गरीब, युवा, महिला और विकास विरोधी बजट : सुनील भार्गव

गरीब, युवा, महिला और विकास विरोधी बजट : सुनील भार्गव

जयपुर, 10 जुलाई 2019। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सुनील भार्गव ने राज्य सरकार के बजट को गरीब, युवा, महिला और विकास विरोधी दिशाहीन बजट बताया है।
भार्गव ने कहा कि सरकार ने घोषणाओं का अम्बार लगाया है किन्तु अभी तक किसान ऋण माफी के 13,500 करोड़, ठेकेदारों के 40,000 करोड़ के बिलों का भुगतान बाकी है फिर अगले वर्ष का राजकोषीय घाटा 32,800 करोड़ का प्रस्तावित है। यानि सभी घोषणाएं पूरी करने हेतु सरकार को कम से कम 86,000 करोड़ के नये ऋण लेने पड़ेंगे, जो राज्य के इतिहास में सर्वाधिक होंगे।

भार्गव ने कहा कि राज्य के राजस्व को 60 प्रतिशत जीएसटी एवं केन्द्रीय करों से आता है केवल वही पर अनुमान से अधिक प्राप्ति हुई है। राज्य सरकार का आर्थिक प्रबन्धन फेल हो गया है। जहां तक खर्चों का सवाल है ब्याज पर 20,000 करोड़, तनख्वाह व पेंशन पर 50,000 करोड़ एवं 18,000 करोड़ खर्च करने के बाद अन्य नान प्लान के 30,000 करोड़ खर्च होते है। फिर सब्सिडी व पूंजीगत खर्चों के 45,000 करोड़ भी निकाल दे तो विकास के लिये मात्र 35,000 करोड़ ही बचता है।

भार्गव ने कहा कि यह सरकार अनिर्णय, यथास्थिति और आन्तरिक कलह से ग्रस्त है। जिसमें गरीबों को आयुष्मान भारत जैसी जनस्वास्थ्य योजना से राज्य को वंचित किया है। सरकार ने राजस्व बढ़ाने के नये संसाधनों से माना आँख मूँद ली है। फिर चाहे वे हैरीटेज पर्यटन हो या चिकित्सा पर्यटन हो। सरकार ने घाटे में चल रहे टैक्सटाइल व रत्न व्यवसाय के श्रमिकों की समस्याओं और किसान कर्जमाफी से आँख मूंद ली है। वहीं 25,000 युवाओं को मात्र 1 लाख का ऋण देकर मजाक किया गया है। 10 करोड़ तक के ऋणों पर उद्यमियों को ब्याज में छूट के लिये 50 करोड़ का प्रावधान भी अपर्याप्त है। कुल मिलाकर यह बजट राज्य को कर्ज के कुचक्र में फंसाने वाला है।
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