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कलश स्थापना विधि

कलश स्थापना विधि :- नवरात्रि में कलश स्थापना देव-देवताओं के आह्वान से पूर्व की जाती है। कलशस्थापना करने से पूर्व आपको कलश और खेतरी को तैयार.....
 
 

शारदीय नवरात्रि 2018 में घटस्थापना (कलश स्थापना के मुहूर्त)

इस वर्ष 2018 में देवी दुर्गा का आगमन नाव पर होगा। और उनका प्रस्थान हाथी परहोगा। वर्ष 2018 में शारदीय नवरात्रि 10 अक्टूबर 2018, बुधवार से प्रारंभ.....
 
 

शारदीय नवरात्रि इस वर्ष 10 अक्टूबर 2018 से

नवरात्रि हिन्दू धर्म में मनाए जाने वाले पवित्र पर्वों में से एक है जिसे बड़ी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। नौ दिनों तक चलने वाला नवरात्रि.....
 
 

भूलकर भी ना करें हरतालिका तीज के दिन यह 6 काम बिल्कुल भी न करें

इस दिन जो गलतिेयों हो जाती हैं उसकी सजा अगले जन्म में भोगना पड़ती है। इसलिए इस व्रत महिलाओं को बेहद सावधानी रखना पड़ती है। भविष्य पुराण.....
 
 

जानिए हरितालिका तीज के दिन महिलाओं को इस दिन क्या करना चाहिए और क्या नहींकरना चाहिए।

हरितालिका तीज के दिन महिलाएं भूलकर भी न करें ऐसी गलती यह अत्यंत ही कठिन व्रत माना जाता है। इस में महिलाएं सुबह से दूसरे दिन तक पानी भी ग्रहण.....
 
 

जानिए हरतालिका तीज व्रत का पौराणिक महत्व

हरतालिका तीज व्रत भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। एक पौराणिक कथा के अनुसार माता पार्वती ने भगवान.....
 
 

हरतालिका तीज के व्रत की पूजन विधि

इस वर्ष 2018 में हरतालिका तीज मुहूर्त (नई दिल्ली कद लिए).. दिनांक 12 सितंबर, 2018 (बुधवार) को प्रातःकाल मुहूर्त : 06:04:17 से 08:33:31 तक कुल समयावधि : 2 घंटे 29.....
 
 

जानिए हरतालिका व्रत कब, क्यों और कैसे करें

12 सितंबर, 2018 (बुधवार) - हरतालिका तीज व्रत हिंदू धर्म में मनाये जाने वाला एकप्रमुख व्रत है। भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की तृतीया को हरतालिका तीज.....
 
 

ऐसे करें भगवान गणेश जी की आरती

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥ एकदन्त दयावन्त चार भुजाधारी, माथे पर तिलक सोहे मूसे की सवारी। (माथे पर.....
 
 

भगवान गणेश का मंत्र

ऊँ वक्रतुण्ड़ महाकाय सूर्य कोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरू मे देव, सर्व कार्येषु सर्वदा।।
 
 

जानिए गणेश विसर्जन का महत्व, विसर्जन करने का तरीका

2018 में गणेश विसर्जन गणेश चतुर्थी के त्यौहार के 11 वें दिन पर पानी में गणेश जी की मूर्ति का विसर्जन है। गणेश विसर्जन अनंत चतुर्दशी पर त्यौहार.....
 
 

पूजा प्रक्रिया, रस्में और गणेश चतुर्थी का महत्व

पूरे भारत में पूजा प्रक्रिया और अनुष्ठान क्षेत्रों और परंपराओं के अनुसार थोड़े अलग है । लोग गणेश चतुर्थी की तारीख से 2-3 महीने पहले विभिन्न.....
 
 

जानिए गणेश चतुर्थी कैसे मनाते है

गणेश चतुर्थी उत्सव की तैयारियाँ एक महीने या एक हफ्ते पहले से शुरु हो जाती है । अत्यधिक कुशल कलाकार और कारीगर गणेश चतुर्थी पर पूजा के प्रयोजन.....
 
