जिले में कुपोषण की दर में कमी लाने हेतु पोषण पखवाडा 22 मार्च तक

जिले में कुपोषण की दर में कमी लाने हेतु पोषण पखवाडा 22 मार्च तक

भीलवाडा, 14 मार्च। जिले में पोषण अभियान के अन्तर्गत कुपोषण की दर में कमी लाने हेतु गर्भवती धात्रा महिलाऐं, किशोर बालिकाओं व 0-6 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों के पोषण पर जन-जागरूकता हेतु जिले में पोषण अभियान पखवाडा 22 मार्च तक मनाया जा रहा है। पखवाडे के दौरान कुपोषित गर्भवती महिलाओं, किशोरियों, एवं बच्चों की जांच कर उन्हें पोषण सामग्री सहित आयरन फोलिक एसिड की गोलियां, कैल्शियम व एल्वेडाजोल की गोलियां की उपलब्ध कराई जाकर उन्हें दैनिक जीवन में पोषक आहार लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ जे.सी. जीनगर ने बताया कि पोषण पखवाडे के तहत गुरूवार को जिले के समस्त ब्लॉकों के अन्तर्गत आने वाली स्कूलों व आंगनबाडी केन्द्रों में स्वास्थ्यकार्मिकों द्वारा सभी लक्षित गर्भवती/बच्चे/किशोर-किशोरियों/प्रजनन उम्र की महिलाओं (20-24वर्ष) की हीमोग्लोबिन जांच पोषण पखवाडे के दौरान की जा रही है। उन्होनें बताया कि जिले में कुपोषितों के चिन्हिकरण कर पोषण की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी बीसीएमओ को निर्देशित कर अपने क्षेत्रों में स्कूल, आंगनबाडी केन्द्रों में पोषण अभियान पखवाडे के दौरान गतिविधियां आयोजित करने के लिए पाबंद किया गया है। उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों से कहा कि पखवाडे के दौरान जिले का कोई भी नवजात, किशोरी व गर्भवती इस अभियान से वंचित न रहें।
जिला आरसीएच अधिकारी डॉ. सीपी गोस्वामी ने बताया कि पखवाडे के दौरान राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के संबंध में जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही है। सुरक्षित मातृत्व अभियान के दौरान गर्भवती महिलाओं का एनीमिया टेस्ट एवं उपचार कैम्प में हीमोग्लोबिन की जांच, उपचार एवं बचाव हेतु परामर्श दिया जा रहा है साथ हीं नवजात एवं शिशुओं में स्तनपान एवं पूरक आहार को बढावा दिये जाने हेतु प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) हेतु आने वाली समस्त महिलाओं की हीमोग्लोबिन जांच कर सलाह व उपचार किया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं को आयरन फोलिक एसिड, कैल्सियम व एल्बेण्डाजोल की गोलियां की उपलब्धता एवं वितरण की सुनिश्चितता की जा रही है। इस दौरान आशा, एएनएम एवं यशोदा सभी गर्भवती महिलाओं को जन्म उपरान्त एक घण्टे के अन्दर स्तनपान कराने, छः माह की आयु तक शिशुओं को केवल स्तनपान कराने के संदेश को प्रसारित कर रही है। उन्होंने बताया कि अपने क्षेत्रा में आयोजित होने वाले सभी एमसीएचएन, वीएचएनडी, आईडीसीएफ, आईवाईसीएफ टै्रनिंग सत्रों तथा शहरी क्षेत्रों में यूएचएनडी सत्रों के दौरान सत्र दिवस से पूर्व हेड काउण्ट सर्वे के आधार पर लाभार्थियों की ड्यू लिस्ट तैयार कर इन्हें टीकाकृत करने का कार्य किया जा रहा है तथा आंगनबाडी केन्द्र से ड्यू लिस्ट लाभार्थियों को पोषण उपलब्ध करवाया जा रहा है तथा दस्त से ग्रसित बच्चों को जिंक व ओआरएस दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले में एएनएम, आशाओं द्वारा जिले में कुपोषितों की जानकारी जुटाकर उन्हें कुपोषण से मुक्ति के लिए उचित परामर्श एवं उपचार के लिए प्रेरित कर इस दौरान गृह आधारित नवजात देखभाल कार्यक्रम के तहत सभी लाभार्थियों के घरों पर प्रस्तावित गृह भ्रमण कर निश्चित रूप से आशा/एएनएम के माध्यम से प्रदेश सहित जिले व ब्लॉक स्तर पर साथ हीं शहरी क्षेत्रों में विशेष ध्यान देकर सघन गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पखवाडे के दौरान आंगनबाडी केद्रों पर एएनएम व चिकित्सा अधिकारी द्वारा एमसीएचएन दिवस पर स्थानीय स्तर पर उपलब्ध भोज्य पदार्थो जिनमें पर्याप्त मात्रा में आयरन व विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, उनकी जानकारी माताओं व किशोरी बालिकाओं को देकर एनीमिया को कम करने में भोजन व आयरन फोलिक एसिड के महत्व को समझाया जा रहा है। आंगनबाडी केन्द्रों पर विधालय नहीं जाने वाली किशोरी-बालिकाओं (10-19 वर्ष) की एनीमिया की शारीरिक जांच के आधार पर उचित सलाह प्रदान की जा रही है।
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