फसल कटाई के बाद खेतों में दिखा बिहार हेरी केटरपिलर

फसल कटाई के बाद खेतों में दिखा बिहार हेरी केटरपिलर

बारां 15 अप्रेल। रबी फसल की कटाई के पश्चात खेतों में बिहार हेरी केटरपिलर नजर आने पर कृषि विभाग ने किसानों को सावचेती बरतते हुए इसका उपाय करने की सलाह दी है।
उपनिदेशक कृषि विस्तार अतीष कुमार शर्मा ने बताया कि खेमें में बिहार हेरी केटरपिलर (बिहार बालदार सूंडी) देखने में आया है। जो झुंड के रूप में रहते हैं। इल्लियां प्रारम्भ में हल्के पीले रंग की होती हैं। जो बाद में भूरे रंग की हो जाती हैं। इल्लियां समूह में रहकर पर्ण को खाती हैं। जिससे पत्तियां जालीदार हो जाती हैं। लट के षरीर पर बाल होते हैं जिसको छूने से खुजली चलने लग जाती है। यह इल्ली प्रायः अरण्डी के पत्तों के नीचे की तरफ होती हैं। यह उन्हीं पत्तियों में दिखाई देती हैं जो ब्राउन या पीले कलर की होती हैं। यह एक बार में 500 से 600 अण्डे देती हैं। शर्मा ने बताया कि इसके अण्डे झुण्डों में होते हैं जो पत्तियों के नीचे पाये जाते हैं। लारवा पीले से काले बालों से ढका होता है। इसकी इल्ली मध्यम आकार की ब्राउन मुंह एवं लाल पेट की दिखती है। वर्तमान् में यह कीट सब्जी की फसल में नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिये किसान सतर्क रहें एवं रसायनों का छिडकाव करें। किसान खाली खेतों की गहरी जुताई करें। जिससे इल्ली के अण्डे एवं लारवा खत्म हो जाए। किसान को सलाह दी गई है कि आने वाली फसलों की बुवाई समय से पूर्व नहीं करें। डस्ट क्लोरपाईरिफॉस 1.5 प्रतिशत डी.पी या क्यूनाॅलफाॅस 1.5 प्रतिशत 25 कि.ग्रा. प्रति हैक्टेयर की दर से भुरकाव करें या क्लोरोपाईरिफॉस 20 ई.सी. 1.5 लीटर, या ट्राईजोफॉस 40 ई.सी. 0.8 लीटर या क्यूनॉलफॉस 25 ई.सी. 1.5 लीटर प्रति हैक्टेयर छिडकाव करें ।
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