 

जानिए गणेश चतुर्थी महोत्सव की उत्पत्ति और इतिहास

गणेश चतुर्थी के त्यौहार पर पूजा प्रारंभ होने की सही तारीख किसी को ज्ञातनहीं है, हालांकि इतिहास के अनुसार, यह अनुमान लगाया गया है कि गणेश.....
 
 

जानिए गणेश चतुर्थी महोत्सव की किंवदंतियॉं

गणेश चतुर्थी हिंदुओं का एक पारंपरिक और सांस्कृतिक त्यौहार है। यह भगवान गणेश की पूजा, आदर और सम्मान करने के लिए मनाया जाता है। भगवान गणेश.....
 
 

गणेश चतुर्थी (चौथ) 12 सितम्बर 2018 को

गणेश चतुर्थी हिंदुओं का एक सबसे महत्वपूर्ण त्यौहार है। यह हिंदू धर्म के लोगों द्वारा हर साल बहुत साहस, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जाता.....
 
 

जानिए भारतीय संस्कृति में श्राद्ध कर्म की गरिमा

भारतीय हिन्दु संस्कृति मे तीन प्रकार के ऋणों का उल्लेख है - पितृ ऋण, ऋशि ऋण व देव ऋण। शास्त्र विहित कर्मो की पुजा, वत्र, उपवासादि से देव ऋण.....
 
 

चमत्कारी पितृ स्तोत्र

मार्कंडेय पुराण (94 /3-13) में वर्णित इस चमत्कारी पितृ स्तोत्र का नियमितपाठ करने से भी पितृ प्रसन्न होकर स्तुतिकर्ता मनोकामना कि पूर्ती करते.....
 
 

किस तारीख में करना चाहिए श्राद्ध?

सरल शब्दों में समझा जाए तो श्राद्ध दिवंगत परिजनों को उनकी मृत्यु की तिथि परश्रद्धापूर्वक याद किया जाना है। अगर किसी परिजन की मृत्यु प्रतिपदा.....
 
 

क्या दिया जाता है श्राद्ध में?

श्राद्ध में तिल, चावल, जौ आदि को अधिक महत्त्व दिया जाता है। साथ ही पुराणों में इस बात का भी जिक्र है कि श्राद्ध का अधिकार केवल योग्य ब्राह्मणों.....
 
 

जानिए विभिन्न ऋण और पितृ दोष

हमारे ऊपर मुख्य रूप से 5 ऋण होते हैं जिनका कर्म न करने (ऋण न चुकाने पर) हमें निश्चित रूप से श्राप मिलता है, ये ऋण हैं : मातृ ऋण, पितृ ऋण, मनुष्य.....
 
 

जानिए पितृ दोष क्या होता है?

हमारे ये ही पूर्वज सूक्ष्म व्यापक शरीर से अपने परिवार को जब देखते हैं, और महसूस करते हैं कि हमारे परिवार के लोग ना तो हमारे प्रति श्रद्धा.....
 
 

जानिए पितर या पितृ गण कौन हैं ?

imgपितृ गण हमारे पूर्वज हैं जिनका ऋण हमारे ऊपर है, क्योंकि उन्होंने कोई ना कोई उपकार हमारे जीवन के लिए किया है | मनुष्य लोक से ऊपर पितृ लोक.....
 
 

जानिए पितृ मोक्ष अमावस्या का महत्व

imgयह श्राद्ध के महीने में आखरी दिन होता हैं, जो कि आश्विन की आमवस्या का दिनहोता हैं, इस दिन सभी तर्पण विधि पूरी करते हैं, इस दिन भूले एवम छूटे.....
 
 

जानिए कैसे करें प्रसन्न इस सर्व पितृ अमावस्या को महालय/पितृपक्ष/श्राद्धपक्ष में

हमारे हिंदू शास्त्रों के अनुसार हमारे जो पूर्वज अपने शरीर को छोड़कर चले गए हैं चाहे वे किसी भी रूप में या किसी भी लोक में हों, उनकी तृप्ति.....
 
