फ्लोरोसिस रोग से पीडित व्यक्तियों की पहचान कर समय पर दवाऐं उपलब्ध करवाये चिकित्सक

फ्लोरोसिस रोग से पीडित व्यक्तियों की पहचान कर समय पर दवाऐं उपलब्ध करवाये चिकित्सक

भीलवाडा, 4 दिसम्बर। मंगलवार को राष्ट्रीय फ्लोरोसिस नियंत्रण एवं रोकथाम कार्यक्रम के तहत आईएमए हॉल में आयोजित कार्यशाला में चिकित्साकर्मियों को सम्बोधित करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.सी. जीनगर ने बताया कि फ्लोराइड अधिकांशतः पीने के पानी एवं भोजन के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है। कार्यशाला के दौरान उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों को फ्लोरोसिस रोग से पीडित व्यक्तियों की क्षेत्र में पहचान कर समय पर आवश्यक दवाऐं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिये। इस दौरान उन्होंने फ्लोरोसिस रोग के लक्षण व बचाव के उपायों की जानकारी प्रदान की। कार्यशाला में सभी बीसीएमओ, दन्त चिकित्सक, एमजीएच से अस्थि रोग विशेषज्ञ, बीपीएम व मेल नर्स प्रथम व द्वितीय ने भाग लिया।
कार्यशाला के दौरान डिप्टी सीएमएचओ डॉ. घनश्याम चावला ने चिकित्साकार्मिकों से विभिन्न विभागीय कार्यक्रमों की चर्चा कर बताया कि फ्लारोसिस तीन प्रकार का होता है। दांतों के फ्लोरोसिस में दांत पीले हो जाते हैं, उन पर पीली लाइनें बन जाती है अथवा दांत सफेद धब्बेदार हो जाते हैं। अस्थि फ्लोरोसिस में घुटनों जोड़ों में दर्द, उठने बैठने में तकलीफ अथवा हड्डियों में विकृति आ जाती है। तीसरे गैर अस्थि फ्लोरोसिस होता है जिसकी पहचान करना काफी मुश्किल है। उन्होंने बताया कि फ्लोरोसिस रोग से पीडित व्यक्ति को बार बार प्यास पेशाब लगना, पेट दर्द, कब्ज, दस्त, मल में खून आना, मानसिक अवसाद, चिड़चिड़ापन, अंगुलियों में झनझनाहट आदि लक्षण देखने को मिलते हैं। उन्होंने बताया कि पीने के पानी में एक पीपीएम से अधिक फ्लोराइड की मात्रा होने पर फ्लोरोसिस रोग होता है। इसके बचाव के लिए विटामिन सी, विटामिन डी, केल्शियम एंटी ऑक्सीडेंट युक्त पदार्थों का सेवन करना चाहिए। इसके बचाव के लिए दूध, दही, छाछ, गाजर, मूली, टमाटर, आंवला, संतरा, नींबू, इमली, गुड़, अदरक, प्याज, लहसुन, अमरूद, केला, बैंगन आदि का अधिक सेवना करना चाहिए।
कार्यशाला में अति0 मुख्य चिकित्सा एवं स्वा0 अधिकारी डॉ0 मुस्ताक खान ने परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत दिये गए टारगेट समय पर पूरा करवाने के निर्देश चिकित्सा अधिकारियों को दिये। इस दौरान जिला आरसीएच अधिकारी डॉ. सी.पी. गोस्वामी ने फिल्ड में कमजोर प्रगति वाले टीकाकरण सेशन की नियमित मॉनिटरिंग कर 90 फिसदी कवरेज करवाने के निर्देश चिकित्सा अधिकारियों को दिये। इस दौरान जिला क्षय रोग नियंत्राण अधिकारी डॉ. प्रकाश शर्मा ने टीबी रोग नियंत्राण के संबंध में आवश्यक निर्देश चिकित्सा अधिकारियों को दिये। बैठक में जिला कार्यक्रम प्रबंधक योगेश वैष्णव, जिला समन्वयक मीनाक्षी कलवार, डीएनओ योगेन्द्र पालीवाल, जिला आशा समन्वयक कुलदीप शर्मा, जिला आईईसी समन्वयक अशोक प्रजापत मौजूद थे।
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