कहा कि एक्सईएन मनरेगा उक्त क्षेत्र की पंचायत समिति से डिग्गियों की सफाई के संबंध में कार्यवाही करवाएं।
बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रदीप के. गवांडे, नगर विकास न्यास की सचिव सुश्री सुनीता चौधरी, अधीक्षण अभियन्ता जलदाय दीपक बंसल, आरसीएचओ डॉ.रमेश चंद्र गुप्ता,सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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