प्रकृति विनाश के कारण वन्य जीवन संकट में

प्रकृति विनाश के कारण वन्य जीवन संकट में

भीलवाडा, 7 अक्टूबर/ राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, राजेन्द्र मार्ग में सोमवार को वन्य जीव संरक्षण पर आधारित जागरुकता कार्यक्रम का आयोजनचूरिया-मूरिया, शिक्षा, पर्यावरण एवं स्वास्थ्य सेवा संस्थान के सहयोग से किया गया।
प्रधानाचार्य श्याम लाल खटीक ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य वक्ता रमेश अगनानी ने अपने उद्बोधन में कहा कि मनुष्य ने अपनी लालची प्रवृति के कारण वन्य जीवों के स्वच्छ विचरण तथा प्राकृतिक वातावरण को समाप्त करकेउनका जीवन संकट में डाल दिया है। जिस कारण आज कई वन्य जीव दुर्लभ या अति संकटग्रस्त श्रेणी में आ गये हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पशु टाईगर की संख्या देश में 3 हजार से भी कम, इसी प्रकार राजस्थान में सिर्फ 85 टाईगर, राजस्थान के राज्य पक्षी गोडावण की भारत के 6 राज्यों में मिलाकर संख्या 200 से भी कम तथा राजस्थान में मात्र 30 गोडावण शेष बचे हैं। उन्होंने छात्रों से राजस्थान राज्य के राष्ट्रीय पार्को, अभ्यारण्यों एवं उनमें पाये जाने वाले वन्य जीवों तथा उनका महत्व बताकर प्राकृतिक संतुलन और पर्यावरण के लिये उनके संरक्षण हेतु आगे आने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में संस्था सचिव हेमलता अगनानी तथा श्रीमती अंजना जागेटिया ने सिंगल यूज प्लास्टिक के खतरे बताकर इनका उपयोग नहीं करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में 100 से अधिक विद्यार्थियों को जीव विज्ञान एवं पर्यावरण विषयक पुस्तकें निःशुल्क वितरित की गई। इस अवसर पर संस्था कोषाध्यक्ष गायत्री चौहान, सदस्य लाड वर्मा, कोमल, श्रीमती संगीता गुप्ता सहित विद्यालय स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम हेतु धन्यवाद ज्ञापित किया।
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