 

जानिए पितृदोष निवारण के सरल और असरकारी उपाय

ज्योतिष में पितृदोष का बहुत महत्व माना जाता है। प्राचीन ज्योतिष ग्रंथों में पितृदोष सबसे बड़ा दोष माना गया है। इससे पीड़ित व्यक्ति का जीवन.....
 
 

यदि जन्म कुंडली में पितृ दोष हो तो घर और परिवार पर कैसा रहेगा असर

घर का मुखिया बीमार रहता है, रसोई घर के आस - पास वाली दीवारों में दरार आ जाते है । जिस घर में पितृ दोष हावी होता है उस घर से कभी भी मेहमान संतुष्ट.....
 
 

जानिए क्यों आवश्यक है श्राद्ध करना.???

हिंदू धर्म शास्त्रों में इस बात का उल्लेख है कि पितृ पक्ष में तर्पण व श्राद्ध करने से व्यक्ति के पूर्वज प्रसन्न होते हैं और उसे आशीर्वाद.....
 
 

जानिए इस वर्ष 2018 में कौन सा श्राद्ध किस दिन ओर कब करें ?

पहलाश्राद्ध (24 सितंबर 2018, सोमवार) तिथि - पूर्णिमा श्राद्धकरने का सही समय कुतुप मुहूर्त = 11:48 से 12:36 तक रौहिण मुहूर्त = 12:36 से 13:24 तक अपराह्न काल.....
 
 

जानिए महालय अमावस्या क्या है..??

पितृ पक्ष के सबसे आखिरी दिन को महालय अमावस्या के नाम से जाना जाता है. इसे सर्वपितृ अमावस्या भी कहते हैं. क्योंकि इस दिन उन सभी मृत पूर्वजों.....
 
 

जानिए आखिर श्राद्ध क्या है..??

व्यक्ति का अपने पितरों के प्रति श्रद्धा के साथ अर्पित किया गया तर्पण अर्थात जलदान पिंडदान पिंड के रूप में पितरों को समर्पित किया गया भोजन.....
 
 

आइये जाने इस वर्ष 2018 में महालय/पितृपक्ष/श्राद्ध पक्ष क्या,क्यों और कैसे मनाये..???

श्राद्ध, पूजा, महत्व, श्राद्ध की महिमा एवं विधि का वर्णन विष्णु, वायु, वराह, मत्स्य आदि पुराणों एवं महाभारत, मनुस्मृति आदि शास्त्रों में.....
 
 

क्या आप आर्थिक रुप से परेशान रहते हैं तो गुरुवार के दिन धन वृद्घ के उपाय आज माने चाहिए।

ज्योतिर्विद पण्डित दयानन्द शास्त्री ने बताया गया है कि गुरु धन का कारक ग्रहहै। जिस व्यक्ति पर गुरु की कृपा होती है उसकी आर्थिक स्थिति.....
 
 

आइये जाने गुरुवार के दिन किन कार्यों को नहीं करना चाहिए

1. भूलकर भी ना धोएं बाल - शास्त्रों के अनुसार गुरुवार के दिन महिलाओं को बाल नहीं धोने चाहिए। क्योंकि स्त्रियों की जन्मकुंडली में बृहस्पति.....
 
 

जानिए गुरुवार को क्या करें और क्या ना करें??

गुरूग्रह और गुरूवार का सम्बंध वृहस्पतिवार हफ्ते में धर्म का दिन माना जाता है। इस दिन देव गुरु बृहस्पति और भगवान् विष्णु की पूजा की जाती.....
 
 

रक्षाबंधन में रखें भद्रा का ध्यान

ज्योतिर्विद पण्डित दयानन्द शास्त्री के अनुसार राखी बांधने का सबसे शुभ समय अपराह्न का होता है जो दोपहर के बाद का समय होता है। यदि अपराह्न.....
 
 

राखी बांधने का मंत्र

राखी बांधते समय एक खास मंत्र का उच्चारण किया जाता है जो निम्नलिखित है : मंत्र : येन बद्धो बली राजा, दानवेन्द्रो महाबलः। तेन त्वां प्रतिबध्नामि,.....
 
 

जानिए 2018 में राखी कब है?

