कला, साहित्य और संस्कृति मंत्री ने किया गांधी पर्व प्रदर्शनी, एमजी एट 150 प्रदर्शनी और गांधी विरासत कागजकला का उद्घाटन

कला, साहित्य और संस्कृति मंत्री ने किया गांधी पर्व प्रदर्शनी, एमजी एट 150 प्रदर्शनी और गांधी विरासत कागजकला का उद्घाटन

जयपुर, 24 जनवरी । जवाहर कला केंद्र में आज राजस्थान के कला एवं संस्कृति मंत्री, डॉ. बी. डी. कल्ला ने एक सप्ताह चलने वाले गांधी उत्सव का उद्घाटन किया । इस उत्सव के तहत 30 जनवरी तक जेकेके की अलंकार व सुरेख कला दीर्घाओं में महात्मा गांधी पर आधारित तीन प्रदर्शनियां - गांधी पर्व प्रदर्शनी, एमजी एट 150 और गांधी विरासत कागजकला आयोजित की जा रही हैं। आज काजल सूरी द्वारा निर्देशित नाटक महात्मा इन मेकिंग का मंचन भी किया गया । इस अवसर पर जेकेके की महानिदेशक, श्रीमती किरण सोनी गुप्ता और अतिरिक्त महानिदेशक (टेक्निकल) श्री फुरकान खान, पूर्व आईएएसश्री सत्यनारायण सिंह तथा राज्य सरकार द्वारा गठित शांति एवं अहिंसा प्रकोष्ठ में सलाहकार मंडल के सदस्य श्री मनीष शर्मा सहित कला एवं संस्कृति प्रेमी, युवा बच्चे और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
गांधी की शिक्षाएं आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक
इस अवसर पर कला एवं संस्कृति मंत्री, डॉ. बी. डी. कल्ला ने प्रदर्शनियों का दौरा किया और इनमें प्रदर्शित की जा रही कलाकृतियों की सराहना की । उन्होंने कहा कि गांधी की शिक्षाएं आज की पीढ़ी के लिए उपयोगी व प्रेरणादायक हैं। जेकेके में आयोजित की जा रही ये प्रदर्शनियां राजस्थान सरकार द्वारा आयोजित किए जा रहे महात्मा गांधी के 150 वर्ष एवं राजीव गांधी के 75 वर्ष के वर्षभर चलने वाले उत्सवों का हिस्सा हैं । मंत्री ने कहा कि इनमें प्रदर्शितकी जा रही विभिन्न कलाकृतियां गांधी के जीवन व संदेशों पर आधारित हैं । डॉ. कल्ला ने प्रदर्शनी के कलाकारों व नाटक के निर्देशक को सम्मानित भीकिया।
गांधी पर्व - पेंट, ब्रश, लेंस वशेडो पपेट्स के माध्यम से कर रहे हैं महात्मा को याद
यह प्रदर्शनी महात्मा को याद करने के अनुसार डिजाइन की गई है, जिसमें समकालीन कलाकारों ने गांधी को कैनवास व सेल्युलॉइड जैसे विभिन्न माध्यमों से कैप्चर किया है । प्रदर्शनी जेकेके की अलंकार गैलरी में 30 जनवरी तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक चलेगी । यह प्रदर्शनी इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर आर्ट्स के सहयोग से लगाई गई है।
एमजी 150
यह प्रदर्शनी गांधी की मान्यताओं, विचारधाराओं के डिजिटलीकरण को दिखाने का प्रयास करती है । इसमें यह भी बताया जा रहा है कि ये नई दुनिया में कैसे विकसित हुए हैं और गांधी के विचार युवा पीढ़ियों को किस प्रकार प्रभावित करते हैं । पेपरमेशी के जरिए यह सब दर्शाया जा रहा है, जो कंवर लाल द्वारा एक माध्यम के रूप में पांच इंस्टालेशंस के जरिए प्रदर्शित किए जा रहे हैं । सुरेख गैलरी में यह प्रदर्शनी 30 जनवरी तक सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक चलेगी । चंडीगढ़ ललित कला अकादमी के सहयोग से इसका आयोजन किया जा रहा है ।
गांधी विरासत कागज कला
जया जेटली द्वारा क्यूरेट की गई गांधी विरासत कागजकला एग्जीबिशन हस्तनिर्मित वस्तुओं को समर्पित है, जो राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि के रूप में कई भारतीय लिपियों में कैलीग्राफी (सुलेख) की कला को प्रोत्साहित करती है। इसमें 11 कैलीग्राफर्स द्वारा अपनी अनूठी शैली के माध्यम से गांधी के विचारों, शब्दों, कार्यों व प्रतीकों को उकेरा गया है। यह प्रदर्शनी अलंकार आर्ट गैलरी में 30 जनवरी तक सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक जारी रहेगी। यह प्रदर्शनी इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर आर्ट्स और दस्तकारी हाट समिति के सहयोग से आयोजित की जा रही है ।
महात्मा इन मेकिंग का मंचन
काजल सूरी द्वारा निर्देशित संगीतमय नाटक महात्मा इन मेकिंग का रंगायन में मंचन किया गया । इसमें बताया गया कि दुनियाभर के लोग महात्मा गांधी की समाज के लिए उनकी विचारधाराओं व विचारों की प्रशंसा करते हैं । उनके कार्यों का बखान करने वाले भजन उनके जीवन का अभिन्न अंग बन गए हैं । इस नाटक ने दर्शकों को राष्ट्रपिता की जीवन यात्रा का सफर कराया एवं उनके जीवन की प्रमुख घटनाओं के बारे में बताया गया और गांधी के भजनों पर पारंपरिक नृत्यभी किए गए । नाटक के कलाकारों में वत्सला, गौरव, शांतनु सिंह, बृजमोहन, आस्था, राम, वरुण, रोहित आदि शामिल थे ।
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