स्वाईन फ्लू के बचाव हेतु चिकित्साकर्मी फिल्ड में जाकर करें मजबूत सर्वे -सीएमएचओ

स्वाईन फ्लू के बचाव हेतु चिकित्साकर्मी फिल्ड में जाकर करें मजबूत सर्वे -सीएमएचओ

भीलवाडा, 06 फरवरी। जिले में स्वाईन फ्लू के बचाव हेतु आज मंगलवार को चिकित्सा अधिकारियों की आईएमए हॉल भीलवाडा में आयोजित बैठक को सम्बोधित करते मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.सी. जीनगर ने कहा कि चिकित्साकर्मियों द्वारा जिले में स्वाईन फ्लू के बचाव हेतु फिल्ड में नियमित रूप से मजबूत सर्वे किया जाना चाहिए और इसकी मॉनिटरिंग का कार्य क्रॉस वेरीफिकेशन चिकित्सा अधिकारियों के द्वारा किया जाये। इस दौरान उन्होंने चिकित्सा संस्थानों में आने वाले रोगियों के लक्षण प्रतीत होते हीं संभावित स्वाईन फ्लू रोगियों को अलग से आईसोलेशन वार्ड में भर्ती कर टेमी फ्लू की दवा व अन्य उपचार सुविधा उपलब्ध करवाने के निर्देश चिकित्सा अधिकारियों को दिये।
बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि जिले की जिन पीएचसी/सीएचसी पर आईडीएसपी पोर्टल पर एस, पी व एल फॉर्म की रिपोर्ट अपलोड नहीं की गई है, अविलंब रिपोर्ट अपलोड कराने, स्वाईन फ्लू का संक्रमण जिले में नहीं फैले इसके लिए चिकित्सा संस्थानों पर दवा की उपलब्धता रखने, सभी कार्मिकों को अलर्ट रखने, आईसोलेशन वार्ड बना मरीजों को उपचार देने के साथ हीं चिकित्सा संस्थानों में वितरण की जा रही टेमीफ्लू की रिपोर्ट नियमित रूप से भिजवाने के निर्देश चिकित्सा अधिकारियों को दिये। बैठक में सीएमएचओ ने निःशुल्क जांच योजना में लैब में की जा रहीं जांचों की एन्ट्री नियमित रूप से कराने के साथ हीं निःशुल्क दवा योजना के तहत चिकित्सा संस्थानों में दवाओं की उपलब्धता रखने, नजदीकी एक्सपायरी डेट वाली दवाओं का निस्तारण करने के साथ हीं ओपीडी स्लिप की एन्ट्री प्रतिदिन करवाने के निर्देश चिकित्सा अधिकारियों को दिये।
बैठक के दौरान अति0 मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुस्ताक खान ने जिले में 30 जनवरी से आंरभ किये गये एनीमिया मुक्त राजस्थान अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु चिकित्सा संस्थानों में आईएफए टेबलेट्स/सीरप की उपलब्धता सुनिश्चित करने, अपने अधीन आने वाले स्कूलों/आंगनबाडियों की आवश्यक सूचना रख लाभार्थियों को दवा वितरण करने, दवा वितरण के दौरान प्रत्येक स्कूल में चिकित्साकर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित कर संबंधित चिकित्सा अधिकारी द्वारा स्कूलों की विजिट करने, रिकॉर्ड का संधारन करने व हर माह शाला दर्पण में रिपोर्ट अपलोड करने के साथ हीं छात्राओं को सेनेटरी नेपकिन का वितरण कराने के निर्देश चिकित्सा अधिकारियों को दिये। इस दौरान उन्होंने परिवार कल्याण कार्यक्रमों में दिए गये टारगेट फरवरी माह में पूरे करने के निर्देश चिकित्सा अधिकारियों को दिये तथा कम उपलब्धि वाले ब्लॉक को सेक्टर वाईज कार्मिकों की बैठक लेकर केस बढाने के निर्देश अधिकारियों को दिये।
बैठक में उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. घनश्याम चावला ने बताया कि स्वाइन फ्लू से ग्रसित व्यक्ति के संपर्क में आने से यह रोग फैलता है। यह वायरस जनित रोग हैं, इसमें जुकाम के लक्षणों के साथ तेज बुखार, गले मे जबरदस्त खराश, सांस लेने में दिक्कत, छाती में दर्द व चक्कर आना शामिल है। इससे बुजुर्ग, बच्चे, गर्भवती महिला, कैंसर से पीडित व हार्ट किडनी बीमारी वाले लोग जल्दी चपेट में आते है। इसके बचाव व उपचार हेतु खांसते व छींकते समय रूमाल का प्रयोग करने, पूरी आस्तीन के कपडे पहनने, मुंह पर कपडा रखने, बार-बार साबुन से हाथ धोने, गर्म व ताजा खाना खाने साथ हीं जुकाम, खांसी व बुखार के लक्षण पाए जाने पर बिना समय गवाएं मरीजों के लिए ए,बी, सी केटेगरी वाईज उपचार सुविधा शुरू कराने के चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिये। बैठक के दौरान जिला आरसीएच अधिकारी डॉ. सीपी गोस्वामी, प्रभारी जिला औषधि भण्डार डॉ. अशोक खटवानी, जिला क्षय रोग नियंत्राण अधिकारी डॉ. प्रकाश शर्मा, डीपीएम योगेश वैष्णव, जिला डाटा मैनेजर तरूण चाष्टा, डीईओ आईडीएसपी अशरफ नद्दाफ सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
  • Powered by / Sponsored by :