राखी, सावन माह की पूर्णिमा को मनाई जाती है। 2018 में राखी 26 अगस्त, रविवारको मनाई जाएगी। यह रहेगा राखी बांधने का शुभ मुहूर्त--- रक्षाबंधन 2018 राखी.....
 
 

जानिए बहनें राखी क्यों बांधती हैं?

रक्षाबंधन के दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं। यह प्रथाप्राचीन समय से चली आ रही है। कहा जाता है भाई की कलाई पर राखी बांधते समय.....
 
 

रक्षाबंधन की कुछ अन्य प्रचलित कहानियां

एक कथा के अनुसार ग्रीक नरेश महान सिकंदर की पत्नी ने सिकंदर के शत्रु पुरुराज की कलाई में राखी बांधी थी ताकि युद्ध में उनके पति की रक्षा हो.....
 
 

भाई-बहन का त्यौहार नहीं बल्कि विजय प्राप्ति के किया गया रक्षा बंधन है।

इस पर्व को मनाने के पीछे कहानियां हैं। ज्योतिषाचार्य पण्डित दयानन्द शास्त्री के अनुसार यदि इस पर्व की शुरुआत के बारे में देखें तो यह भाई-बहन.....
 
 

जानिए रक्षाबंधन 2018 में कब और कैसे बांधे अपने भाई को राखी

अपने भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिये हर बहन रक्षाबंधन के दिन का इंतजार करती है। श्रावण मास की पूर्णिमा को यह पर्व मनाया जाताहै। हमारे.....
 
 

जानिए केंद्र त्रिकोण सम्बन्धी राजयोग

ज्योतिषाचार्य पंडित दयानंद शास्त्री के अनुसार इसके लिए पहले हमे केंद्र स्थानो तथा त्रिकोण स्थानो को जानना पड़ेगा। केंद्र स्थान 1, 4, 7, 10 होते.....
 
 

जानिए 5 ग्रहों के दवारा बनने वाला पंचमहापुर्ष योग के बारे में

पंचमहापुर्ष योग - पंचमहापुर्ष योग 5 ग्रहों के दवारा बनने वाला योग होता है। जिसे मंगल, बुध, गुरु , शुक्र और शनि देवता कुंडली के किसी भी एक केंद्र.....
 
 

जानिए लक्ष्मी योग

लक्ष्मी योग : लग्नेश बलवान हो और भाग्येश अपने मूल त्रिकोण, उच्च या स्वराशिमें स्थित होकर केंद्रस्थ हो तो लक्ष्मी योग बनता है । इस योग वाला.....
 
 

जानिए वाहन योग, वीणा योग, पर्वत योग, काहल योग, चाप योग के बारे में

वाहन योग : - शुक्र और चन्द्र का एक साथ चतुर्थ भाव में होना या चतुर्थ भाव परया उसके स्वामी ग्रह पर दृष्टि देना प्रबल वाहन योग निर्मित करता.....
 
 

जानिए राज योग

राज योग (Raj Yoga) राजयोग किसी योग को नहीं कहा जा सकता , कुंडली में कई परिस्थितियों में राजयोग निर्मित हो सकते है , इन योग के साथ जन्म लेने वाला.....
 
 

जानिए गजकेसरी, इंद्रा योग

गजकेसरी योग - गजकेसरी योग का नाम आपने बहुत सुना होगा। जोकि ज्योतिष में बनने वाले कुछ महान राज योगों में से एक है। इसके सृजन का कार्य गुरु.....
 
 

जानिए श्रीनाथ, कलानिधि, भास्कर, मरुत, मल्लिका योग के बारे में

श्रीनाथ योग श्रीनाथ योग के साथ जन्मे लोगो पर भगवान विष्णु की विशेष कृपा होती है, इन ये लोग बहुत ही सुखी वैवाहिक जीवन व्यतीत करते है, संतान.....
 
 

जानिए कुछ धर्मकर्माधिपति योग

धर्मकर्माधिपति योग को ज्योतिषीय ग्रंथो में अत्यन्त महत्वपूर्ण योग कहा गया है , इस योग के साथ जन्मा व्यक्ति धर्म और समाजसेवा के क्षेत्र.....