चिकित्सा संस्थानों और आंगनबाड़ी केन्द्रों से लेकर घरों तक बांटी जाएगी जिंक टेबलेट और ओआरएस

चिकित्सा संस्थानों और आंगनबाड़ी केन्द्रों से लेकर घरों तक बांटी जाएगी जिंक टेबलेट और ओआरएस

भीलवाडा, 10 मई। जिले के नौनिहालों को डायरिया से मुक्त करने के लिए ओआरएस का घोल और जिंक टेबलेट दी जाएगी। इसके लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने पूरी तैयारियां शुरू कर ली है। इसके लिए जिलेभर में गहन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा शुरू किया जाएगा।
जिले में यह दस्त नियंत्रण पखवाड़ा आगामी 28 मई से लेकर 09 जून तक चलेगा। इसको लेकर शुक्रवार को निदेशालय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से वीडियो कांफ्रेसिंग की गई। वीडियो कांफ्रेसिंग में निदेशक आरसीएच डॉ. श्रीराम मीणा ने गहन दस्त नियंत्राण पखवाड़ा के आयोजन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के सभी चिकित्सा अधिकारी माइक्रो प्लान बनाकर काम करें। इसके लिए समय रहते सभी प्रकार की तैयारियां पूरी कर ली जाए। डॉ. रोमिलसिंह, कार्यक्रम निदेशक, बाल स्वास्थ्य, एनएचएम ने सभी जिलों के प्रभारियों से जिंक टेबलेट और ओआरएस पैकेट्स की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि चिकित्सा संस्थान व आंगनबाड़ी केन्द्र स्तर तक आवश्यकतानुसार जिंक टेबलेट और ओआरएस के पैकेट्स की आपूर्ति कम नहीं होनी चाहिए इसकी सुनिश्चितता कर ली जाये।
सब सेन्टर स्तर पर बनेंगे ओआरएस-जिंक कॉर्नर - वीडियो कांफ्रेसिंग के दौरान डॉ. रोमिल सिंह ने बताया कि प्रत्येक जिला अस्पताल, सीएचसी तथा पीएचसी तथा सब सेंटर स्तर पर चिन्ह्ति स्थान पर ओआरएस कॉर्नर स्थापित किया जाएगा। उन्होंने इसे लेकर चिकित्सा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि विभागों के साथ आपसी समन्वयक स्थापित कर आईडीसीएफ पखवाड़े में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका भी सुनिश्चित कर कर अभियान को सफल बनाये। उन्होंने आशा सहयोगिनियों को इस अभियान में घर-घर तक अपनी सेवाएं सेवाऐं देने व अधिकारियों को इसकी सही मॉनिटरिंग करने व रिपोर्टिंग समय पर भिजवाने के निर्देश दिये।
वीडियो कांफ्रेसिंग के दौरान निदेशक आरसीएच डॉ. श्रीराम मीणा ने गहन दस्त नियंत्राण पखवाड़ा का प्रचार-प्रसार गांव-ढाणी तक करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि आईडीसीएफ पखवाड़े को लेकर तैयार की गई आईईसी सामग्री को सभी सरकारी चिकित्सा संस्थानों और आंगनबाड़ी केन्द्रों पर लगाया जाए ताकि लोगों को इसके बारे में जानकारी मिल सके। इसके अतिरिक्त एमसीएचएन डे और ग्रामीण स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समिति की बैठकों में भी इस पखवाड़े का पूरा प्रचार-प्रसार किया जाए। सरकारी स्कूलों में भी हाथ धुलाई का प्रशिक्षण एएनएम के माध्यम से दिया जाए। इसके लिए स्कूलों में गहन दस्त नियंत्राण और हाथ धुलाई के पोस्टर भी लगाए जाएंगे, ताकि बच्चों को स्वस्थ और स्वच्छ रखा जा सके।
एनीमिया मुक्त राजस्थान अभियान की समीक्षा- वीडियो कांफ्रेसिंग के दौरान कार्यक्रम अधिकारी, बाल स्वास्थ्य डॉ. रोमिल सिंह ने प्रदेश में संचालित एनीमिया मुक्त राजस्थान अभियान की प्रगति रिपोर्ट पर समीक्षा की। उन्होंने सभी जिलो को निर्देश दिए कि यह अभियान राज्य सरकार का जन स्वास्थ्य कल्याणकारी अभियान है, इसे हर हाल में प्रगति दी जाए। कोई भी बच्चा व गर्भवती महिला एनीमिया से ग्रसित मिले या है तो उसे नियमित रूप दवाईयां देकर इस रोग से मुक्ति दिलाई जाए।
9 अगस्त को मनाएंगे जिले में कृमि मुक्ति दिवस- वीडियो कांफ्रेसिंग में अतिरिक्त निदेशक आरसीएच डॉ. ओपी थाकन ने बताया कि नौ अगस्त में पूरे प्रदेश में विद्यालय व आंगनबाड़ी स्तर पर राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा। इसके तहत 1 से 19 साल तक के बच्चों को कृमि मुक्ति के लिए एलबेंडाजोल की दवा दी जाएगी। डॉ. थाकन ने सभी चिकित्सा अधिकारियों को इसके लिए भी पूर्व तैयारी रखने के निर्देष दिए। वीडियो कांफ्रेसिंग में जिला मुख्यालय से अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुस्ताक खान, जिला औषद्यी भंडार नियंत्राक डॉ. अशोक खटवानी सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
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